श्रीगंगानगर जिले में नशा मुक्त समाज के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए महात्मा गांधी विद्यालय में नशे के खिलाफ जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जिला प्रशासन और पुलिस विभाग के संयुक्त प्रयासों से आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करना और उन्हें सकारात्मक जीवन की ओर प्रेरित करना था।
यह कार्यशाला जिला कलक्टर डॉ. मंजू और पुलिस अधीक्षक हरीशंकर के नेतृत्व में चल रहे “नशा मुक्त श्रीगंगानगर” अभियान के तहत आयोजित की गई।
नशा मुक्ति का संदेश दिया गया
कार्यक्रम में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के प्रतिनिधि विक्रम ज्याणी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए नशे के खतरनाक प्रभावों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार हम जहर से डरते हैं, उसी तरह नशा भी एक जहर है, जो धीरे-धीरे व्यक्ति के शरीर, मन और पूरे परिवार को खत्म कर देता है।
उन्होंने विद्यार्थियों को समझाया कि नशा केवल एक व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि उसके सपनों, रिश्तों और भविष्य को भी प्रभावित करता है। इसलिए जीवन में सही निर्णय लेना अत्यंत आवश्यक है।
सही चुनाव का महत्व समझाया
कार्यशाला के दौरान छात्रों को यह भी बताया गया कि जीवन में हर दिन हमें कई निर्णय लेने होते हैं। ऐसे में यह हम पर निर्भर करता है कि हम सही रास्ता चुनते हैं या गलत।
वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि नशा एक ऐसा गलत चुनाव है, जो कभी किसी को सफलता नहीं देता। इसके विपरीत, यह व्यक्ति को बर्बादी की ओर ले जाता है।
विद्यार्थियों ने लिया संकल्प
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के सभी विद्यार्थियों ने एक स्वर में यह संकल्प लिया कि वे जीवन में कभी भी किसी भी प्रकार का नशा नहीं करेंगे। साथ ही वे अपने परिवार, दोस्तों और समाज के अन्य लोगों को भी नशे के प्रति जागरूक करेंगे।
यह सामूहिक संकल्प इस बात का संकेत है कि नई पीढ़ी नशा मुक्त समाज के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने के लिए तैयार है।
विद्यालय प्रशासन का योगदान
विद्यालय की प्रधानाचार्य श्रीमती लक्ष्मी सिडाना ने भी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि ऐसे छोटे-छोटे संकल्प ही भविष्य में बड़े बदलाव का आधार बनते हैं। उन्होंने कहा कि जब हर बच्चा जागरूक होगा, तभी समाज सुरक्षित और मजबूत बन सकेगा।
विद्यालय प्रशासन ने इस तरह के कार्यक्रमों को नियमित रूप से आयोजित करने की प्रतिबद्धता भी जताई।
पुलिस ने भी किया जागरूक
कार्यक्रम में पुलिस विभाग की ओर से कांस्टेबल प्रवीण कुमार ने विद्यार्थियों को मानस हेल्पलाइन 1933, साइबर सुरक्षा और ट्रैफिक नियमों के बारे में भी जानकारी दी।
उन्होंने छात्रों को बताया कि किसी भी समस्या की स्थिति में वे हेल्पलाइन का उपयोग कर सकते हैं और अपनी सुरक्षा सुनिश्चित कर सकते हैं।
नशा मुक्त समाज की ओर कदम
इस कार्यशाला के माध्यम से यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि नशा केवल एक व्यक्ति की समस्या नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज के लिए एक गंभीर चुनौती है।
जिला प्रशासन और पुलिस विभाग द्वारा चलाया जा रहा यह अभियान समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
निष्कर्ष
श्रीगंगानगर में आयोजित यह कार्यशाला नशा मुक्त समाज की दिशा में एक सराहनीय पहल है। विद्यार्थियों की भागीदारी और उनके द्वारा लिया गया संकल्प इस अभियान को और मजबूत बनाता है।
यदि इसी प्रकार जागरूकता कार्यक्रम लगातार चलते रहे, तो निश्चित रूप से आने वाले समय में एक स्वस्थ, सुरक्षित और नशा मुक्त समाज का निर्माण संभव हो सकेगा।
Golden Hind Desk