मुख्य सचिव की अध्यक्षता में 18वीं स्टेट ब्रॉडबैंड कमेटी की बैठक आयोजित सीमांत व दूरदराज क्षेत्रों तक हाई-स्पीड डिजिटल कनेक्टिविटी पहुंचाना सर्वोच्च प्राथमिकता
Friday, 18 Sep 2026 00:00 am

Golden Hind News

शासन सचिवालय में शुक्रवार को मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में 18वीं स्टेट ब्रॉडबैंड कमेटी की बैठक आयोजित हुई। बैठक में प्रदेशभर में डिजिटल बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण, केंद्र सरकार की पूंजीगत निवेश विशेष सहायता योजना 2026-27 के तहत किए जाने वाले सुधारों, दूरसंचार राइट ऑफ वे नियम-2024 के क्रियान्वयन एवं 4G सेचुरेशन परियोजना की विस्तृत समीक्षा की गई।

मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश के दूरदराज, जनजातीय एवं अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे गांवों (वाइब्रेंट विलेज) तक डिजिटल सेवाओं व निर्बाध इंटरनेट कनेक्टिविटी की पहुंच सुनिश्चित करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि कनेक्टिविटी के अभाव में आमजन को सरकारी योजनाओं व डिजिटल सेवाओं के लाभ से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा।

आर ओ डब्लू सुधारों व सिंगल विंडो सिस्टम को गति देने के निर्देश

मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने निर्देश दिए कि 1 जनवरी 2025 से प्रभावी नए आर ओ डब्लू नियमों को राज्य के सभी नगरीय निकायों, निगमों व सार्वजनिक उपक्रमों द्वारा 30 सितंबर तक अनिवार्य रूप से अंगीकृत किया जाए। बैठक में बताया गया कि 7 प्रमुख विभाग पहले ही राज्य आर ओ डब्लू पोर्टल से जुड़ चुके हैं तथा शेष संस्थाओं का एकीकरण भी शीघ्र पूर्ण किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऑफलाइन आवेदनों की व्यवस्था पूर्णतः समाप्त कर सभी प्रक्रियाएं स्टेट आर ओ डब्लू पोर्टल के माध्यम से पारदर्शी ढंग से संचालित हों।

विशेष सहायता योजना के तहत 150 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन लक्ष्य

बैठक के दौरान बताया गया कि वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग की विशेष सहायता योजना के तहत 31 मार्च 2026 तक के सभी बकाया आर ओ डब्लू आवेदनों का शत-प्रतिशत निस्तारण किया जा चुका है। मुख्य सचिव ने आर ओ डब्लू अनुमतियों के औसत निस्तारण समय को 45 दिन से कम (वर्तमान औसत लगभग 32 दिन) बनाए रखने पर संतोष व्यक्त किया तथा शेष औपचारिकताओं यथा संशोधित भारतनेट परियोजना एडेंडम का निष्पादन एवं ऊर्जा विभाग द्वारा कॉमन एप्लीकेशन फॉर्म व समेकित बिलिंग व्यवस्था को समयबद्ध रूप से लागू करने के निर्देश दिए, ताकि राज्य को 150 करोड़ रुपए की संपूर्ण प्रोत्साहन राशि प्राप्त हो सके।

4G सेचुरेशन: भूमि आवंटन में तेजी लाएं जिला कलेक्टर

दूरसंचार विभाग द्वारा वित्तपोषित 4G सेचुरेशन परियोजना की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि जिन जिलों — विशेषकर उदयपुर, बीकानेर, बाड़मेर, जैसलमेर में मोबाइल टावरों हेतु राजस्व भूमि आवंटन लंबित है, वहां जिला कलेक्टर व्यक्तिगत रुचि लेकर इसका शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती जिलों (बाड़मेर, श्रीगंगानगर आदि) के अनकवर्ड गांवों को सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर नेटवर्क से जोड़ा जाए।

उद्योग जगत की समस्याओं का व्यावहारिक समाधान करने के निर्देश

बैठक में दूरसंचार सेवा प्रदाताओं द्वारा उठाए गए मुद्दों पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए मुख्य सचिव ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि स्थानीय निकायों द्वारा अस्वीकृत आवेदनों की प्रोसेसिंग फीस लौटाए जाने पर विचार किया जाए, स्मार्ट मीटरिंग व समूह बिलिंग प्रक्रिया को सुगम बनाया जाए, तथा मोबाइल टावर स्थापना पर बिना विधिक सुनवाई अथवा आधारहीन शिकायतों पर एकतरफा रोक न लगाई जाए ऐसे प्रकरणों का निस्तारण जिला कलेक्टर स्तर पर आर ओ डब्लू नियमों व दिशा-निर्देशों के अनुरूप ही किया जाए। उन्होंने स्मार्ट सिटी डक्ट व नगरपालिका क्षेत्रों में केबल बिछाने के शुल्कों को व्यावहारिक व मानकीकृत रखने के भी निर्देश दिए, ताकि आधारभूत ढांचे का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित हो सके।

बैठक में सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग के शासन सचिव रवि कुमार सुरपुर, सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग के आयुक्त हिमांशु गुप्ता, दूरसंचार विभाग के प्रतिनिधि, ऊर्जा, पंचायती राज विभाग, जयपुर मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड, राजस्थान पर्यटन विकास निगम, राजस्थान आवासन मंडल, राजस्थान परिवहन विभाग, राजस्थान पुलिस इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड व राजस्व विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे, जबकि सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया एवं डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोवाइडर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी वीसी के माध्यम से बैठक से जुड़े