जयपुर को मिली 16 नई ई-बसें जयपुर को मिली 16 पीएम ई-बसों की सौगात, CM भजनलाल शर्मा ने किया शुभारंभ
Wednesday, 12 Aug 2026 00:00 am

Golden Hind News

जयपुर को मिली 16 पीएम ई-बसों की सौगात, सार्वजनिक परिवहन को मिलेगी नई रफ्तार

 राजस्थान की राजधानी जयपुर में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मंगलवार को प्रधानमंत्री ई-बस सेवा के तहत जयपुर को 16 इलेक्ट्रिक बसों की सौगात दी। शासन सचिवालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने ई-बसों की विधिवत पूजा-अर्चना की, उनका अवलोकन किया और हरी झंडी दिखाकर उन्हें रवाना किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी विजन और क्लीन मोबिलिटी की अवधारणा को साकार करने की दिशा में पीएम ई-बस सेवा महत्वपूर्ण पहल है। इलेक्ट्रिक बसें आधुनिक तकनीक पर आधारित हैं और इनके संचालन से धुएं तथा प्रदूषण में कमी लाने में मदद मिलेगी। साथ ही कम शोर के कारण शहरों में सार्वजनिक परिवहन का अनुभव भी बेहतर होगा।

उन्होंने कहा कि स्वच्छ और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन व्यवस्था वर्तमान समय की आवश्यकता है। सरकार का प्रयास है कि आमजन को सुविधाजनक, सुरक्षित और किफायती परिवहन उपलब्ध कराने के साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर पर्यावरण सुनिश्चित किया जाए।

राजस्थान के 8 शहरों में पहुंचीं 110 पीएम ई-बसें

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बताया कि राजस्थान के 8 प्रमुख शहरों में अब तक 110 पीएम ई-बसें पहुंच चुकी हैं। पीएम ई-बस सेवा के प्रथम चरण में राज्य के 8 शहरों—जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, कोटा, बीकानेर, भीलवाड़ा, अलवर और अजमेर—के लिए कुल 675 इलेक्ट्रिक बसें स्वीकृत की गई हैं।

राज्य सरकार के विशेष प्रयासों से राजस्थान के लिए अतिरिक्त 475 ई-बसें भी स्वीकृत कराई गई हैं। इस तरह प्रदेश के लिए कुल 1,150 पीएम ई-बसों की मंजूरी मिल चुकी है। आने वाले समय में इन बसों के संचालन से प्रदेश के प्रमुख शहरों में सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क को व्यापक मजबूती मिलने की उम्मीद है।

जयपुर में 16 नई इलेक्ट्रिक बसों का संचालन इसी योजना का हिस्सा है। इन बसों के माध्यम से राजधानी में सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक तकनीक से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इससे यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलने के साथ परिवहन व्यवस्था को अधिक टिकाऊ बनाने में मदद मिलेगी।

ई-बसों के संचालन के लिए तैयार हो रहा इंफ्रास्ट्रक्चर

मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल इलेक्ट्रिक बसें उपलब्ध करवाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि इनके व्यवस्थित और निर्बाध संचालन के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे का विकास भी जरूरी है। इसी दिशा में राज्य सरकार द्वारा बस स्टैंड, चार्जिंग प्वाइंट और अन्य आवश्यक सुविधाओं को विकसित किया जा रहा है।

इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के लिए पर्याप्त चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर महत्वपूर्ण है। सरकार की योजना है कि शहरों में ई-बसों की संख्या बढ़ने के साथ उनके लिए आवश्यक चार्जिंग सुविधाओं और संचालन से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर का भी विस्तार किया जाए।

इससे भविष्य में अधिक संख्या में इलेक्ट्रिक बसों को सुचारू रूप से संचालित करने में मदद मिलेगी। सार्वजनिक परिवहन को इलेक्ट्रिक मोबिलिटी से जोड़ने से पेट्रोल और डीजल आधारित परिवहन पर निर्भरता कम करने की दिशा में भी कदम आगे बढ़ेगा।

प्रदूषण कम करने में मददगार होंगी इलेक्ट्रिक बसें

राजधानी जयपुर में लगातार बढ़ते यातायात और वाहनों की संख्या के बीच प्रदूषण नियंत्रण एक महत्वपूर्ण चुनौती है। ऐसे में इलेक्ट्रिक बसों को सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में शामिल करना पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ये बसें बिना धुएं और कम आवाज के संचालित होंगी। इससे शहर के वातावरण को स्वच्छ रखने और ध्वनि प्रदूषण को कम करने में मदद मिलेगी। सार्वजनिक परिवहन में इलेक्ट्रिक बसों की हिस्सेदारी बढ़ने से भविष्य में स्वच्छ परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।

सरकार का उद्देश्य विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी प्राथमिकता देना है। पीएम ई-बस सेवा इसी सोच के अनुरूप सार्वजनिक परिवहन को क्लीन मोबिलिटी से जोड़ने का प्रयास है।

आमजन को सुगम और किफायती सफर देने पर सरकार का जोर

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार आमजन को सुगम और किफायती सफर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार का प्रयास केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों तक भी परिवहन सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि जनता से किए गए प्रत्येक वादे को पूरा करने की दिशा में सरकार लगातार काम कर रही है। इसी क्रम में ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में परिवहन सुविधा बेहतर करने के लिए हाल ही में 144 नई रोडवेज बसों का संचालन शुरू किया गया है।

नई बस सेवाओं से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को जिला मुख्यालयों और अन्य प्रमुख शहरों तक आने-जाने में सुविधा मिलेगी। शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए लोगों की सार्वजनिक परिवहन पर निर्भरता को देखते हुए रोडवेज बसों की संख्या बढ़ाना महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

रोडवेज के बेड़े में जल्द शामिल होंगी 1,000 नई बसें

मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान रोडवेज के बेड़े को भी मजबूत किया जा रहा है। आने वाले समय में रोडवेज के बेड़े में 1,000 नई बसें शामिल की जाएंगी।

सरकार का दावा है कि सकारात्मक प्रबंधन के चलते राजस्थान रोडवेज को घाटे से निकालकर फायदे में लाया गया है। साथ ही रोडवेज कर्मचारियों को समय पर वेतन उपलब्ध करवाने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।

रोडवेज के बेड़े में नई बसों की संख्या बढ़ने से पुराने वाहनों पर निर्भरता कम होगी और यात्रियों को बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। इससे प्रदेश के विभिन्न शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होने की उम्मीद है।

डबल इंजन सरकार के विकास एजेंडे का हिस्सा

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि डबल इंजन सरकार प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक, सुलभ और पर्यावरण-अनुकूल बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है। सरकार की प्राथमिकता है कि विकास योजनाओं का लाभ आमजन तक पहुंचे और परिवहन जैसी मूलभूत सुविधाओं को मजबूत किया जाए।

ई-बस सेवा को इसी व्यापक विकास एजेंडे से जोड़कर देखा जा रहा है। एक ओर जहां शहरों में आधुनिक इलेक्ट्रिक बसें उपलब्ध कराई जा रही हैं, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण क्षेत्रों में रोडवेज बस सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है।

इससे प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन के दोनों स्तरों—शहरी और ग्रामीण—को मजबूत करने की कोशिश की जा रही है।

जयपुर के परिवहन नेटवर्क को मिलेगी मजबूती

जयपुर राजस्थान का सबसे बड़ा शहर और प्रमुख पर्यटन एवं प्रशासनिक केंद्र है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, विद्यार्थी, कर्मचारी और पर्यटक सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में सार्वजनिक परिवहन के बेड़े में नई इलेक्ट्रिक बसों को शामिल करना यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण कदम है।

16 नई पीएम ई-बसों के संचालन से जयपुर के सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क को अतिरिक्त क्षमता मिलेगी। आने वाले समय में पीएम ई-बस सेवा के तहत स्वीकृत अन्य बसों के संचालन से भी शहरों में परिवहन व्यवस्था के विस्तार की संभावना है।

सरकार द्वारा बस स्टैंड और चार्जिंग प्वाइंट सहित आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किए जाने से इलेक्ट्रिक बसों के संचालन को व्यवस्थित बनाने में मदद मिलेगी।

स्वच्छ और आधुनिक राजस्थान की दिशा में कदम

राजस्थान में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने के साथ पर्यावरण संरक्षण पर जोर दिया जा रहा है। इलेक्ट्रिक बसें इस बदलाव का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इन बसों के संचालन से सार्वजनिक परिवहन को स्वच्छ ऊर्जा आधारित व्यवस्था की ओर ले जाने में मदद मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के क्लीन मोबिलिटी विजन के अनुरूप राजस्थान सरकार भी स्वच्छ और आधुनिक परिवहन व्यवस्था के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य आमजन को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ प्रदेश के विकास को नई गति देना है। ई-बस सेवा, नई रोडवेज बसों का संचालन और परिवहन इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार इसी दिशा में किए जा रहे प्रयासों का हिस्सा है।

कार्यक्रम में मौजूद रहे ये अधिकारी और मंत्री

जयपुर में आयोजित ई-बस समर्पण कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा, नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) झाबर सिंह खर्रा, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने ई-बसों का अवलोकन किया और उनके संचालन को लेकर संबंधित अधिकारियों से जानकारी ली। 16 इलेक्ट्रिक बसों के जयपुर में शामिल होने के साथ राजधानी के सार्वजनिक परिवहन को स्वच्छ, आधुनिक और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में एक और कदम आगे बढ़ा है।

राजस्थान के लिए स्वीकृत कुल 1,150 पीएम ई-बसों और रोडवेज के बेड़े में प्रस्तावित 1,000 नई बसों के साथ प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन का नेटवर्क आने वाले समय में और मजबूत होने की उम्मीद है। सरकार का जोर शहरों के साथ ग्रामीण क्षेत्रों तक बेहतर, सुगम और किफायती परिवहन सेवा पहुंचाने पर है।