
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस और आमजन के प्रति संवेदनशीलता की नीति के साथ काम कर रही है। भय एवं अपराध मुक्त और सुरक्षित राजस्थान के निर्माण में नवचयनित सीएलजी (Community Liaison Group) सदस्यों की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सीएलजी सदस्य पुलिस और आमजन के बीच विश्वास, संवाद और सहयोग की मजबूत कड़ी हैं।
मुख्यमंत्री गुरुवार को जयपुर के बिड़ला सभागार में आयोजित नवचयनित सीएलजी सदस्यों के आमुखीकरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि बेहतर कानून-व्यवस्था केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें समाज की सक्रिय भागीदारी भी आवश्यक है। पुलिस अपराधों की रोकथाम और कानून का पालन सुनिश्चित करने का काम करती है, वहीं समाज का सहयोग कानून-व्यवस्था को और प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सीएलजी सदस्यों को अपने क्षेत्रों में पुलिस और आमजन के बीच प्रभावी संवाद का माध्यम बनना चाहिए। आमजन की समस्याओं को समझकर उनकी बात पुलिस एवं प्रशासन तक पहुंचाने के साथ-साथ पुलिस की कार्यप्रणाली और कानून-व्यवस्था से जुड़ी जानकारी को जनता तक पहुंचाने में भी सीएलजी सदस्य सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि सीएलजी की बैठकें केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। इन्हें क्षेत्र की वास्तविक समस्याओं पर चर्चा और उनके समाधान का प्रभावी मंच बनाया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि असामाजिक तत्वों की गतिविधियों, नशे के कारोबार, महिलाओं एवं बच्चों से जुड़ी समस्याओं, यातायात व्यवस्था में परेशानी तथा सामाजिक तनाव की आशंका से संबंधित सूचनाएं समय पर पुलिस और प्रशासन तक पहुंचाना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि कई बार छोटी-सी सूचना भी किसी बड़ी घटना को रोकने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। इसलिए सीएलजी सदस्यों को अपने क्षेत्रों में सतर्क रहते हुए समाज के विभिन्न वर्गों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नशे के खिलाफ सामाजिक स्तर पर मजबूत जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता है। युवाओं को नशे से दूर रखना सरकार और समाज दोनों की जिम्मेदारी है।
उन्होंने सीएलजी सदस्यों से युवाओं, अभिभावकों और समाज के विभिन्न वर्गों के बीच नशे के दुष्प्रभावों को लेकर जागरूकता बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि महिला एवं बाल सुरक्षा, साइबर अपराध पर नियंत्रण और सामाजिक सौहार्द भी राज्य सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सीएलजी सदस्य अपने विवेक से छोटे-छोटे विवादों के निष्पक्ष समाधान का प्रयास करें। इससे पुलिस का समय गंभीर अपराधों की रोकथाम और कानून-व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों में लगाया जा सकेगा।
उन्होंने कहा कि राजस्थान में पुलिस और जनता के बीच विश्वास एवं सहयोग का रिश्ता मजबूत करना बेहद जरूरी है। इसके लिए सीएलजी सदस्यों को व्यापारियों, युवाओं, महिलाओं, शिक्षकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, वरिष्ठ नागरिकों और जनप्रतिनिधियों सहित समाज के विभिन्न वर्गों के साथ निरंतर संवाद बनाए रखना चाहिए।
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने टोंक, बाड़मेर, धौलपुर, झालावाड़, डूंगरपुर और श्रीगंगानगर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े सीएलजी सदस्यों से संवाद किया। उन्होंने सभागार में मौजूद विभिन्न जिलों के सदस्यों से भी कानून-व्यवस्था और उनकी भूमिका को लेकर चर्चा की।
सीएलजी सदस्यों ने प्रदेश में कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए। मुख्यमंत्री ने नवचयनित सदस्यों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें अपनी जिम्मेदारियों का प्रभावी ढंग से निर्वहन करने के लिए प्रेरित किया।
गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश की कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का सीएलजी सदस्यों के साथ संवाद इस दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
उन्होंने बताया कि राजस्थान में सभी प्रकार के अपराधों में 16 प्रतिशत की कमी आई है। राज्य सरकार अपराधियों को कानून के शिकंजे में लाने और आमजन को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है।
महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा ने कहा कि पुलिस और आमजन के बीच मजबूत समन्वय से सुरक्षित समाज का निर्माण संभव है। इस कार्य में सीएलजी सदस्य महत्वपूर्ण सेतु की भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने कहा कि राजस्थान पुलिस लगातार सीएलजी सदस्यों के साथ संवाद करते हुए आपराधिक गतिविधियों की रोकथाम के लिए काम कर रही है। इसी दिशा में 75 हजार से अधिक युवाओं और 22 हजार से अधिक सुरक्षा सखियों को भी जोड़ा गया है।
आमुखीकरण समारोह में सीएलजी सदस्यों को प्रस्तुतीकरण के माध्यम से उनकी भूमिका, जिम्मेदारियों और कार्य के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। विभिन्न उदाहरणों के माध्यम से यह भी बताया गया कि सीएलजी सदस्य किस प्रकार पुलिस और समाज के बीच समन्वय को मजबूत कर सकते हैं।
इस पहल का उद्देश्य सीएलजी सदस्यों को उनकी जिम्मेदारियों के प्रति अधिक सजग बनाना और स्थानीय स्तर पर पुलिसिंग में जनभागीदारी को मजबूत करना है।
कार्यक्रम में संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, अतिरिक्त मुख्य सचिव भास्कर ए. सावंत, महानिदेशक पुलिस कानून एवं व्यवस्था संजय कुमार अग्रवाल सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और 1100 से अधिक सीएलजी सदस्य उपस्थित रहे।
इसके अलावा प्रदेश के सभी ब्लॉक्स से 5000 से अधिक सीएलजी सदस्य वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े।
मुख्यमंत्री के संदेश का मुख्य फोकस पुलिस और जनता के बीच विश्वास बढ़ाने, अपराध की रोकथाम में सामाजिक भागीदारी सुनिश्चित करने, नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने तथा महिला-बाल सुरक्षा और साइबर अपराध जैसे विषयों पर सतर्कता बढ़ाने पर रहा। इन प्रयासों के जरिए राज्य सरकार सुरक्षित और अपराध मुक्त राजस्थान की दिशा में पुलिस के साथ समाज की भागीदारी को और मजबूत करने पर जोर दे रही है।