
पूर्णिमा यूनिवर्सिटी में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र की ग्लोबल ब्रांडिंग को नए आयाम देने के उद्देश्य से आयोजित पांच दिवसीय मैनेजमेंट डेवलपमेंट प्रोग्राम (एमडीपी) का समापन हुआ। ‘फ्यूचर-रेडी एमएसएमई: लीवरेजिंग 3डी डिजाइन, एआई एंड इमर्सिव टेक (एआर/वीआर) फॉर ग्लोबल ब्रांडिंग’ विषय पर आधारित इस विशेष कार्यक्रम का आयोजन फैकल्टी ऑफ डिजाइन एंड आर्ट्स के विजुअल आर्ट्स, एनिमेशन एंड वीएफएक्स विभाग द्वारा किया गया।
एमएसएमई के लिए आधुनिक तकनीक और नवाचार अनिवार्य
उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि एमएसएमई मंत्रालय (जयपुर) के निदेशक प्रदीप कुमार ओझा ने एमएसएमई क्षेत्र के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा, “एमएसएमई देश की अर्थव्यवस्था और उद्यमिता की रीढ़ हैं। आज के बदलते वैश्विक बाजार में अपनी पहचान बनाने और प्रतिस्पर्धा में आगे रहने के लिए पारंपरिक तरीकों से इतर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), 3डी डिजाइन और ऑगमेंटेड व वर्चुअल रियलिटी (AR/VR) जैसी आधुनिक तकनीकों और रणनीतियों को अपनाना बेहद जरूरी हो गया है।”
ग्लोबल मार्केट में ब्रांड वैल्यू बढ़ाने पर जोर
पांच दिवसीय इस एमडीपी के दौरान प्रतिभागियों को एआई, 3डी विजुअल्स और एआर/वीआर के माध्यम से डिजिटल पहचान बनाने, इमर्सिव ब्रांड एक्सपीरियंस देने और प्रभावी डिजिटल कम्युनिकेशन विकसित करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। इस अवसर पर यूनिवर्सिटी की प्रो-प्रेसिडेंट प्रो. (डॉ.) मंजरी राय ने बताया कि, इस एमडीपी का मुख्य उद्देश्य एमएसएमई इकाइयों को तकनीक का सहारा देकर घरेलू के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी अपनी पहुंच मजबूत करने के लिए तैयार करना है।
एमडीपी समन्वयक डॉ. पूजा सिंह ने बताया कि यह कार्यक्रम प्रतिभागियों को अपने बिजनेस की ग्लोबल ब्रांडिंग के लिए आवश्यक तकनीकी ज्ञान और कौशल विकसित करने में पूरी तरह मदद करेगा। फैकल्टी ऑफ डिजाइन एंड आर्ट्स के डीन डॉ. जितेंद्र शर्मा समेत फैकल्टी ऑफ डिजाइन एंड आर्ट्स के सभी शिक्षक उपस्थित रहे।