गांधी जयंती पर CM भजनलाल ने किया बापू और शास्त्री जी को नमन गांधी जयंती पर CM भजनलाल शर्मा ने महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री को किया नमन, गांधी सर्किल पर राज्यपाल के साथ अर्पित की पुष्पांजलि
Friday, 02 Oct 2026 00:00 am

Golden Hind News

गांधी जयंती पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अर्पित की पुष्पांजलि, शास्त्री जी को भी किया नमन

 राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर राजस्थान में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शुक्रवार को शासन सचिवालय में महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने दोनों महान नेताओं के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया।

गांधी जयंती और लाल बहादुर शास्त्री जयंती के अवसर पर शासन सचिवालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में राम धुन का भी आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कार्यक्रम में शामिल होकर ‘वैष्णव जन तो तेने कहिये’ और ‘रघुपति राघव राजा राम’ सहित अन्य भजनों का श्रवण किया। इस दौरान सचिवालय के अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद रहे।

शासन सचिवालय में मुख्यमंत्री ने किया महापुरुषों को नमन

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा शुक्रवार सुबह शासन सचिवालय पहुंचे। यहां उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लिया।

मुख्यमंत्री ने दोनों महान नेताओं के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। गांधी जयंती के अवसर पर आयोजित राम धुन कार्यक्रम में गांधीजी के प्रिय भजनों की प्रस्तुति हुई। ‘वैष्णव जन तो तेने कहिये’ और ‘रघुपति राघव राजा राम’ जैसे भजनों के माध्यम से महात्मा गांधी के सत्य, अहिंसा और मानवता के संदेश को याद किया गया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के देश के लिए योगदान को याद किया। दोनों नेताओं ने स्वतंत्रता आंदोलन और देश के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। गांधीजी ने सत्य और अहिंसा के माध्यम से स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा दी, वहीं लाल बहादुर शास्त्री ने सादगी, अनुशासन और देशसेवा की मिसाल पेश की।

गांधी सर्किल पर राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने की पुष्पांजलि

इसके बाद राज्यपाल हरिभाऊ बागडे और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जेएलएन मार्ग स्थित गांधी सर्किल पहुंचकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी तथा पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की।

गांधी सर्किल पर आयोजित कार्यक्रम में स्कूली छात्राओं ने राम धुन की प्रस्तुति दी। छात्राओं की प्रस्तुति के दौरान वातावरण गांधीजी के प्रिय भजनों से गूंज उठा। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने भी दोनों महापुरुषों को श्रद्धापूर्वक याद किया।

गांधी जयंती हर वर्ष 2 अक्टूबर को मनाई जाती है। यह दिन महात्मा गांधी के जन्मदिवस के साथ-साथ देश में अहिंसा, स्वच्छता और सामाजिक जिम्मेदारी के संदेश को आगे बढ़ाने के अवसर के रूप में भी मनाया जाता है।

कार्यक्रम में कई वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद

गांधी सर्किल पर आयोजित कार्यक्रम में राज्य सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचन्द बैरवा, सांसद मंजू शर्मा और जयपुर के महापौर सुनील कोठारी भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

इसके अलावा मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा सहित वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित रहे। सभी ने महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धांजलि अर्पित की।

कार्यक्रम के दौरान गांधीजी के विचारों और उनके बताए मार्ग को याद किया गया। महात्मा गांधी ने सत्य और अहिंसा को अपने जीवन का आधार बनाया और इन्हीं मूल्यों के माध्यम से देशवासियों को स्वतंत्रता आंदोलन से जोड़ने का कार्य किया।

महात्मा गांधी के विचार आज भी प्रासंगिक

महात्मा गांधी का जीवन सत्य, अहिंसा, स्वदेशी और सामाजिक समानता जैसे विचारों पर आधारित रहा। उन्होंने समाज के कमजोर और वंचित वर्गों के उत्थान पर विशेष जोर दिया। गांधीजी का मानना था कि समाज में बदलाव केवल कानूनों से नहीं बल्कि लोगों की सोच और व्यवहार में परिवर्तन से भी आता है।

गांधी जयंती के अवसर पर देशभर में उनके विचारों को याद किया जाता है। राजस्थान में भी विभिन्न स्थानों पर गांधीजी को श्रद्धांजलि देने के साथ स्वच्छता और सामाजिक जागरूकता से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

गांधीजी के प्रिय भजनों की प्रस्तुति भी गांधी जयंती कार्यक्रमों का महत्वपूर्ण हिस्सा रहती है। जयपुर के गांधी सर्किल पर आयोजित कार्यक्रम में स्कूली छात्राओं ने राम धुन प्रस्तुत कर कार्यक्रम को विशेष स्वरूप दिया।

लाल बहादुर शास्त्री को भी किया याद

2 अक्टूबर को ही देश के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती भी मनाई जाती है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गांधीजी के साथ शास्त्री जी को भी श्रद्धांजलि अर्पित की।

लाल बहादुर शास्त्री देश के दूसरे प्रधानमंत्री रहे। उनका सार्वजनिक जीवन सादगी, ईमानदारी और अनुशासन के लिए जाना जाता है। उन्होंने देश के कठिन दौर में नेतृत्व की जिम्मेदारी संभाली और राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी।

शास्त्री जी का ‘जय जवान, जय किसान’ का नारा आज भी देश में व्यापक रूप से याद किया जाता है। इस नारे के माध्यम से उन्होंने देश की सुरक्षा और कृषि क्षेत्र में योगदान देने वाले लोगों के महत्व को रेखांकित किया था।

राम धुन से गूंजा गांधी सर्किल

गांधी जयंती के कार्यक्रम में स्कूली छात्राओं द्वारा प्रस्तुत राम धुन ने कार्यक्रम में आध्यात्मिक और शांतिपूर्ण वातावरण बनाया। ‘वैष्णव जन तो तेने कहिये’ और ‘रघुपति राघव राजा राम’ जैसे भजनों का संबंध महात्मा गांधी के जीवन और उनके विचारों से रहा है।

शासन सचिवालय में भी मुख्यमंत्री ने राम धुन कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने भजनों का श्रवण किया और गांधीजी के विचारों को याद किया।

गांधी जयंती के अवसर पर आयोजित ऐसे कार्यक्रम नई पीढ़ी को देश के स्वतंत्रता आंदोलन और महान नेताओं के योगदान से जोड़ने का माध्यम भी बनते हैं। स्कूली छात्राओं की प्रस्तुति के जरिए कार्यक्रम में युवाओं की भागीदारी भी देखने को मिली।

स्वच्छता और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश

गांधी जयंती के अवसर पर स्वच्छता का संदेश भी विशेष रूप से दिया जाता है। महात्मा गांधी ने अपने जीवन में स्वच्छता को महत्वपूर्ण स्थान दिया था। उनका मानना था कि स्वच्छ समाज और स्वच्छ वातावरण स्वस्थ जीवन के लिए जरूरी है।

जयपुर सहित प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में गांधी जयंती के अवसर पर स्वच्छता से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। सार्वजनिक स्थानों को साफ रखने, कचरा निर्धारित स्थान पर डालने और आसपास स्वच्छता बनाए रखने के लिए लोगों को जागरूक किया जाता है।

राज्य स्तर पर आयोजित कार्यक्रम में भी गांधीजी के विचारों को याद करते हुए उनके बताए मूल्यों को जीवन में अपनाने का संदेश दिया गया।

मुख्यमंत्री ने दी श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शासन सचिवालय और गांधी सर्किल पर महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धांजलि अर्पित की। राज्यपाल हरिभाऊ बागडे के साथ गांधी सर्किल पर पुष्पांजलि कार्यक्रम में शामिल होकर मुख्यमंत्री ने दोनों महापुरुषों को नमन किया।

कार्यक्रम में मौजूद जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर गांधीजी के सत्य और अहिंसा के विचारों तथा शास्त्री जी के सादगी और देशसेवा के जीवन से प्रेरणा लेने का संदेश सामने आया।

2 अक्टूबर का दिन देश के इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। एक ही दिन महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री की जयंती होने के कारण देशभर में दोनों नेताओं को याद किया जाता है। जयपुर में आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से भी राज्य सरकार और प्रशासन ने दोनों महापुरुषों को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके योगदान को याद किया।