
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शारदीय नवरात्र स्थापना के अवसर पर रविवार, 11 अक्टूबर 2026 को मुख्यमंत्री निवास स्थित मां राज राजेश्वरी मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने सपत्नीक माता रानी की पूजा कर प्रदेशवासियों की खुशहाली, सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना की। उन्होंने नवरात्र के पावन पर्व पर प्रदेश के सभी नागरिकों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं भी दीं।
मुख्यमंत्री निवास में आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम के दौरान मां राज राजेश्वरी की पूजा-अर्चना की गई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री निवास के अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद रहे। नवरात्र के पहले दिन मुख्यमंत्री द्वारा की गई पूजा-अर्चना का उद्देश्य प्रदेश की सुख-शांति और आमजन की खुशहाली की कामना करना रहा।
शारदीय नवरात्र की स्थापना के अवसर पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा अपनी पत्नी के साथ मुख्यमंत्री निवास स्थित मां राज राजेश्वरी मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना कर माता रानी के समक्ष प्रदेशवासियों के सुखी और समृद्ध जीवन की कामना की।
भारतीय परंपरा में नवरात्र का पर्व धार्मिक आस्था और भक्ति का विशेष अवसर माना जाता है। इन नौ दिनों में श्रद्धालु मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की पूजा करते हैं। मंदिरों में विशेष धार्मिक आयोजन होते हैं और घरों में भी घट स्थापना के साथ पूजा-पाठ की शुरुआत की जाती है।
राजस्थान में भी नवरात्र का पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है। जयपुर सहित प्रदेश के अलग-अलग शहरों और कस्बों में मंदिरों में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है। कई स्थानों पर भजन-कीर्तन, दुर्गा पूजा और अन्य धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शारदीय नवरात्र के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने आमजन की खुशहाली के लिए कामना की।
नवरात्र का पर्व भारतीय संस्कृति में शक्ति, भक्ति और सकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है। श्रद्धालु इन दिनों मां दुर्गा की आराधना कर परिवार और समाज की सुख-शांति के लिए प्रार्थना करते हैं।
इस अवसर पर शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री ने पर्व की धार्मिक और सांस्कृतिक महत्ता से जुड़े संदेश को साझा किया। नवरात्र के दौरान लोग एक-दूसरे को शुभकामनाएं देते हैं और घरों तथा मंदिरों में पूजा-अर्चना कर त्योहार मनाते हैं।
शारदीय नवरात्र हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में शामिल है। यह पर्व आश्विन महीने में मनाया जाता है। नवरात्र के पहले दिन घट स्थापना या कलश स्थापना के साथ मां दुर्गा की आराधना शुरू होती है। इसके बाद नौ दिनों तक देवी के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवरात्र के दौरान मां दुर्गा की उपासना करने से श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक शक्ति, आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है। इन दिनों व्रत रखने, मंत्र जाप करने, दुर्गा सप्तशती का पाठ करने और मंदिरों में दर्शन करने की परंपरा भी है।
नवरात्र का समापन विजयादशमी के पर्व के साथ होता है। इसे बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। देश के अलग-अलग हिस्सों में नवरात्र मनाने की परंपराओं में विविधता देखने को मिलती है। कहीं गरबा और डांडिया का आयोजन होता है, तो कहीं दुर्गा पूजा पंडालों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
राजस्थान में नवरात्र के दौरान देवी मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। जयपुर सहित प्रदेश के कई शहरों में श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। मंदिरों में सजावट, भजन-कीर्तन और धार्मिक आयोजनों के जरिए पर्व मनाया जाता है।
जयपुर में भी नवरात्र के दौरान धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ जाती है। भक्त मां दुर्गा के दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि और बेहतर भविष्य की कामना करते हैं। कई परिवारों में नवरात्र के नौ दिनों तक नियमित पूजा-पाठ और व्रत रखने की परंपरा निभाई जाती है।
इस पर्व के माध्यम से लोग धार्मिक आस्था के साथ-साथ परिवार और समाज में सकारात्मकता, सद्भाव और सहयोग की भावना को भी महत्व देते हैं।
मुख्यमंत्री निवास स्थित मां राज राजेश्वरी मंदिर में आयोजित पूजा-अर्चना के दौरान मुख्यमंत्री निवास के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सपत्नीक पूजा कर आमजन की खुशहाली के लिए कामना की।
नवरात्र स्थापना के अवसर पर आयोजित यह धार्मिक कार्यक्रम मुख्यमंत्री की पूजा-अर्चना और प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देने से जुड़ा रहा।
शारदीय नवरात्र के पहले दिन मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मां राज राजेश्वरी की आराधना कर प्रदेश के लोगों के सुखी जीवन और खुशहाली की कामना की। उन्होंने सभी प्रदेशवासियों को नवरात्र पर्व की बधाई दी।
नवरात्र का यह पर्व श्रद्धालुओं को भक्ति, संयम और सकारात्मक विचारों के साथ जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। नौ दिनों तक चलने वाले इस धार्मिक आयोजन में लोग माता रानी की पूजा कर परिवार, समाज और प्रदेश की सुख-शांति के लिए प्रार्थना करते हैं।मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 11 अक्टूबर 2026 को शारदीय नवरात्र स्थापना पर मुख्यमंत्री निवास स्थित मां राज राजेश्वरी मंदिर में सपत्नीक पूजा-अर्चना की और प्रदेशवासियों की खुशहाली की कामना करते हुए नवरात्र की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान मुख्यमंत्री निवास के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।