जयपुर: राजस्थान सरकार द्वारा ग्रामीण विकास और जनकल्याण को मजबूती देने के उद्देश्य से आयोजित किए जा रहे ‘ग्राम उत्थान शिविर’ राज्य के गांव-गांव तक सरकारी योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित कर रहे हैं। प्रदेशभर में अब तक 941 ग्राम उत्थान शिविरों का आयोजन किया जा चुका है, जिनके माध्यम से किसानों और ग्रामीण नागरिकों को 13 प्रमुख सरकारी योजनाओं की जानकारी और लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराया जा रहा है।
इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य यह है कि ग्रामीणों को अलग-अलग विभागों के चक्कर न लगाने पड़ें और सरकारी योजनाओं की जानकारी, आवेदन प्रक्रिया और समाधान सीधे गांव में ही मिल सके। शिविरों में राजस्व, कृषि, पशुपालन, चिकित्सा, सामाजिक न्याय, महिला एवं बाल विकास, पंचायती राज सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रह रहे हैं।
किसानों को मिल रहा विशेष लाभ
ग्राम उत्थान शिविरों में किसानों को फसल बीमा योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, कृषि उपकरण अनुदान, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, सिंचाई योजनाओं और पशुपालन से जुड़ी योजनाओं की जानकारी दी जा रही है। कई स्थानों पर मौके पर ही आवेदन स्वीकार कर समस्याओं का निस्तारण भी किया जा रहा है।
ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित समाधान
शिविरों के दौरान ग्रामीण अपनी राजस्व संबंधी शिकायतें, पेंशन, राशन कार्ड, स्वास्थ्य योजनाएं, आवास योजना, श्रमिक कार्ड जैसी समस्याएं अधिकारियों के सामने रख रहे हैं। सरकार का दावा है कि बड़ी संख्या में मामलों का तत्काल या समयबद्ध निस्तारण किया जा रहा है।
सरकार का फोकस – अंतिम व्यक्ति तक योजना
राज्य सरकार का कहना है कि ग्राम उत्थान शिविरों के जरिए “सरकार आपके द्वार” की भावना को साकार किया जा रहा है। इन शिविरों से न केवल योजनाओं की जानकारी बढ़ी है, बल्कि पात्र लाभार्थियों को वास्तविक लाभ भी मिलने लगा है।
आगे और शिविरों की तैयारी
प्रशासन के अनुसार आने वाले दिनों में प्रदेश के शेष गांवों में भी ग्राम उत्थान शिविर आयोजित किए जाएंगे, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।