राजीविका से ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक विकास को मिलेगी मजबूती, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दिए बड़े निर्देश
राजस्थान में ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण और आजीविका संवर्धन को नई गति देने के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजीविका के स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) को मजबूत बनाकर महिलाओं को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में राजस्थान ग्रामीण आजीविका परिषद की समीक्षा बैठक ली। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि महिलाओं द्वारा बनाए जा रहे उत्पादों की गुणवत्ता, पैकेजिंग और ब्रांडिंग पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि बाजार में इनकी बिक्री बढ़ सके और महिलाओं की आय में इजाफा हो।
एसएचजी उत्पादों की बिक्री बढ़ाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार उत्पादों की उपखंड और जिलेवार सूची तैयार की जाए। इसके बाद इनके विक्रय के लिए ठोस कार्ययोजना बनाई जाए, ताकि ग्रामीण महिलाओं द्वारा बनाए गए उत्पाद बड़े बाजार तक पहुंच सकें।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं से एसएचजी उत्पादों को जोड़ा जाए, जिससे इनकी मांग बढ़े और महिलाओं को स्थायी आय का स्रोत मिल सके।
घर-घर उपयोगी वस्तुओं के निर्माण की योजना
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाजार की मांग के अनुरूप उत्पादों का निर्माण कराया जाए। साथ ही घर में प्रतिदिन उपयोग आने वाली वस्तुओं के निर्माण के लिए विशेष कार्ययोजना बनाई जाए।
उन्होंने राजसखी कैंटीनों में सरस डेयरी के उत्पाद उपलब्ध कराने तथा स्थानीय स्तर पर संचालित इकाइयों से महिलाओं को जोड़ने के निर्देश भी दिए।
लखपति दीदी से मिलेनियर दीदी तक
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि एसएचजी समूहों की गतिविधियों को बढ़ावा देकर अधिक से अधिक महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाया जाए। इसके साथ ही उन्होंने महिलाओं को आगे बढ़ाकर ‘मिलेनियर दीदी’ बनाने के लिए भी आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कृषि और गैर-कृषि आधारित गतिविधियों को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया, ताकि महिलाओं को कई आय स्रोत उपलब्ध हो सकें।
बैंकिंग और ऋण योजनाओं से जुड़ें महिलाएं
मुख्यमंत्री ने ग्रामीण महिलाओं को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ने के लिए बैंक सखी की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोऑपरेटिव बैंकों के माध्यम से भी महिलाओं को बैंक सखी बनाकर आर्थिक रूप से मजबूत किया जाए।
इसके अलावा महिलाओं और स्वयं सहायता समूहों को सुविधा ऋण योजना, समर्थ सखी ऋण योजना और मुख्यमंत्री लखपति दीदी ऋण योजना का अधिक से अधिक लाभ दिलाने के निर्देश दिए गए।
सोलर योजना और ई-कॉमर्स से जोड़ा जाएगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों की बिजली जरूरतों को पूरा करने के लिए उन्हें सोलर योजनाओं से जोड़ा जाए। इसके लिए ‘सोलर दीदी’ प्रशिक्षण कार्यक्रम जल्द शुरू करने को कहा गया।
साथ ही एसएचजी उत्पादों की बिक्री बढ़ाने के लिए ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म विकसित करने के कार्य को तेज करने के निर्देश भी दिए गए।
संभागीय मुख्यालयों पर खुलेंगे राजसखी स्टोर्स
मुख्यमंत्री ने संभागीय मुख्यालयों पर राजसखी स्टोर्स खोलने, ग्रामीण महिला बीपीओ स्थापित करने और महिलाओं को बिजनेस एसोसिएशन से जोड़ने के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
उन्होंने राजस्थान महिला निधि को एनबीएफसी के रूप में उन्नत बनाने की प्रक्रिया जल्द पूरी करने पर भी जोर दिया।
महिलाओं को मिलेगा आत्मनिर्भर बनने का अवसर
राज्य सरकार के इन कदमों से राजस्थान की हजारों ग्रामीण महिलाओं को रोजगार, स्वरोजगार और आर्थिक आत्मनिर्भरता का अवसर मिलेगा। राजीविका के माध्यम से महिलाएं अब छोटे स्तर से बड़े उद्यम तक पहुंचने की दिशा में आगे बढ़ सकेंगी।
Golden Hind Desk