राजस्थान पुलिस की 25 महिला कार्मिक लेंगी NSG का 12 सप्ताह का कमांडो प्रशिक्षण जयपुर, 23 अगस्त 2026। राजस्थान की 25 महिला पुलिसकर्मी लेंगी NSG कमांडो ट्रेनिंग, 12 सप्ताह का प्रशिक्षण
Monday, 24 Aug 2026 00:00 am

Golden Hind News

राजस्थान पुलिस की 25 महिला कार्मिक लेंगी NSG का 12 सप्ताह का कमांडो प्रशिक्षण

 राजस्थान पुलिस के आरएसी एवं एमबीसी कैडर से चयनित 25 महिला पुलिस कार्मिकों के लिए एक महत्वपूर्ण और चुनौतीपूर्ण प्रशिक्षण अभियान शुरू होने जा रहा है। ये महिला कार्मिक राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) के प्रशिक्षण केंद्र, मानेसर (हरियाणा) में 12 सप्ताह का गहन कमांडो प्रशिक्षण प्राप्त करेंगी। प्रशिक्षण कार्यक्रम 24 अगस्त 2026 से 13 नवंबर 2026 तक चलेगा। इस दौरान महिला पुलिसकर्मियों को कमांडो ऑपरेशन, अत्याधुनिक हथियारों के उपयोग, कठिन परिस्थितियों में त्वरित निर्णय लेने और नागरिक सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं में प्रशिक्षित किया जाएगा।

प्रशिक्षण के लिए रवाना होने से पहले रविवार को पांचवीं बटालियन आरएसी, घाटगेट जयपुर के परिसर में विशेष ब्रीफिंग कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें राजस्थान पुलिस के अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस, आर्म्स बटालियन्स रूपेन्द्र सिंघ ने चयनित महिला कार्मिकों को संबोधित किया। उन्होंने प्रशिक्षण की गंभीरता और उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए जवानों का उत्साहवर्धन किया और उन्हें पूरी प्रतिबद्धता के साथ प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया।

कठोर अनुशासन और जीरो एरर पर जोर

एडीजी रूपेन्द्र सिंघ ने महिला कार्मिकों को संबोधित करते हुए कहा कि NSG का कमांडो प्रशिक्षण अत्यंत कठिन और अनुशासित प्रशिक्षण प्रक्रिया के लिए जाना जाता है। ऐसे प्रशिक्षण में शारीरिक क्षमता के साथ-साथ मानसिक दृढ़ता, धैर्य, एकाग्रता और परिस्थितियों के अनुरूप त्वरित निर्णय लेने की क्षमता भी महत्वपूर्ण होती है।

उन्होंने जवानों से प्रशिक्षण के दौरान कड़े अनुशासन, अत्याधुनिक हथियार तकनीक और ‘जीरो एरर’ की नीति को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कमांडो के रूप में कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों के लिए छोटी-सी चूक भी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में गंभीर परिणाम दे सकती है। इसलिए प्रशिक्षण के प्रत्येक चरण को पूरी गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ पूरा करना आवश्यक है।

महिला पुलिस कार्मिकों को यह प्रशिक्षण न केवल उनकी व्यक्तिगत पेशेवर क्षमता को मजबूत करेगा, बल्कि राजस्थान पुलिस की विशेष परिचालन क्षमता को भी बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

नागरिक सुरक्षा के लिए विशेष दक्षता

एडीजी रूपेन्द्र सिंघ ने कहा कि कमांडो प्रशिक्षण का मूल उद्देश्य जवानों को ऐसी दक्षता प्रदान करना है, जिससे वे कठिन और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में नागरिकों की सुरक्षा के लिए पूरी क्षमता और आत्मविश्वास के साथ कार्य कर सकें।

उन्होंने कहा कि आधुनिक समय में पुलिस के सामने सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियां लगातार बदल रही हैं। ऐसे में पुलिस बल को आधुनिक तकनीक, हथियार संचालन, रणनीतिक सोच और आपात परिस्थितियों में प्रभावी कार्रवाई के लिए लगातार प्रशिक्षित किया जाना आवश्यक है।

12 सप्ताह का यह प्रशिक्षण महिला कार्मिकों को चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों से निपटने के लिए तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से कठिन परिस्थितियों का सामना करते हुए अपने कौशल को विकसित करने का अवसर मिलेगा।

‘सर्वत्र सर्वोत्तम सुरक्षा’ का संदेश

एडीजी ने महिला कार्मिकों को “सर्वत्र सर्वोत्तम सुरक्षा” के मूल मंत्र के साथ प्रशिक्षण के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि पुलिस सेवा का सबसे महत्वपूर्ण उद्देश्य आम नागरिकों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखना है। इसके लिए पुलिसकर्मियों का दक्ष, अनुशासित और हर परिस्थिति के लिए तैयार रहना जरूरी है।

उन्होंने महिला जवानों को विश्वास दिलाया कि यह प्रशिक्षण उनके पुलिस करियर में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित हो सकता है। उन्होंने उन्हें प्रशिक्षण के दौरान पूरी मेहनत करने, प्रशिक्षकों के निर्देशों का पालन करने और प्रत्येक गतिविधि में उत्कृष्ट प्रदर्शन का प्रयास करने की प्रेरणा दी।

मानेसर के लिए रवाना हुईं 25 महिला कार्मिक

ब्रीफिंग कार्यक्रम के बाद एडीजी रूपेन्द्र सिंह ने सभी 25 महिला पुलिस कार्मिकों को राजकीय वाहनों से राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड प्रशिक्षण केंद्र, मानेसर (हरियाणा) के लिए रवाना किया। इन महिला कार्मिकों के लिए यह प्रशिक्षण पेशेवर रूप से एक महत्वपूर्ण अवसर है, क्योंकि NSG जैसे प्रतिष्ठित सुरक्षा बल के प्रशिक्षण केंद्र में कमांडो प्रशिक्षण प्राप्त करने से उन्हें उच्च स्तर की परिचालन और सामरिक दक्षताओं को सीखने का अवसर मिलेगा।

राजस्थान पुलिस में आरएसी और एमबीसी कैडर की भूमिका पहले से ही महत्वपूर्ण रही है। ऐसे में इन कैडर से चयनित महिला कार्मिकों को विशेष कमांडो प्रशिक्षण दिया जाना महिला पुलिस बल की क्षमता और भूमिका के विस्तार की दिशा में उल्लेखनीय कदम है।

आधुनिक पुलिसिंग में प्रशिक्षण की बढ़ती भूमिका

आज पुलिसिंग का स्वरूप पहले की तुलना में काफी व्यापक हो गया है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ पुलिस बल को आपातकालीन परिस्थितियों, संवेदनशील सुरक्षा चुनौतियों और अचानक उत्पन्न होने वाली घटनाओं से भी निपटना पड़ता है। ऐसे में आधुनिक प्रशिक्षण और विशेषज्ञता पुलिस बल की कार्यक्षमता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

विशेष रूप से महिला पुलिसकर्मियों की भूमिका भी लगातार बढ़ रही है। कानून-व्यवस्था, महिला एवं बाल सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन, संवेदनशील मामलों की जांच और विभिन्न विशेष अभियानों में महिला पुलिसकर्मी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा रही हैं। ऐसे में उन्हें उन्नत स्तर का कमांडो प्रशिक्षण मिलने से उनके कौशल का दायरा और व्यापक हो सकता है।

वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी

प्रशिक्षण के लिए रवाना किए जाने के अवसर पर उप महानिरीक्षक पुलिस आरएसी विनित बंसल सहित चतुर्थ एवं पांचवीं बटालियन आरएसी के कमांडेंट मौजूद रहे। वरिष्ठ अधिकारियों ने भी चयनित महिला कार्मिकों को शुभकामनाएं दीं और उम्मीद जताई कि वे प्रशिक्षण को पूरी लगन और अनुशासन के साथ पूरा करेंगी।

25 महिला कार्मिकों का चयन और उन्हें 12 सप्ताह के विशेष कमांडो प्रशिक्षण के लिए भेजा जाना राजस्थान पुलिस में महिला कार्मिकों की पेशेवर क्षमताओं को विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त अनुभव उन्हें भविष्य में अधिक चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारियों को निभाने के लिए तैयार कर सकता है।

13 नवंबर तक चलेगा प्रशिक्षण

मानेसर में शुरू होने वाला यह प्रशिक्षण 24 अगस्त से 13 नवंबर 2026 तक चलेगा। 12 सप्ताह की इस अवधि में महिला कार्मिकों को कठोर प्रशिक्षण कार्यक्रम से गुजरना होगा। उनसे शारीरिक फिटनेस, मानसिक दृढ़ता, अनुशासन, तकनीकी दक्षता और टीम के साथ समन्वय जैसी क्षमताओं के उच्च स्तर का प्रदर्शन अपेक्षित होगा।

राजस्थान पुलिस के लिए यह पहल इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि विशेष प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली इन महिला कार्मिकों के अनुभव और कौशल का उपयोग भविष्य में विभिन्न सुरक्षा और पुलिसिंग दायित्वों में किया जा सकेगा।

कुल मिलाकर, राजस्थान पुलिस की 25 महिला कार्मिकों का NSG मानेसर में 12 सप्ताह के कमांडो प्रशिक्षण के लिए जाना राज्य पुलिस बल में महिला सशक्तीकरण और पेशेवर क्षमता निर्माण की दिशा में एक उल्लेखनीय पहल है। कठोर प्रशिक्षण, आधुनिक तकनीक और अनुशासन के माध्यम से इन महिला पुलिसकर्मियों को चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में प्रभावी ढंग से कार्य करने के लिए तैयार किया जाएगा। उम्मीद है कि प्रशिक्षण पूरा करने के बाद ये कार्मिक राजस्थान पुलिस में अपने अनुभव और विशेषज्ञता के माध्यम से सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान देंगी।