
राजस्थान की राजधानी जयपुर में सड़क चौड़ीकरण और अतिक्रमण हटाने को लेकर जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई शुरू की। न्यू सांगानेर रोड पर सुबह से ही जेडीए का प्रवर्तन दस्ता जेसीबी मशीनों और भारी पुलिस जाब्ते के साथ पहुंचा और सड़क सीमा में आ रहे अवैध निर्माणों को हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी। पहले दिन 50 से ज्यादा मकान-दुकानों के बाहर बने रैंप, सीढ़ियां, रेलिंग, फुटपाथ, टिनशेड और बाउंड्री वॉल को तोड़ा गया।
जेडीए की यह कार्रवाई गुर्जर की थड़ी चौराहे से शुरू हुई। अधिकारियों के अनुसार गुर्जर की थड़ी से सोडाला तिराहे तक करीब 3 किलोमीटर के हिस्से में सड़क चौड़ीकरण किया जाना है। इस पूरे क्षेत्र में करीब 260 अवैध निर्माण और अतिक्रमण चिह्नित किए गए हैं। फिलहाल कार्रवाई के पहले चरण में करीब एक किलोमीटर क्षेत्र को लिया गया है।
न्यू सांगानेर रोड की निर्धारित चौड़ाई करीब 100 फीट है। हालांकि, कई जगहों पर सड़क सीमा में अतिक्रमण और अवैध निर्माण के कारण सड़क की वास्तविक चौड़ाई घटकर करीब 40 से 60 फीट तक रह गई है। इससे यातायात व्यवस्था प्रभावित होने के साथ सड़क पर जाम की समस्या भी बनी रहती है।
इसी को देखते हुए जेडीए की ओर से सड़क सीमा में आने वाले निर्माणों की मार्किंग की गई थी। सोमवार सुबह जेडीए की टीम ने चिह्नित हिस्सों में कार्रवाई शुरू की। सड़क सीमा में आने वाले फुटपाथ, रैंप, सीढ़ियां, रेलिंग, चबूतरे, टिनशेड और बाउंड्री वॉल को हटाया गया।
कई स्थानों पर दुकानों और मकानों का कुछ हिस्सा भी सड़क सीमा में आने की बात सामने आई। ऐसे स्थानों पर निर्माण को हटाने की कार्रवाई की गई। वहीं, कुछ व्यापारियों ने जेडीए की कार्रवाई से पहले ही अपने स्तर पर निर्माण हटाना शुरू कर दिया था।
जेडीए की कार्रवाई को देखते हुए मौके पर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए। कार्रवाई के दौरान विरोध की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। गुर्जर की थड़ी से न्यू सांगानेर रोड पर संजीवनी हॉस्पिटल की तरफ जाने वाला रास्ता भी बंद किया गया और यातायात को डायवर्ट किया गया।
कार्रवाई शुरू होने के बाद मौके पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और व्यापारी जमा हो गए। पुलिस और जेडीए अधिकारियों ने लोगों से समझाइश की। जेडीए की ओर से लगातार यह कहा गया कि पहले से की गई मार्किंग और सड़क सीमा के दायरे में आने वाले निर्माणों को ही हटाया जा रहा है।
जेडीए की कार्रवाई का स्थानीय व्यापारियों ने विरोध भी किया। व्यापारियों का कहना है कि त्योहारी सीजन के दौरान इस तरह की कार्रवाई से उनके कारोबार पर सीधा असर पड़ेगा। दुकानों के बाहर बने निर्माण हटाए जाने और रास्ते बंद होने से ग्राहकों की आवाजाही भी प्रभावित हो सकती है।
कुछ व्यापारियों ने कहा कि वे प्रशासन की कार्रवाई का विरोध इसलिए कर रहे हैं क्योंकि इससे उनकी रोजी-रोटी प्रभावित होने की आशंका है। व्यापारियों की मांग है कि कम से कम त्योहारों के दौरान उन्हें राहत दी जाए और कार्रवाई को कुछ समय के लिए टाला जाए।
हालांकि, दूसरी ओर कई व्यापारियों ने खुद भी सड़क सीमा में आ रहे निर्माणों को हटाना शुरू कर दिया। कार्रवाई के दौरान कई दुकानदार सामान को सुरक्षित स्थानों पर ले जाते हुए नजर आए। कुछ लोगों ने जेसीबी पहुंचने से पहले ही रैंप, चबूतरे और अन्य निर्माण हटाने शुरू कर दिए थे।
जेडीए की कार्रवाई के दौरान एक दुकान के ऊपर बनी टिनशेड को हटाया जा रहा था। इस दौरान दुकान के अंदर मौजूद व्यापारी को बाहर निकलने के लिए कहा गया, लेकिन वह काफी देर तक दुकान के अंदर ही खड़ा रहा।
इसके अलावा कई दुकानों के बाहर बने रैंप और सीढ़ियों को जेसीबी की मदद से हटाया गया। सड़क सीमा में आने वाली बाउंड्री वॉल और फुटपाथ भी तोड़े गए। कार्रवाई के दौरान मौके पर बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे और पूरे घटनाक्रम को देखते रहे।
जेडीए की कार्रवाई के दौरान सिविल लाइंस विधायक गोपाल शर्मा भी अपने समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने कार्रवाई और जेडीए की ओर से की गई मार्किंग को लेकर सवाल उठाए।
गोपाल शर्मा ने कहा कि सोमवार को करीब एक किलोमीटर क्षेत्र में सड़क सीमा पर किए गए अतिक्रमण को हटाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बड़े निर्माणों को तोड़ने के बजाय फिलहाल सड़क सीमा में आए अतिक्रमण को हटाया जाना चाहिए।
विधायक ने जेडीए की मार्किंग को लेकर भी आपत्ति जताई। उनका कहना है कि कुछ जगहों पर गलत तरीके से मार्किंग की गई है और इसको लेकर स्थानीय लोगों में विवाद है। उन्होंने बताया कि जनता की आपत्तियों को मुख्यमंत्री और यूडीएच मंत्री तक पहुंचाया गया है।
गोपाल शर्मा ने जेडीए की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि कोई निर्माण अवैध था तो उसे पहले ही रोका जाना चाहिए था। उनका कहना है कि वर्षों से रह रहे लोगों के निर्माण को तोड़ने से पहले उनके हितों का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि जिन लोगों के निर्माण प्रभावित हो रहे हैं, उन्हें उचित मुआवजे का मुद्दा भी देखा जाना चाहिए।
न्यू सांगानेर रोड पर चल रही कार्रवाई का संबंध राजस्थान हाईकोर्ट के निर्देशों से भी बताया जा रहा है। जेडीए को 6 अक्टूबर को कोर्ट में कार्रवाई की पालना रिपोर्ट पेश करनी है। ऐसे में रिपोर्ट पेश करने से ठीक पहले शुरू हुई यह कार्रवाई काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
जेडीए की ओर से सड़क चौड़ीकरण के लिए पहले ही संबंधित क्षेत्रों में मार्किंग की गई थी। अधिकारियों का कहना है कि मार्किंग के आधार पर ही सड़क सीमा में आने वाले निर्माणों को हटाया जा रहा है।
जेडीए के प्रवर्तन अधिकारी इस्लाम खान के अनुसार, कार्रवाई के दौरान कई लोगों ने आपत्तियां दर्ज कराई हैं। अधिकारियों का कहना है कि जिन आपत्तियों पर पहले से सुनवाई नहीं हुई है, उन पर सुनवाई के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पहले दिन करीब 50 से ज्यादा मकान-दुकानों के अवैध हिस्से हटाए जाने के बाद अब आने वाले दिनों में कार्रवाई का दायरा बढ़ने की संभावना है। जेडीए के रिकॉर्ड के अनुसार न्यू सांगानेर रोड के करीब 3 किलोमीटर हिस्से में लगभग 260 निर्माण चिह्नित किए गए हैं।
हालांकि, स्थानीय लोगों और व्यापारियों की आपत्तियों के कारण आगे की कार्रवाई को लेकर भी स्थिति महत्वपूर्ण रहेगी। प्रशासन और जेडीए के सामने एक तरफ हाईकोर्ट के निर्देशों की पालना करने की जिम्मेदारी है, तो दूसरी तरफ प्रभावित व्यापारियों और स्थानीय निवासियों की आपत्तियों को सुनना भी जरूरी होगा।
फिलहाल न्यू सांगानेर रोड पर जेडीए की कार्रवाई के कारण इलाके में हलचल बनी हुई है। पुलिस की मौजूदगी में सड़क सीमा में आने वाले अतिक्रमण हटाए जा रहे हैं और यातायात को भी नियंत्रित किया जा रहा है।
न्यू सांगानेर रोड जयपुर के प्रमुख मार्गों में शामिल है। इस सड़क पर बड़ी संख्या में वाहन और स्थानीय लोगों की आवाजाही होती है। सड़क की चौड़ाई कम होने और जगह-जगह अतिक्रमण के कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित होती रही है।
जेडीए की योजना के अनुसार सड़क को 100 फीट चौड़ा करने के बाद यातायात व्यवस्था में सुधार होने की उम्मीद है। हालांकि, सड़क चौड़ीकरण की प्रक्रिया के दौरान प्रभावित दुकानदारों और मकान मालिकों के सामने अपने निर्माण और कारोबार को लेकर बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।
अब सभी की नजर इस बात पर है कि 6 अक्टूबर को हाईकोर्ट में जेडीए की ओर से क्या पालना रिपोर्ट पेश की जाती है और उसके बाद न्यू सांगानेर रोड पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई किस दिशा में आगे बढ़ती है।