राज्य में निजी औद्योगिक पार्कों के विकास को मिलेगी गति राजस्थान में तीन निजी औद्योगिक पार्क के लिये 552 एकड़ भूमि आवंटित होगी
Wednesday, 16 Sep 2026 00:00 am

Golden Hind News

राजस्थान में निजी औद्योगिक पार्कों के विकास को गति देने तथा निवेशकों के लिए अनुकूल औद्योगिक वातावरण तैयार करने की दिशा में राज्य सरकार की राजस्थान औद्योगिक पार्क प्रोत्साहन नीति-2026 महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। नीति के तहत मॉडल-ए में औद्योगिक पार्क विकसित करने के लिए निवेशकों का अच्छा रुझान देखने को मिला है। दिनांक 15 सितंबर, 2026 को आयोजित ई-बिड प्रक्रिया के पश्चात् दौसा, बालोतरा और धौलपुर में लगभग 552 एकड़ भूमि निजी औद्योगिक पार्क विकसित करने के लिए आवंटित किए जाने का रास्ता प्रशस्त हो गया है  वहीं इन निजी औद्योगिक पार्कों में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

भूमि आवंटित किए जाने के बाद संबंधित क्षेत्रों में औद्योगिक पार्क विकसित किए जाएंगे

निजी औद्योगिक पार्क विकसित करने के लिए लैंड पार्सल प्राप्त करने हेतु निवेशकों से दिनांक 27 अगस्त से 8 सितंबर, 2026 तक ईएमडी जमा कर ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए थे। ई-बिड प्रक्रिया में दौसा के राजाहेड़ा, गुड़ा आशीकपुरा एवं नूरपुर के लिए 7, बालोतरा के वेदरलाई के लिए 5 तथा धौलपुर के बिजौली के लिए 2 उद्यमियों ने भाग लिया।  ई-बिड में सफल निजी विकासकर्ता को भूमि आवंटित किए जाने के बाद संबंधित क्षेत्रों में औद्योगिक पार्क विकसित किए जाएंगे। इन पार्कों में सड़क, जलापूर्ति, विद्युत, ड्रेनेज, वर्षा जल संचयन, स्ट्रीट लाइटिंग सहित अन्य आवश्यक आधारभूत सुविधाओं का विकास निजी विकासकर्ता की जिम्मेदारी होगी। इसके अतिरिक्त, निर्धारित शर्तों के अनुसार औद्योगिक पार्कों में सीईटीपी के लिए ग्रीन इंसेंटिव, कॉमन यूटिलिटी सेंटर तथा प्लग-एंड-प्ले कार्यालय जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। 

राजस्थान में विश्वस्तरीय औद्योगिक वातावरण के निर्माण के लिए उत्कृष्ट बुनियादी ढांचे के विकास, संसाधनों के प्रभावी उपयोग और समावेशी औद्योगिक विकास पर विशेष जोर दिया जा रहा है। राजस्थान औद्योगिक पार्क प्रोत्साहन नीति-2026 के तहत मॉडल-ए में लैंड पार्सल्स के लिए निवेशकों की बढ़ती भागीदारी प्रदेश में औद्योगिक निवेश के प्रति बढ़ते विश्वास को दर्शाती है। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि राजस्थान निवेशकों के लिए एक आकर्षक औद्योगिक निवेश गंतव्य के रूप में उभर रहा है तथा निजी औद्योगिक पार्कों के विकास में उद्यमियों की रुचि लगातार बढ़ रही है।

इन औद्योगिक पार्कों के विकसित होने से प्रदेश में आने वाले समय में निवेश, औद्योगिक गतिविधियों और रोजगार के नए अवसरों के विस्तार की संभावना है।