कमजोर और जोखिम वाले बच्चों की समय पर पहचान कर घर पर होगा फॉलोअप अलवर और भरतपुर में पायलट आधार पर शुरू होगा समग्र शिशु बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम
Monday, 31 Aug 2026 00:00 am

Golden Hind News

प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य गायत्री राठौड़ ने बताया कि राजस्थान में छोटे बच्चों को समय पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने और उनके स्वस्थ विकास को सुनिश्चित करने के लिए समग्र शिशु बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है। भारत सरकार की पहल के तहत यह कार्यक्रम शुरुआती तौर पर अलवर और भरतपुर जिलों में पायलट आधार पर लागू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में जन्म से तीन साल तक के सभी बच्चों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। बच्चों की सेहत, पोषण और विकास की नियमित निगरानी की जाएगी। खास तौर पर ऐसे बच्चों की समय रहते पहचान की जाएगी, जिन्हें सामान्य बच्चों की तुलना में ज्यादा देखभाल या इलाज की जरूरत है।

जोखिम वाले बच्चों का घर पर नियमित फॉलोअप किया जाएगा

राठौड़ ने बताया कि कार्यक्रम के तहत बच्चों को उनकी जरूरत के अनुसार जोखिम वाले या सामान्य श्रेणी में चिन्हित किया जाएगा। जोखिम वाले बच्चों का घर पर नियमित फॉलोअप किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर उन्हें नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या बड़े अस्पताल में इलाज के लिए भेजा जाएगा। उन्होंने बताया कि इससे बच्चों की तबीयत ज्यादा बिगड़ने से पहले ही उनकी पहचान कर समय पर इलाज शुरू किया जा सकेगा। इसका उद्देश्य पांच साल से कम उम्र के बच्चों की मृत्यु दर को कम करने में मदद करना है। प्रमुख शासन सचिव ने बताया कि बच्चों की जांच और उनकी स्थिति की निगरानी के लिए आशा कार्यकर्ताओं को ‘शैशव ऐप’ की सुविधा दी जाएगी। ऐप के जरिए आशा कार्यकर्ता बच्चों की जानकारी दर्ज कर सकेंगी और यह समझने में मदद मिलेगी कि किस बच्चे को ज्यादा ध्यान या इलाज की जरूरत है।

ऐप के माध्यम से स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को समय पर सूचना और अलर्ट मिल सकेंगे

उन्होंने बताया कि बच्चे को अस्पताल भेजे जाने के बाद उसका फॉलोअप भी किया जा सकेगा। जरूरत होने पर ऐप के माध्यम से स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को समय पर सूचना और अलर्ट मिल सकेंगे। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार द्वारा महाराष्ट्र में आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला में एसएसबीएसके की पायलट कार्ययोजना, उसके आकलन तथा केन्द्र, राज्य एवं सहयोगी संस्थाओं की भूमिका पर भी चर्चा की गई। राजस्थान की ओर से परियोजना निदेशक , बाल स्वास्थ्य डॉ. प्रदीप चौधरी ने पायलट इम्प्लीमेंटेशन प्लान एवं पार्टनर्स एंगेजमेंट से संबंधित पैनल चर्चा में भाग लिया और राजस्थान का प्रस्तुतीकरण दिया ।