
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि आने वाले समय में खैरथल-तिजारा राजस्थान ही नहीं, बल्कि देश के प्रमुख औद्योगिक केंद्र के रूप में अपनी पहचान बनाएगा। दिल्ली-एनसीआर से नजदीकी, भिवाड़ी औद्योगिक क्षेत्र और बेहतर कनेक्टिविटी के कारण यह क्षेत्र तेजी से विकसित हो रहा है। राज्य सरकार खैरथल-तिजारा में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार, सुगम परिवहन और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री सोमवार को खैरथल में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने अलवर, खैरथल-तिजारा और कोटपूतली-बहरोड़ क्षेत्र के विकास के लिए 117 करोड़ रुपए की लागत वाले 95 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया।
मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के विकास को गति देने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि रामजल सेतु लिंक परियोजना के तहत नीमराना बांध पर कार्य शुरू किया जाएगा। इसके अलावा 45 मीटर मास्टर प्लान रोड के विकास का काम शुरू होगा।
तिजारा से हरियाणा सीमा स्थित फिरोजपुर तक सड़क सुदृढ़ीकरण किया जाएगा। पेयजल एवं विद्युत व्यवस्था को मजबूत करने के लिए PHED में अधिशासी अभियंता का नया पद सृजित करने तथा JVVNL का नया अधिशासी अभियंता कार्यालय स्थापित करने की घोषणा भी की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने सहकारिता क्षेत्र में भ्रष्टाचार को समाप्त कर गांव-गांव और ग्राम पंचायत स्तर तक सहकारी समितियों को सक्रिय किया है। इसके परिणामस्वरूप करीब 10 लाख नए सदस्य सहकारिता से जुड़े हैं।
उन्होंने बताया कि पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश में दूध उत्पादन 34 लाख लीटर प्रतिदिन से बढ़कर 47 लाख लीटर प्रतिदिन हो गया है। किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के साथ राज्य सरकार की ओर से भी अतिरिक्त सम्मान निधि उपलब्ध कराई जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के कौशल विकास और रोजगार के अवसर बढ़ाने के साथ महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। प्रदेश में युवाओं को 1.90 लाख सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं, जबकि 1.22 लाख पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है।
लखपति दीदी योजना के तहत महिला लाभार्थियों की संख्या करीब 11 लाख से बढ़कर 19 लाख हो गई है। वहीं 57 हजार से अधिक स्वयं सहायता समूहों को जोड़ा गया है और उन्हें 928 करोड़ रुपए के ऋण उपलब्ध कराए गए हैं।
छात्राओं के लिए स्कूटी योजना और छात्रों के लिए यूनिफॉर्म की राशि भी सीधे बैंक खातों में हस्तांतरित की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राजस्थान में चार महत्वपूर्ण जल समझौते हुए हैं। इनमें रामजल सेतु लिंक परियोजना, यमुना जल समझौता, नर्मदा जल समझौता और किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना शामिल हैं।
जल जीवन मिशन के तहत प्रदेश के 15 लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों को नल से जल उपलब्ध कराया गया है। बिजली क्षेत्र में भी बड़े स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं और प्रदेश के 26 जिलों में किसानों को दिन के समय बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में काम हुआ है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने क्षेत्र में 72 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया। इनमें पुस्तकालय, पार्क, गौशाला, किसान सेवा केंद्र और खेल मैदान सहित सड़क नेटवर्क को मजबूत करने से जुड़े कार्य शामिल हैं।
इसके अलावा सड़क, शिक्षा और अन्य आवश्यक सुविधाओं से जुड़ी 23 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण किया गया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में अब तक 10 हजार किलोमीटर मिसिंग लिंक सड़कें बनाई गई हैं। वहीं 327 अटल प्रगति पथों के लिए 813 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 282 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं।
दिल्ली-हरियाणा क्षेत्र से प्रस्तावित RRTS को बहरोड़ और आगे कोटपूतली तक विस्तारित करने की दिशा में भी कार्रवाई चल रही है।
केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में खैरथल क्षेत्र की आवश्यकताओं को पूरा करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। जिला मुख्यालय, मेडिकल कॉलेज, स्टेडियम और बस स्टैंड जैसी सुविधाओं के विकास के साथ भिवाड़ी के औद्योगिक विकास को पूरे खैरथल क्षेत्र से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है।
वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संजय शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार ने राजस्थान की सभी 200 विधानसभा क्षेत्रों में विकास के लिए बजट उपलब्ध कराया है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा घोषित अधिकांश परियोजनाएं पूर्णता की ओर हैं और कई नई परियोजनाओं का शिलान्यास किया जा रहा है।
कार्यक्रम में विधायक महंत बालकनाथ, सुखवंत सिंह, कुलदीप धनकड़, हंसराज पटेल और देवी सिंह शेखावत, अलवर मेयर सुमनलता अग्रवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।