
राजस्थान में ग्रामीण सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में सरकार ने 5 हजार से अधिक आबादी वाले शेष 192 गांवों और आबादी क्षेत्रों में अटल प्रगति पथ के निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण के लिए 381.91 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति जारी की है।
इस स्वीकृति के बाद प्रदेश के 28 जिलों के 192 गांवों में करीब 286 किलोमीटर सड़क निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण के कार्य किए जाएंगे। सरकार का दावा है कि इन सड़कों के निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन आसान होगा और गांवों को बाजार, स्कूल, अस्पताल, मुख्य मार्गों तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं से बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य राजस्थान के प्रत्येक गांव और आबादी क्षेत्र को बेहतर सड़क नेटवर्क से जोड़ना है, ताकि विकास का लाभ अंतिम छोर तक आसानी से पहुंच सके।
उन्होंने कहा कि सड़क महज आवागमन का माध्यम नहीं है, बल्कि यह शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, व्यापार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने वाली महत्वपूर्ण आधारभूत कड़ी है। अटल प्रगति पथ बनने से ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को आवागमन में सुविधा होगी तथा समय और परिवहन लागत में कमी आएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मजबूत सड़क नेटवर्क से किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में सुविधा होगी। विद्यार्थियों को स्कूल-कॉलेज, मरीजों को चिकित्सा संस्थानों और ग्रामीणों को विभिन्न सरकारी एवं आवश्यक सेवाओं तक पहुंचने में सहूलियत मिलेगी।
राज्य सरकार ग्रामीण आधारभूत ढांचे के विस्तार को ‘विकसित राजस्थान’ के संकल्प का महत्वपूर्ण हिस्सा मान रही है। अटल प्रगति पथ योजना के तहत सड़कों के निर्माण और सुदृढ़ीकरण से ग्रामीण इलाकों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
सरकार के अनुसार बेहतर सड़क कनेक्टिविटी से गांवों में परिवहन व्यवस्था मजबूत होगी और स्थानीय व्यापार को भी गति मिलेगी। इससे किसानों, श्रमिकों, व्यापारियों, विद्यार्थियों और आमजन को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
286 किलोमीटर सड़क निर्माण का यह काम प्रदेश के अलग-अलग जिलों में स्थानीय जरूरतों के अनुरूप किया जाएगा। इसके लिए राज्य सरकार ने 381.91 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है।
स्वीकृत कार्यों के तहत अजमेर जिले में टांटोटी, घूघरा, गनाहेड़ा, गगवाना, बिड़क्चियावास और देराठू में अटल प्रगति पथ का निर्माण होगा।
अलवर जिले के गारू, हरसाना, गढ़ी सवाईराम, बालेटा, पृथ्वीपुरा और तुलेड़ा को योजना का लाभ मिलेगा। बालोतरा में ईटवाया, कनाना, पारलू और कल्याणपुर तथा बांसवाड़ा में अरथूना और खोड़न में सड़क निर्माण किया जाएगा।
इसी तरह बारां जिले के देवरी, कस्बाथाला और पलायथा, बाड़मेर के बुरान का तला, भरतपुर के सरसैना, छौंकरवाड़ा कलां और ब्रह्मवाद, भीलवाड़ा के सहाड़ा और पारोली तथा चित्तौड़गढ़ के भोपालसागर में अटल प्रगति पथ बनाए जाएंगे।
चूरू जिले में जोगलिया, ईंयारा, शोभासर, जोगलसर, लालगढ़, कानूता और बांय को योजना में शामिल किया गया है।
दौसा जिले में उदयपुरिया, आलूदा और टोरड़ा तथा डीग जिले में सांवलसेर, गुनसारा, रारह और अवार में सड़क निर्माण होगा।
डीडवाना-कुचामन जिले के भकरी, कोलिया और घाटवा तथा डूंगरपुर जिले के पाडवा और ओबरी में भी अटल प्रगति पथ के कार्य प्रस्तावित हैं।
हनुमानगढ़ जिले में भी बड़ी संख्या में गांवों को इस योजना में शामिल किया गया है। यहां जोड़किया, किशनपुरा, मुंडा, अजीतपुरा, परलीका, कलाना, भिरानी, निनाण, मुन्सरी, डाबड़ी, बोलांवाली, खाराखेड़ा, मेहरवाला और सुरेवाला में अटल प्रगति पथ का निर्माण किया जाएगा।
इन सड़कों से ग्रामीण क्षेत्रों में मुख्य मार्गों तक पहुंच आसान होने के साथ स्थानीय परिवहन व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
जयपुर जिले के 15 गांवों को भी इस योजना का लाभ मिलेगा। इनमें भैसावा, हाथोज, हिंगोनिया, पचार, बेगस, राड़ावास, अमरसर, धानौता, बिशनगढ़, बिचून, जैतपुरा, चीथवाड़ी, अनंतपुरा, सिंगोद कलां और किशनमानपुरा शामिल हैं।
इन क्षेत्रों में सड़क कनेक्टिविटी बेहतर होने से राजधानी क्षेत्र से जुड़े ग्रामीण इलाकों में आवागमन और परिवहन सुविधाओं को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
जालोर जिले में योजना के तहत सबसे अधिक गांवों में सड़क निर्माण कार्य प्रस्तावित है। इनमें धानसा, जुंजाणी, पुनासा, दासपा, सेवड़ी, मोदरा, नरसाणा, तवाव, नांदिया, धानोल, दातवाडा, पावली, जसवंतपुरा, चौरा, रेवतड़ा, पांथेडी, ऐलाना, तिलोड़ा, दादाल, बाकरा, सांगाणा, केशवणा, कोमता, चौराऊ, बालवाडा, भैसवाडा, रायथल और गुड़ाबालोतान शामिल हैं।
झुंझुनूं जिले में बसई, संजय नगर, शिमला, कांकरिया, पपुरना, दूधवा नांगलिया, डाडा फतेहपुरा, महनसर, टांई, पांख, टोडी, छावसरी, सिगनोर, भौड़की, टीटनवाड़, बजावा, परसरामपुरा, टोडपुरा, बागोरिया की ढाणी, बसावा, चिराना और बड़वासी में सड़क निर्माण होगा।
वहीं जोधपुर जिले के हरियाढ़ाणा, पिचियाक, रियां, भटिंडा, पलासनी, बिसलपुर, गंगाणी, सोयला, नाड़सर, गजसिंहपुरा, रतकुड़िया, धुंधाड़ा, गुड़ा विश्नोइयान, फिंच, नंदवान, झंवर, बोरानाडा और डोली में अटल प्रगति पथ बनाए जाएंगे।
करौली जिले में झारेड़ा, गढ़मोरा, जहानगर मोरड़ा, नादौती, नांगल शेरपुर, शहर, कैमला और सोप को योजना में शामिल किया गया है।
खैरथल-तिजारा जिले में बाघोर तथा कोटपूतली-बहरोड़ जिले में हाथीपुरा, चतरपुरा, बनेठी, सरूंड, भौनावास, भैंसलाना और कारोली में सड़क निर्माण प्रस्तावित है।
पाली जिले के नारलाई, बिसलपुर, धानला, अटबड़ा, बांकली, दुजाना, खैरवा और गुंदोज में भी अटल प्रगति पथ बनाए जाएंगे।
फलोदी जिले में रायमलावाड़ा और जाखण, राजसमंद में कुरज और गिलूंड तथा सवाई माधोपुर में सूरवाल, खिलचीपुर और कुंडेरा में सड़क निर्माण होगा।
सीकर जिले के थोई, रेवासा, बाय, मंडा, कोछोर, गुहाला, जिलो, चला, गांवड़ी, गणेश्वर, रायपुर पाटन और बठोठ को भी अटल प्रगति पथ योजना में शामिल किया गया है।
इसके अलावा टोंक जिले के नगर, थांवला, नगरफोर्ट, सोप और आवां में भी अटल प्रगति पथ के निर्माण कार्य किए जाएंगे।
अटल प्रगति पथ के निर्माण से इन गांवों में केवल आवागमन की सुविधा ही बेहतर नहीं होगी, बल्कि इसका असर ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर भी पड़ने की उम्मीद है। बेहतर सड़कें किसानों को कृषि उपज मंडियों और बाजारों तक पहुंचने में मदद करेंगी। व्यापारियों के लिए माल का परिवहन आसान होगा और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार तथा आर्थिक गतिविधियों के नए अवसर पैदा हो सकते हैं।
विद्यार्थियों और मरीजों के लिए भी बेहतर कनेक्टिविटी महत्वपूर्ण होगी। स्कूल, कॉलेज, अस्पताल और अन्य संस्थानों तक पहुंचने में लगने वाला समय कम हो सकता है।
राज्य सरकार का यह कदम ग्रामीण क्षेत्रों को मजबूत सड़क नेटवर्क से जोड़ने और विकास की सुविधाओं को गांव-ढाणियों तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 381.91 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति से 28 जिलों के 192 गांवों में करीब 286 किलोमीटर सड़क निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण के कार्य होने से प्रदेश के ग्रामीण आधारभूत ढांचे को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।