नारी शक्ति सम्मेलन में CM भजनलाल की सौगातें नारी शक्ति सम्मेलन में CM भजनलाल की बड़ी सौगातें: महिलाओं के लिए योजनाओं का किया बखान, 27 हजार से ज्यादा लाभार्थियों को ₹150 करोड़ DBT
Monday, 05 Oct 2026 00:00 am

Golden Hind News

नारी शक्ति सम्मेलन: महिलाओं को सशक्त बनाकर आत्मनिर्भर राजस्थान बनाने पर जोर, CM भजनलाल बोले- मातृशक्ति की भागीदारी से साकार होगा विकसित राजस्थान का संकल्प

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि महिलाएं केवल परिवार का अभिन्न हिस्सा नहीं, बल्कि परिवार, समाज और राष्ट्र निर्माण की मजबूत आधारशिला हैं। महिलाओं का सम्मान और उनका आर्थिक, सामाजिक एवं शैक्षणिक सशक्तीकरण किसी भी विकसित समाज की पहचान है। उन्होंने कहा कि मातृशक्ति की प्रतिबद्धता, मेहनत और सामूहिक शक्ति के बल पर राजस्थान को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सक्षम प्रदेश बनाया जा सकता है।

मुख्यमंत्री शनिवार को जयपुर के यूनिवर्सिटी कॉमर्स कॉलेज में आयोजित नारी शक्ति सम्मेलन एवं संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में प्रदेशभर से बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुईं। विभिन्न जिलों की महिलाएं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भी कार्यक्रम से जुड़ीं।

भारतीय संस्कृति में नारी शक्ति का विशेष स्थान

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति में प्राचीन काल से ही नारी शक्ति को सम्मान दिया गया है। हमारे यहां शक्ति, ज्ञान और समृद्धि की प्रतीक के रूप में मां दुर्गा, मां सरस्वती और मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के संघर्ष, साहस, आत्मविश्वास और संकल्प की कहानियां समाज में बदलाव की प्रेरणा देती हैं।

उन्होंने लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर के कुशल प्रशासन और न्यायप्रियता का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका जीवन आज भी महिलाओं के लिए प्रेरणादायक है। इसी प्रकार रानी लक्ष्मीबाई का साहस और देश के लिए बलिदान आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देता रहेगा। सावित्रीबाई फुले ने महिला शिक्षा की जो अलख जगाई, उसका प्रभाव आज पूरे देश में दिखाई देता है।

राजस्थान की वीर नारियों का किया स्मरण

मुख्यमंत्री ने राजस्थान की वीर और महान महिलाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश की धरती पर मीरा बाई, पन्नाधाय, हाड़ी रानी, कालीबाई और अमृता देवी जैसी महान नारियों ने त्याग, भक्ति, साहस और बलिदान की मिसाल कायम की।

उन्होंने कहा कि भक्त शिरोमणि मीराबाई ने अपनी कृष्ण भक्ति से राजस्थान को गौरवान्वित किया। पन्नाधाय ने अपने पुत्र का बलिदान देकर स्वामीभक्ति और कर्तव्यनिष्ठा का अद्वितीय उदाहरण पेश किया। हाड़ी रानी ने मातृभूमि की रक्षा के लिए साहस का परिचय दिया, जबकि वीर बाला कालीबाई ने अपने गुरु की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया।

मुख्यमंत्री ने पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में अमृता देवी के योगदान को भी याद किया। उन्होंने कहा कि इन महान महिलाओं का जीवन आज भी समाज को साहस, त्याग और कर्तव्य के रास्ते पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।

मोदी सरकार की योजनाओं से महिलाओं को मिला लाभ

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पिछले वर्षों में महिला सशक्तीकरण को नई दिशा मिली है। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, स्वच्छ भारत मिशन और जल जीवन मिशन जैसी योजनाओं ने महिलाओं के दैनिक जीवन को आसान बनाया है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार शुरू करने के लिए ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। वहीं लखपति दीदी योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के माध्यम से महिलाओं के स्वास्थ्य और मातृत्व से जुड़ी जरूरतों को मजबूती मिली है। इसके अलावा नारी शक्ति वंदन अधिनियम के जरिए महिलाओं को नेतृत्व और राजनीतिक भागीदारी के अधिक अवसर देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है।

राजस्थान में महिलाओं के लिए कई योजनाएं

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान सरकार ने पिछले पौने तीन वर्षों में महिलाओं और बालिकाओं के कल्याण के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले किए हैं। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की सहायता राशि को 5 हजार रुपये से बढ़ाकर 6,500 रुपये किया गया है।

मा वाउचर योजना के तहत अब तक 5 लाख 74 हजार सोनोग्राफी कूपन जारी किए जा चुके हैं। वहीं पात्र परिवारों को 450 रुपये में रसोई गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जा रहा है।

बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए प्रदेश में 13 लाख 85 हजार साइकिलों का वितरण किया गया है। कालीबाई उच्च शिक्षा स्कूटी योजना और देवनारायण छात्रा स्कूटी योजना के तहत करीब 46 हजार स्कूटियां वितरित की जा चुकी हैं।

19 लाख महिलाओं को पेंशन का लाभ

मुख्यमंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री एकल नारी सम्मान पेंशन योजना के तहत करीब 19 लाख पेंशनर्स को अब तक 8,866 करोड़ रुपये की पेंशन राशि दी जा चुकी है।

वहीं लाडो प्रोत्साहन योजना के तहत गरीब परिवारों में बालिका के जन्म पर 1.50 लाख रुपये का सेविंग बॉण्ड दिया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य बालिकाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य और भविष्य को सुरक्षित बनाना है।

1.22 करोड़ महिलाओं और बालिकाओं को मुफ्त सैनिटरी नैपकिन

महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़ी योजनाओं का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की करीब 1 करोड़ 22 लाख महिलाओं और बालिकाओं को हर माह 12 सैनिटरी नैपकिन निशुल्क उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं, शिशु पालना गृह कार्यकर्ताओं और साथिनों के मानदेय में पिछले तीन वर्षों में प्रत्येक वर्ष 10 प्रतिशत की वृद्धि की गई है।

26 लाख से अधिक महिलाओं को लखपति दीदी का प्रशिक्षण

मुख्यमंत्री ने कहा कि लखपति दीदी योजना के तहत 26 लाख से अधिक महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इनमें से करीब 20 लाख महिलाएं लखपति दीदी की श्रेणी में आ चुकी हैं।

उन्होंने कहा कि महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता केवल उनके परिवार की स्थिति बदलने तक सीमित नहीं रहती, बल्कि इससे पूरे समाज और प्रदेश की अर्थव्यवस्था मजबूत होती है।

लाभार्थी महिलाओं से मुख्यमंत्री ने किया संवाद

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं की लाभार्थी महिलाओं से सीधे संवाद किया और उनके अनुभव जाने। महिलाओं ने बताया कि सरकारी योजनाओं के माध्यम से उन्हें रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक सहायता के अवसर मिले हैं।

इससे पहले मुख्यमंत्री ने राजीविका की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं द्वारा तैयार किए जा रहे विभिन्न उत्पादों की जानकारी ली। संवाद कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री लाभार्थी महिलाओं के बीच पहुंचे और उनसे आत्मीय बातचीत की।

60 एम्बुलेंस और 185 ऑटो टिपर को दिखाई हरी झंडी

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने लाभार्थियों को कई बड़ी सौगातें भी दीं। उन्होंने एनएचएम के तहत 60 एम्बुलेंस, 9 आर्टिकुलेटिंग वाटर टावर और 185 ऑटो टिपर को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

इसके अलावा लखपति दीदियों को स्कूटी की चाबियां वितरित की गईं। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के लाभार्थियों को मकानों की चाबियां भी सौंपी गईं।

मुख्यमंत्री ने 27 हजार से अधिक लाभार्थियों को 150 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की। वहीं मुख्यमंत्री मातृत्व पोषण योजना के तहत 29,222 लाभार्थियों को 8.79 करोड़ रुपये की राशि डीबीटी के जरिए दी गई।

महिला स्वयं सहायता समूहों को करोड़ों रुपये के ऋण

कार्यक्रम में राजस्थान महिला निधि के तहत मुख्यमंत्री लखपति दीदी ऋण योजना के अंतर्गत 3,274 लखपति दीदियों को 25 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया गया।

वित्तीय समावेशन के तहत 2,823 स्वयं सहायता समूहों को 93 करोड़ रुपये का ऋण दिया गया। मुख्यमंत्री ने स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को प्रतीकात्मक चेक भी सौंपे।

इसके साथ ही 3,300 स्वयं सहायता समूहों को 25 करोड़ रुपये की आजीविका संवर्धन राशि से लाभान्वित किया गया।

विकसित राजस्थान के संकल्प में महिलाओं की अहम भूमिका

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान की मातृशक्ति में अपार क्षमता है। महिलाओं की मेहनत, प्रतिबद्धता और सामूहिक शक्ति प्रदेश को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत और विकसित राजस्थान के संकल्प को पूरा करने में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी बेहद जरूरी है। सरकार की योजनाओं का उद्देश्य महिलाओं को केवल सरकारी सहायता उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि उन्हें आत्मविश्वासी, आत्मनिर्भर और निर्णय लेने में सक्षम बनाना है।

उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा, ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज राज्य मंत्री ओटाराम देवासी, सांसद मंजू शर्मा, विधायक गोपाल शर्मा, महेंद्रपाल मीणा, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास सहित वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी और संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े।