RCA एडहॉक कमेटी का कार्यकाल फिर 3 महीने बढ़ा

RCA एडहॉक कमेटी को 10वीं बार मिला विस्तार

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RCA एडहॉक कमेटी का कार्यकाल फिर 3 महीने बढ़ा, लगातार 10वीं बार मिला विस्तार; सितंबर तक चुनाव कराने का लक्ष्य

 राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) की एडहॉक कमेटी का कार्यकाल एक बार फिर तीन महीने के लिए बढ़ा दिया गया है। यह लगातार 10वीं बार है जब सरकार ने एडहॉक कमेटी को समय सीमा में विस्तार दिया है। सहकारिता रजिस्ट्रार डॉ. समित शर्मा द्वारा जारी आदेश के अनुसार, कमेटी अब अगले तीन महीनों तक RCA के प्रशासनिक कार्यों का संचालन करेगी और इस दौरान एसोसिएशन के चुनाव कराने की जिम्मेदारी भी उसी के पास रहेगी।

सरकार का कहना है कि यदि एडहॉक कमेटी का कार्यकाल नहीं बढ़ाया जाता तो राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन में विधिक शून्यता (लीगल वैक्यूम) की स्थिति पैदा हो सकती थी। ऐसी स्थिति में एसोसिएशन के नियमित प्रशासन, खिलाड़ियों से जुड़े कार्य, घरेलू क्रिकेट प्रतियोगिताओं और अन्य जरूरी गतिविधियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता था। इसी कारण सरकार ने कमेटी को एक और अवसर देते हुए तीन महीने का विस्तार देने का फैसला लिया।

कमेटी ने सरकार को भेजा था पत्र

एडहॉक कमेटी ने 24 जून 2026 को राज्य सरकार को एक विस्तृत पत्र भेजकर कार्यकाल बढ़ाने का अनुरोध किया था। इस पत्र में कमेटी ने स्पष्ट किया कि तय समय सीमा के भीतर RCA के चुनाव कराना संभव नहीं हो पाया है। इसके पीछे कई प्रशासनिक और कानूनी कारण बताए गए।

कमेटी के अनुसार, राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन की पूर्ववर्ती कार्यकारिणी से जुड़े वित्तीय और प्रशासनिक मामलों की जांच अभी जारी है। जब तक इन मामलों की जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक चुनाव प्रक्रिया को आगे बढ़ाना उचित नहीं माना गया। इसके अलावा राज्य के कई जिला क्रिकेट संघों से जुड़े विवाद भी लंबित हैं, जिनका समाधान आवश्यक है। इन विवादों के निपटारे के बाद ही सभी संबंधित इकाइयों की स्थिति स्पष्ट होगी और निष्पक्ष चुनाव कराना संभव हो सकेगा।

निष्पक्ष चुनाव के लिए जरूरी बताई जांच

कमेटी का कहना है कि उसका उद्देश्य केवल चुनाव कराना नहीं, बल्कि ऐसा चुनाव कराना है जो पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और RCA के उपनियमों के अनुरूप हो। यदि लंबित विवादों और जांच को पूरा किए बिना चुनाव कराए जाते हैं तो भविष्य में उन चुनावों की वैधता पर सवाल उठ सकते हैं और कानूनी विवाद और बढ़ सकते हैं।

इसी कारण कमेटी ने सरकार से आग्रह किया कि उसे आवश्यक समय दिया जाए ताकि सभी प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद लोकतांत्रिक तरीके से नई कार्यकारिणी का चुनाव कराया जा सके।

घरेलू क्रिकेट प्रतियोगिताओं का भी दिया हवाला

एडहॉक कमेटी ने अपने पत्र में यह भी बताया कि वर्तमान समय में राजस्थान में विभिन्न घरेलू क्रिकेट प्रतियोगिताओं का आयोजन लगातार किया जा रहा है। खिलाड़ियों के हितों को ध्यान में रखते हुए इन प्रतियोगिताओं का सफल संचालन प्राथमिकता रहा है।

कमेटी का कहना है कि यदि चुनाव प्रक्रिया के कारण इन प्रतियोगिताओं पर असर पड़ता तो खिलाड़ियों की तैयारी और क्रिकेट गतिविधियों को नुकसान पहुंच सकता था। इसलिए खेल गतिविधियों को बिना बाधा जारी रखते हुए चुनाव प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का प्रयास किया गया, लेकिन विभिन्न परिस्थितियों के कारण यह निर्धारित समय सीमा में पूरा नहीं हो सका।

अप्रत्याशित परिस्थितियों का भी किया उल्लेख

सरकार को भेजे गए पत्र में एडहॉक कमेटी ने कुछ अपरिहार्य और अप्रत्याशित परिस्थितियों का भी जिक्र किया है। हालांकि इन परिस्थितियों का विस्तार से उल्लेख नहीं किया गया, लेकिन कमेटी का कहना है कि इन्हीं कारणों से चुनाव प्रक्रिया समय पर पूरी नहीं हो सकी।

पुरानी कमेटी को ही मिला एक और मौका

सरकार ने इस बार भी एडहॉक कमेटी की संरचना में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया है। मोहित यादव को फिर से कमेटी का कन्वीनर बनाया गया है। उनके साथ धनंजय सिंह, आशीष तिवाड़ी, सुशील जैन, अरिष्ट सिंघवी और अर्जुन बेनीवाल सदस्य के रूप में कार्य करेंगे।

अब यही छह सदस्यीय कमेटी अगले तीन महीनों तक RCA का प्रशासन संभालेगी और चुनाव प्रक्रिया को अंतिम रूप देने का प्रयास करेगी।

राजनीतिक परिवारों से जुड़े हैं अधिकांश सदस्य

RCA की एडहॉक कमेटी केवल क्रिकेट प्रशासन ही नहीं बल्कि राजनीतिक कारणों से भी चर्चा में रहती है। कमेटी के अधिकांश सदस्य राजस्थान के प्रभावशाली राजनीतिक परिवारों से जुड़े हुए हैं।

कमेटी के कन्वीनर मोहित यादव भाजपा विधायक जसवंत यादव के पुत्र हैं। सदस्य धनंजय सिंह स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के पुत्र हैं। आशीष तिवाड़ी भाजपा सांसद घनश्याम तिवाड़ी के पुत्र हैं। अरिष्ट सिंघवी पूर्व मंत्री चंद्रराज सिंघवी के पौत्र हैं। वहीं अर्जुन बेनीवाल भादरा विधायक संजीव बेनीवाल के पुत्र हैं। कमेटी के छठे सदस्य सुशील जैन डूंगरपुर जिला क्रिकेट संघ के सचिव हैं।

इसी वजह से समय-समय पर इस एडहॉक कमेटी को लेकर राजनीतिक चर्चाएं भी होती रही हैं।

मार्च 2024 में हटाई गई थी पुरानी कार्यकारिणी

राजस्थान सरकार ने मार्च 2024 में RCA की तत्कालीन कार्यकारिणी को हटाकर एडहॉक कमेटी का गठन किया था। उस समय सरकार ने कहा था कि तीन महीने के भीतर चुनाव कराकर नई कार्यकारिणी गठित कर दी जाएगी।

हालांकि तय समय सीमा में चुनाव नहीं हो सके। इसके बाद हर तीन महीने में एडहॉक कमेटी का कार्यकाल बढ़ाया जाता रहा। अब लगातार 10वीं बार कमेटी को विस्तार दिया गया है, जिससे यह व्यवस्था दो साल से अधिक समय तक जारी रही है।

क्या सितंबर में होंगे चुनाव?

सरकार ने इस बार के आदेश में स्पष्ट रूप से कहा है कि एडहॉक कमेटी अगले तीन महीनों के भीतर RCA के उपनियमों के अनुसार चुनाव कराने की प्रक्रिया पूरी करे। यानी सितंबर 2026 तक नई कार्यकारिणी का चुनाव कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

हालांकि इससे पहले भी कई बार चुनाव कराने की समय सीमा तय की गई थी, लेकिन विभिन्न कारणों से चुनाव टलते रहे। ऐसे में अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या इस बार वास्तव में RCA को नई निर्वाचित कार्यकारिणी मिल पाती है या फिर एडहॉक कमेटी का कार्यकाल एक बार फिर बढ़ाना पड़ता है।

क्रिकेट जगत की नजरें चुनाव पर

राजस्थान क्रिकेट से जुड़े खिलाड़ी, जिला क्रिकेट संघ, क्लब और खेल प्रशंसक लंबे समय से RCA में नियमित चुनाव की प्रतीक्षा कर रहे हैं। उनका मानना है कि निर्वाचित कार्यकारिणी बनने से प्रशासनिक निर्णयों में स्थिरता आएगी, क्रिकेट गतिविधियों को नई दिशा मिलेगी और खिलाड़ियों के विकास से जुड़े फैसले अधिक प्रभावी ढंग से लिए जा सकेंगे।

अब सभी की निगाहें अगले तीन महीनों पर टिकी हैं। यदि लंबित जांच और जिला संघों से जुड़े विवाद समय पर सुलझ जाते हैं, तो सितंबर 2026 तक RCA को नई निर्वाचित कार्यकारिणी मिल सकती है। वहीं यदि कानूनी और प्रशासनिक अड़चनें बरकरार रहीं, तो एडहॉक व्यवस्था एक बार फिर चर्चा का विषय बन सकती है।

Golden Hind Desk