एसएमएस मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में पेशेंट फ्रेंडली सेवाओं पर जोर

एसएमएस मेडिकल कॉलेज में स्वास्थ्य सुविधाओं का पुनरीक्षण: प्रमुख शासन सचिव ने दिए सख्त निर्देश

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चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव श्रीमती गायत्री राठौड़ ने एसएमएस मेडिकल कॉलेज और इसके संबद्ध अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधाओं की समीक्षा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी अस्पतालों में पेशेंट फ्रेंडली सेवाएं सुनिश्चित की जाएं और रोगियों को संवेदनशील एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराया जाए।

श्रीमती राठौड़ ने कहा कि बड़े अस्पतालों में रोगी भार अधिक होने के बावजूद, चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों को पूरी निष्ठा और संवेदनशीलता के साथ रोगियों का इलाज करना चाहिए। किसी भी असंवेदनशीलता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित शिकायत मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

विशेष रूप से सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज में आयोजित बैठक में उन्होंने सभी अधीक्षकों और वरिष्ठ अधिकारियों से अस्पतालों की अपनी प्रतिष्ठा बनाए रखने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि अस्पताल में उपलब्ध जांच मशीनों और उपकरणों का पूरा उपयोग हो, और किसी भी जांच सुविधा का अभाव रोगी को परेशानी न दे।

अल्पकालिक और दीर्घकालिक योजना बनाकर अस्पताल कीA तत्काल आवश्यकताओं को पूरा करने पर जोर दिया गया। आवश्यकतानुसार संविदा आधार पर चिकित्सक, नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती की जा सकती है। रोगी भार अधिक होने पर काउंटर बढ़ाने, हेल्प डेस्क स्थापित करने और क्राउड मैनेजमेंट के लिए तकनीकी उपाय अपनाने के निर्देश दिए गए।

श्रीमती राठौड़ ने कहा कि आपातकालीन इकाई में हमेशा पर्याप्त स्टाफ मौजूद रहे। स्ट्रेचर, व्हील चेयर, दवा और अन्य संसाधन अस्पताल में पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हों। गंभीर रोगियों के लिए पोर्टेबल जांच मशीनों का उपयोग बढ़ाया जाए। रात में भी आपातकालीन स्टाफ की उपस्थिति सुनिश्चित हो और सीसीटीवी के माध्यम से मॉनिटरिंग की जाए।

बैठक में चिकित्सा शिक्षा विभाग के संयुक्त शासन सचिव श्री ललित कुमार, चिकित्सा शिक्षा आयुक्त श्री नरेश गोयल, एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. दीपक माहेश्वरी, अतिरिक्त प्रधानाचार्य डॉ. राकेश जैन, अधीक्षक डॉ. मृणाल जोशी सहित सभी संबद्ध अस्पतालों के अधीक्षक और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

इस समीक्षा बैठक में अस्पतालों की सेवाओं को बेहतर बनाने, रोगियों की सुरक्षा और सुविधा बढ़ाने तथा अस्पतालों की कार्यक्षमता में सुधार लाने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए। इसका उद्देश्य जयपुर के मेडिकल कॉलेज और संबद्ध अस्पतालों में मरीजों के लिए पेशेंट फ्रेंडली वातावरण सुनिश्चित करना और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार करना है।

इस बैठक के परिणामस्वरूप अस्पतालों में अल्पकालिक और दीर्घकालिक सुधार योजनाओं के साथ-साथ तकनीकी उपायों, स्टाफ तैनाती और संसाधनों के बेहतर प्रबंधन के माध्यम से मरीजों को समय पर गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराया जाएगा।A

Golden Hind Desk