
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शुक्रवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर पूंछरी का लौठा स्थित ऐतिहासिक श्रीनाथजी मंदिर में पहुंचकर विधिवत पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री ने अपनी धर्मपत्नी के साथ मंदिर में दर्शन किए और प्रदेश की सुख-शांति, खुशहाली एवं समृद्धि के लिए प्रार्थना की।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर मुकुट मुखारविंद मंदिर में भगवान श्री गिरिराज जी का विधिवत अभिषेक भी किया। उन्होंने धार्मिक विधि-विधान के साथ पूजा संपन्न करते हुए प्रदेशवासियों के सुख, शांति और समृद्ध जीवन की कामना की।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पूंछरी का लौठा पहुंचे। यहां उन्होंने ऐतिहासिक श्रीनाथजी मंदिर में दर्शन कर पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री के मंदिर पहुंचने पर धार्मिक वातावरण भक्तिमय हो गया।
मुख्यमंत्री ने भगवान श्रीनाथजी के समक्ष विधिवत पूजा की और प्रदेश में शांति एवं समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षाएं समाज को धर्म, सत्य, कर्तव्य और सद्भाव के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं।
मुख्यमंत्री ने जन्माष्टमी के इस पावन अवसर को प्रदेशवासियों के लिए मंगलमय बताते हुए सभी के सुखी एवं स्वस्थ जीवन की कामना की।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मुकुट मुखारविंद मंदिर में भगवान श्री गिरिराज जी का अभिषेक किया। धार्मिक परंपराओं के अनुसार पूजा-अर्चना करते हुए उन्होंने भगवान से राजस्थान में निरंतर शांति, खुशहाली और विकास की कामना की।
पूंछरी का लौठा ब्रज क्षेत्र से जुड़ा महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है और यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान श्री गिरिराज जी के दर्शन एवं पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। जन्माष्टमी के अवसर पर मंदिरों में विशेष धार्मिक आयोजन किए गए।
मुख्यमंत्री ने धार्मिक आस्था के साथ पूजा-अर्चना करते हुए प्रदेश की जनता के कल्याण की प्रार्थना की।
इस अवसर पर प्रदेश सरकार में गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म भी मौजूद रहे। इसके अलावा विधायक डॉ. शैलेश सिंह, बहादुर सिंह कोली और नौक्षम चौधरी सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं प्रमुख नागरिक भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों ने भी धार्मिक आयोजन में भाग लिया और भगवान श्री गिरिराज जी एवं श्रीनाथजी के दर्शन किए।
मुख्यमंत्री ने पूजा-अर्चना के दौरान राजस्थान की जनता के लिए सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। उन्होंने कहा कि धार्मिक पर्व समाज में आपसी भाईचारे, प्रेम और सद्भाव को मजबूत करने का संदेश देते हैं।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में देशभर में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई जाती है। इस अवसर पर मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, अभिषेक और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
मुख्यमंत्री का पूंछरी का लौठा पहुंचना भी इसी धार्मिक अवसर से जुड़ा रहा। उन्होंने मंदिर में पूजा-अर्चना कर राजस्थान की खुशहाली के लिए प्रार्थना की।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा श्रीनाथजी मंदिर और मुकुट मुखारविंद मंदिर में की गई पूजा-अर्चना के दौरान प्रदेश के कल्याण को प्राथमिकता दी गई। उन्होंने भगवान श्री गिरिराज जी से राजस्थान में शांति और समृद्धि बनाए रखने की प्रार्थना की।
मुख्यमंत्री के साथ उनकी पत्नी भी मौजूद रहीं। दोनों ने मंदिर में विधिवत दर्शन एवं पूजा-अर्चना की। इस दौरान उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं प्रमुख नागरिकों ने भी धार्मिक कार्यक्रम में भाग लिया।
जन्माष्टमी के अवसर पर आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम में श्रद्धा और आस्था का माहौल देखने को मिला। मुख्यमंत्री ने भगवान श्रीकृष्ण और श्री गिरिराज जी के दर्शन कर प्रदेशवासियों को पावन पर्व की शुभकामनाएं दीं और सभी के मंगलमय जीवन की कामना की।