201 बेटियों का हुआ बेटी जन्म गौरव सम्मान जोधपुर में 201 बेटियों का सम्मान, चावण्डा में 33 लाख के विकास कार्यों की सौगात
Tuesday, 11 Aug 2026 00:00 am

Golden Hind News

जोधपुर में 201 बेटियों का हुआ सम्मान, चावण्डा में 33 लाख रुपये के विकास कार्यों की सौगात

बेटी जन्म गौरव सम्मान समारोह में 5,100 रुपये की प्रोत्साहन राशि और प्रशस्ति पत्र देकर किया सम्मानित

जोधपुर जिले की ग्राम पंचायत चावण्डा (केरू) में सोमवार को ‘बेटी जन्म गौरव सम्मान समारोह’ आयोजित किया गया। इसके साथ ही क्षेत्र में विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास भी किया गया। कार्यक्रम ग्राम पंचायत परिसर में संसदीय कार्य, विधि एवं विधिक कार्य मंत्री श्री जोगाराम पटेल के मुख्य आतिथ्य में आयोजित हुआ।

समारोह के दौरान पंचायत क्षेत्र में सरपंच के कार्यकाल में जन्म लेने वाली 201 बालिकाओं को सम्मानित किया गया। प्रत्येक बालिका को 5,100 रुपये की प्रोत्साहन राशि और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से बेटियों के जन्म को उत्सव के रूप में मनाने और समाज में बालिकाओं के प्रति सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने का संदेश दिया गया।

पचपदरा रिफाइनरी राजस्थान के औद्योगिक विकास को देगी नई दिशा

संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पचपदरा में देश के पहले ग्रीनफील्ड एकीकृत रिफाइनरी-सह-पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन किया गया है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना देश और प्रदेश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

उन्होंने कहा कि पचपदरा रिफाइनरी राजस्थान में पेट्रोकेमिकल क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाने और औद्योगिक विकास को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण साबित होगी। इसके साथ ही रिफाइनरी से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

मंत्री ने कहा कि बड़े औद्योगिक प्रोजेक्टों के माध्यम से राजस्थान में निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे तथा स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।

जलापूर्ति को लेकर ऐतिहासिक समझौतों का जिक्र

जोगाराम पटेल ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश में पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने के लिए किए गए विभिन्न समझौतों का भी उल्लेख किया।

उन्होंने कहा कि करीब तीन दशकों से लंबित यमुना जल परियोजना के समझौते से शेखावाटी क्षेत्र के लोगों का लंबे समय से देखा जा रहा सपना पूरा होने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।

उन्होंने कहा कि पूर्वी राजस्थान के लिए रामसेतु लिंक परियोजना और पश्चिमी राजस्थान के लिए लिफ्ट कैनाल तृतीय फेज एवं जवाई पुनर्भरण परियोजना का कार्य पूरा होने के बाद आवश्यकता के अनुसार जलापूर्ति सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

मंत्री ने कहा कि जल उपलब्धता में सुधार होने से आमजन के साथ-साथ कृषि और अन्य क्षेत्रों को भी लाभ मिलेगा।

केरू में बालिकाओं को मिल रहे उच्च शिक्षा के अवसर

विधि मंत्री ने कहा कि केरू क्षेत्र की बालिकाओं को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से क्षेत्र में महाविद्यालय स्थापित किया गया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के अवसरों का विस्तार ग्रामीण एवं कस्बाई क्षेत्रों की बालिकाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि बालिकाओं को स्थानीय स्तर पर उच्च शिक्षा की सुविधा मिलने से उन्हें दूर-दराज के क्षेत्रों में जाने की आवश्यकता कम होगी और अधिक संख्या में छात्राएं उच्च शिक्षा हासिल कर सकेंगी।

मंत्री ने क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि व्यस्ततम जैसलमेर हाइवे पर लगातार यातायात रहने के कारण दुर्घटनाओं की संभावना बनी रहती है। इसे देखते हुए केरू में ट्रॉमा सेंटर की सौगात दी गई है।

उन्होंने कहा कि दुर्घटना के बाद यदि घायल व्यक्ति को समय पर उपचार मिल जाए तो कई लोगों की जान बचाई जा सकती है। ट्रॉमा सेंटर की सुविधा से क्षेत्र के लोगों के साथ-साथ जैसलमेर हाइवे से गुजरने वाले यात्रियों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।

बेटियों के जन्म को प्रोत्साहित करने की अभिनव पहल

कार्यक्रम का सबसे प्रमुख आकर्षण बेटी जन्म गौरव सम्मान समारोह रहा। मंत्री जोगाराम पटेल ने स्थानीय प्रशासक श्रीमती उमराव कंवर और भामाशाह परिवार की पहल की सराहना की।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ के विजन से प्रेरणा लेकर पंचायत क्षेत्र में सरपंच के कार्यकाल के दौरान जन्म लेने वाली बेटियों के जन्म को उत्सव के रूप में मनाने और उन्हें प्रोत्साहित करने की पहल की गई है।

उन्होंने कहा कि बेटियों के जन्म को सम्मान और गौरव से जोड़ने वाली ऐसी पहल समाज के लिए प्रेरणादायक है। इससे बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने और बालिका जन्म को लेकर सामाजिक जागरूकता बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

201 बालिकाओं को 5,100 रुपये और प्रशस्ति पत्र

समारोह के दौरान सरपंच के कार्यकाल में जन्म लेने वाली कुल 201 बालिकाओं को सम्मानित किया गया। प्रत्येक बालिका को 5,100 रुपये की प्रोत्साहन राशि के साथ प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया।

इस पहल का उद्देश्य बालिकाओं के जन्म को परिवार और समाज के लिए गौरव का विषय बनाना तथा बेटियों की शिक्षा एवं उनके उज्ज्वल भविष्य के प्रति जागरूकता पैदा करना है।

कार्यक्रम में बेटियों के सम्मान के माध्यम से यह संदेश भी दिया गया कि बालिकाएं समाज और राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उनके जन्म, शिक्षा और विकास को प्रोत्साहित करना पूरे समाज की जिम्मेदारी है।

33 लाख रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास

कार्यक्रम के दौरान ग्राम पंचायत चावण्डा में करीब 33 लाख रुपये की लागत के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास भी किया गया।

इन विकास कार्यों से क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने और ग्रामीण क्षेत्र के विकास को गति मिलने की उम्मीद है। स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों के पूरा होने से ग्रामीणों को विभिन्न सुविधाओं का लाभ मिलेगा।

कार्यक्रम में क्षेत्र के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर भी चर्चा की गई।

बेटियों के सम्मान से सामाजिक बदलाव का संदेश

चावण्डा में आयोजित बेटी जन्म गौरव सम्मान समारोह ने बेटियों के जन्म को लेकर समाज में सकारात्मक संदेश देने का प्रयास किया। बालिकाओं को आर्थिक प्रोत्साहन और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित करने से परिवारों को बेटियों के प्रति सम्मान और गौरव की भावना को मजबूत करने का संदेश मिला।

कार्यक्रम में यह भी रेखांकित किया गया कि बेटियों को बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जाने चाहिए।

चावण्डा में एक ही कार्यक्रम के दौरान बेटियों के सम्मान के साथ विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास और क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य तथा पेयजल से जुड़ी योजनाओं का उल्लेख क्षेत्र के समग्र विकास पर जोर को दर्शाता है।

कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने बेटियों के सम्मान की पहल को सराहनीय बताते हुए कहा कि ऐसी गतिविधियों से समाज में बालिका शिक्षा और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलेगा।