GST सर्वे में 160 लाख की संभावित कर देनदारी GST विभाग की बड़ी कार्रवाई: 7 प्रतिष्ठानों पर सर्वे, 159.95 लाख की संभावित कर देनदारी
Monday, 21 Sep 2026 00:00 am

Golden Hind News

जीएसटी विभाग की बड़ी कार्रवाई: 7 प्रतिष्ठानों पर सर्वे, करीब 160 लाख रुपए की संभावित कर देनदारी सामने आई

70.59 लाख रुपए की स्वैच्छिक कर जमा राशि, अनियमित ITC, बिना बिल कारोबार, फर्जी बिलिंग और स्टॉक में गड़बड़ियों पर कार्रवाई

राजस्थान में जीएसटी राजस्व में अनियमितताओं और कर अपवंचना के खिलाफ वाणिज्यिक कर विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। विभाग की ओर से चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत 18 सितंबर 2026 को प्रदेश के विभिन्न जिलों में करदाताओं के व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का सर्वे एवं निरीक्षण किया गया। इस दौरान कुल 7 प्रतिष्ठानों में प्रथम दृष्टया करीब 159.95 लाख रुपए की संभावित कर देनदारी सामने आई है।

कार्रवाई के दौरान संबंधित करदाताओं ने कुल 70.59 लाख रुपए की राशि स्वैच्छिक रूप से जमा कराई है। विभागीय अधिकारियों ने कई मामलों में महत्वपूर्ण दस्तावेज, खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड, स्टॉक संबंधी कागजात और अन्य अभिलेख भी जब्त किए हैं। सभी मामलों में विस्तृत जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद वास्तविक कर देनदारी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

कर अपवंचना और फर्जी बिलिंग के खिलाफ विशेष अभियान

वाणिज्यिक कर विभाग की ओर से जीएसटी राजस्व में होने वाली अनियमितताओं पर निगरानी रखने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य कर चोरी, अपात्र इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के उपयोग, बिना वास्तविक माल की आपूर्ति के टैक्स इनवॉइस जारी करने और बिना बिल के कारोबार जैसी गतिविधियों पर अंकुश लगाना है।

विभागीय अधिकारियों के निरीक्षण में अलग-अलग कारोबार से जुड़े प्रतिष्ठानों में स्टॉक, टर्नओवर, खरीद-बिक्री, आईटीसी और टैक्स संबंधी रिकॉर्ड की जांच की गई। कई मामलों में मौके पर उपलब्ध दस्तावेजों और वास्तविक स्टॉक का मिलान किया गया।

विभाग के अनुसार, कार्रवाई के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर संबंधित करदाताओं से स्वैच्छिक कर जमा राशि प्राप्त हुई है। हालांकि, इन मामलों में अंतिम कर देनदारी का निर्धारण विस्तृत जांच के बाद ही किया जाएगा।

1. जयपुर: प्रथम मोबिटल प्राइवेट लिमिटेड के यहां ITC की जांच

जयपुर स्थित प्रथम मोबिटल प्राइवेट लिमिटेड के विरुद्ध ब्लॉक क्रेडिट एवं इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) रिवर्सल से संबंधित मामलों की जांच के लिए निरीक्षण कार्रवाई की गई।

विभागीय जांच में प्रथम दृष्टया करीब 21.60 लाख रुपए की संभावित कर देनदारी सामने आई। इसके विरुद्ध करदाता की ओर से कुल 4.74 लाख रुपए जमा कराए गए हैं। इसमें 1 लाख रुपए आईटीसी के रूप में और 3.74 लाख रुपए नकद राशि शामिल है।

अधिकारियों द्वारा प्रतिष्ठान की पुस्तकों, खरीद बिलों और अन्य व्यावसायिक अभिलेखों की विस्तृत जांच की जा रही है। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

2. अजमेर: Arsh Fashion Couture LLP में स्टॉक की अनियमितता

अजमेर स्थित M/s Arsh Fashion Couture LLP के यहां टेक्सटाइल कारोबार से संबंधित स्टॉक और टर्नओवर में संभावित अनियमितताओं की जांच की गई।

निरीक्षण के दौरान भौतिक स्टॉक का सत्यापन किया गया। इसमें घोषित स्टॉक की तुलना में अधिक स्टॉक पाया गया। विभागीय अधिकारियों ने मौके से लूज पेपर, रजिस्टर, नोटबुक और अन्य संबंधित रिकॉर्ड जब्त किए हैं।

इस मामले में प्रथम दृष्टया करीब 15 लाख रुपए की संभावित कर देनदारी सामने आई। इसके विरुद्ध करदाता ने 10.90 लाख रुपए की स्वैच्छिक कर राशि जमा कराई है।

विभाग अब जब्त किए गए दस्तावेजों और कारोबारी रिकॉर्ड का मिलान कर रहा है, ताकि वास्तविक स्टॉक, टर्नओवर और कर देनदारी की स्थिति स्पष्ट हो सके।

3. डीडवाना-कुचामन: बिना उचित बिल खरीद-बिक्री की जांच

बोरावड़, डीडवाना-कुचामन स्थित M/s Vinod Kumar Agarwal के प्रतिष्ठान पर भी विभागीय कार्रवाई की गई। यहां खाद्य तेल, चीनी, गुड़, चावल, पोहा और मसालों के कारोबार में कर अपवंचना की आशंका के आधार पर सर्वे किया गया।

अधिकारियों ने बिना उचित बिल के खरीद-बिक्री तथा कर देनदारी के समायोजन से संबंधित तथ्यों की जांच की। इस दौरान कारोबार से जुड़े दस्तावेजों और लेन-देन के रिकॉर्ड की पड़ताल की गई।

मामले में करीब 7 से 8 लाख रुपए की संभावित कर देनदारी सामने आई। इसके विरुद्ध करदाता की ओर से 6.50 लाख रुपए नकद जमा कराए गए हैं।

विभाग द्वारा इस मामले में भी रिकॉर्ड की विस्तृत जांच की जा रही है। जांच के बाद ही वास्तविक कर देनदारी का निर्धारण किया जाएगा।

4. केकड़ी: Vijay Manufacturing Industries में टर्नओवर की जांच

केकड़ी स्थित Vijay Manufacturing Industries में आयरन गुड्स, वेल्ड मेश, बार्ब्ड वायर और बेड आदि के निर्माण से जुड़े कारोबार की जांच की गई।

विभाग को प्रतिष्ठान में कम कैश रेशियो और टर्नओवर छिपाने की आशंका के संबंध में जानकारी मिली थी। इसके आधार पर सर्वे कार्रवाई की गई। निरीक्षण के दौरान मौके पर उपलब्ध भौतिक स्टॉक और व्यावसायिक दस्तावेजों को रिकॉर्ड में लिया गया।

इस मामले में करदाता की ओर से 15 लाख रुपए की स्वैच्छिक राशि जमा कराई गई है। विभाग अब कारोबार से संबंधित दस्तावेजों, स्टॉक और लेन-देन के रिकॉर्ड की जांच कर रहा है।

जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

5. किशनगढ़: Ranka Tiles में रद्द GST पंजीयन वाले सप्लायर्स से खरीद की जांच

किशनगढ़ स्थित Ranka Tiles के मामले में रद्द किए जा चुके जीएसटी पंजीयन वाले सप्लायर्स से खरीद और उससे संबंधित इनपुट टैक्स क्रेडिट की जांच की गई।

विभागीय कार्रवाई के दौरान करीब 15.85 लाख रुपए की संभावित कर देनदारी सामने आई। इसके विरुद्ध करदाता ने 8.45 लाख रुपए नकद जमा कराए हैं।

अधिकारियों द्वारा सप्लायर्स के जीएसटी पंजीयन, खरीद संबंधी दस्तावेजों और आईटीसी के दावों की जांच की जा रही है। विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि संबंधित खरीद और इनपुट टैक्स क्रेडिट के दावे जीएसटी नियमों के अनुरूप थे या नहीं।

6. हनुमानगढ़: Jeet Trailers में ITC अनियमितताओं की पड़ताल

हनुमानगढ़ स्थित Jeet Trailers के यहां ट्रेलर निर्माण इकाई में खरीद और इनपुट टैक्स क्रेडिट से संबंधित अनियमितताओं की जांच की गई।

विभागीय अधिकारियों ने पिछले तीन वर्षों के दौरान 100 प्रतिशत आईटीसी के उपयोग से जुड़े तथ्यों की भी जांच शुरू की है। कार्रवाई के दौरान पंचनामा तैयार किया गया और प्रतिष्ठान से संबंधित रिकॉर्ड की पड़ताल की गई।

इस मामले में करदाता की ओर से 25 लाख रुपए जमा कराए गए हैं। विभाग द्वारा खरीद, आईटीसी दावों और अन्य संबंधित दस्तावेजों की जांच जारी है।

जांच पूरी होने के बाद ही मामले में वास्तविक कर देनदारी और आगे की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होगी।

7. कोटा: Gulab Traders में बिना वास्तविक आपूर्ति के टैक्स इनवॉइस का मामला

कोटा स्थित Gulab Traders के यहां बिना वास्तविक माल की आपूर्ति के टैक्स इनवॉइस जारी किए जाने से संबंधित मामले में कार्रवाई की गई।

विभागीय जांच में प्रथम दृष्टया ऐसे इनवॉइस जारी किए जाने के तथ्य सामने आए, जिनके पीछे वास्तविक माल की आपूर्ति नहीं होने की आशंका जताई गई है। इस मामले में करीब 40 लाख रुपए की संभावित कर देनदारी सामने आई है।

फिलहाल इस प्रतिष्ठान की ओर से कोई स्वैच्छिक कर जमा राशि प्राप्त नहीं हुई है। विभाग द्वारा टैक्स इनवॉइस, खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड और वास्तविक माल की आपूर्ति से संबंधित दस्तावेजों की जांच की जा रही है।

अधिकारियों के अनुसार, मामले में आगे की जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद संबंधित प्रावधानों के तहत आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

दस्तावेजों और ITC रिकॉर्ड की जांच जारी

वाणिज्यिक कर विभाग ने स्पष्ट किया है कि सभी 7 मामलों में पुस्तकों, खरीद-बिक्री के अभिलेखों, स्टॉक, इनपुट टैक्स क्रेडिट और अन्य संबंधित दस्तावेजों की विस्तृत जांच की जा रही है।

सर्वे के दौरान सामने आए प्रारंभिक तथ्यों के आधार पर संभावित कर देनदारी का आकलन किया गया है। हालांकि, वास्तविक कर देनदारी का निर्धारण जांच पूरी होने के बाद किया जाएगा।

विभाग यह भी जांच करेगा कि संबंधित करदाताओं द्वारा लिए गए आईटीसी दावे नियमों के अनुरूप थे या नहीं और क्या कारोबार में टैक्स इनवॉइस तथा खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड सही तरीके से दर्ज किए गए हैं।

CGST और RGST एक्ट के तहत होगी आगे की कार्रवाई

विभाग के अनुसार, जांच के दौरान सामने आने वाली वास्तविक कर देनदारी के आधार पर CGST/RGST Act के प्रावधानों के तहत आगामी कार्रवाई की जाएगी।

यदि जांच में कर अपवंचना, गलत आईटीसी का दावा या अन्य जीएसटी अनियमितताएं प्रमाणित होती हैं, तो संबंधित प्रावधानों के अनुसार कर, ब्याज, जुर्माना या अन्य वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि, किसी भी मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

जीएसटी राजस्व में पारदर्शिता पर जोर

वाणिज्यिक कर विभाग की इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि विभाग कारोबार में होने वाली कर संबंधी अनियमितताओं पर निगरानी बढ़ा रहा है। बिना बिल कारोबार, फर्जी बिलिंग, गलत आईटीसी दावे और स्टॉक में गड़बड़ियों की जांच के जरिए जीएसटी राजस्व की सुरक्षा पर जोर दिया जा रहा है।

18 सितंबर को की गई इस कार्रवाई में 7 प्रतिष्ठानों से जुड़े मामलों में प्रारंभिक स्तर पर करीब 159.95 लाख रुपए की संभावित कर देनदारी सामने आने की जानकारी दी गई है। वहीं, 70.59 लाख रुपए की स्वैच्छिक कर जमा राशि प्राप्त हुई है।

आने वाले दिनों में विस्तृत जांच के परिणामों के आधार पर इन मामलों में वास्तविक कर देनदारी और विभागीय कार्रवाई की तस्वीर स्पष्ट होगी।