ड्रग माफिया पर राजस्थान सरकार का बड़ा एक्शन, 5 कुख्यात तस्कर होंगे टारगेट

राजस्थान में ड्रग माफिया पर जीरो टॉलरेंस, हर जिले में 5 कुख्यात तस्कर होंगे चिन्हित, संपत्ति जब्ती की कार्रवाई

hanuma015

ड्रग माफिया पर राजस्थान सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति, हर जिले में 5 कुख्यात तस्करों की होगी पहचान

राजस्थान में मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार के खिलाफ सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने ड्रग माफिया के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत प्रभावी और समन्वित कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

शासन सचिवालय में गुरुवार को मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय नार्को समन्वय केंद्र (NCORD) की बैठक आयोजित हुई। बैठक में प्रदेश में मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण के लिए विभिन्न विभागों की ओर से किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा की गई।

हर जिले में 10 प्रमुख ड्रग केस और 5 कुख्यात माफिया चिन्हित होंगे

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि प्रत्येक जिले के पुलिस अधीक्षक ड्रग्स से जुड़े 10 प्रमुख मामलों की सूची तैयार करें। इन मामलों में शामिल 5 कुख्यात ड्रग माफियाओं को चिन्हित कर उनके खिलाफ विशेष अभियान चलाकर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने कहा कि ड्रग तस्करी के नेटवर्क को खत्म करने के लिए केवल छोटे स्तर के तस्करों पर कार्रवाई तक सीमित न रहते हुए पूरे नेटवर्क को निशाना बनाया जाए। ड्रग माफियाओं की अवैध गतिविधियों से अर्जित संपत्तियों पर भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

सभी पुलिस थानों में एक साथ चलेगा विशेष अभियान

मुख्य सचिव ने प्रदेश के सभी पुलिस थानों में मादक पदार्थों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ड्रग्स की जब्ती और तस्करों के खिलाफ अभियान को और तेज किया जाए।

साथ ही, प्रदेश के सभी पुलिस थानों में एक दिन एक साथ विशेष अभियान चलाकर जब्त किए गए ड्रग्स और अन्य नशीले पदार्थों को नष्ट करने के निर्देश भी दिए गए।

मजबूत चार्जशीट और प्रभावी पैरवी पर जोर

मुख्य सचिव ने आदतन अपराधियों के खिलाफ तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर मजबूत चार्जशीट तैयार करने को कहा। उन्होंने कहा कि मजबूत जांच और प्रभावी पैरवी के माध्यम से न्यायालय में दोषियों को शीघ्र और कठोर सजा दिलाना सुनिश्चित किया जाए।

‘डिटेक्ट-डिसरप्ट-डेस्ट्रॉय’ नीति के तहत कार्रवाई

बैठक में मुख्य सचिव ने केंद्र सरकार की ‘डिटेक्ट–डिसरप्ट–डेस्ट्रॉय’ नीति के अनुरूप कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से मादक पदार्थों की पूरी आपूर्ति श्रृंखला को तोड़ने और ड्रग माफिया के नेटवर्क को समाप्त करने के लिए योजनाबद्ध एवं समन्वित कार्रवाई करने को कहा।

2026-29 के लिए तैयार होगी जीरो टॉलरेंस नीति

बैठक में वर्ष 2026-29 के लिए मादक पदार्थों के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति तैयार करने पर भी चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने संबंधित विभागों को ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।

स्वास्थ्य विभाग, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग और युवा मामलात विभाग को निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत आपसी समन्वय से नशा मुक्ति, जन-जागरूकता और ड्रग तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

जब्त वाहनों की जल्द होगी नीलामी

मुख्य सचिव ने जांच के दौरान जब्त किए गए वाहनों की नियमानुसार शीघ्र नीलामी करने के निर्देश भी दिए। इसके अलावा जिन आरोपियों के खिलाफ तीन या उससे अधिक आपराधिक मामले लंबित हैं, उनके मामलों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निस्तारण करने को कहा गया।

बैठक में एएनटीएफ के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक विकास कुमार ने प्रस्तुतीकरण दिया। इस दौरान पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा, गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव भास्कर ए. सांवन्त, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव कुलदीप रांका, एएनटीएफ के अतिरिक्त महानिदेशक दिनेश एम. एन. सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

रेलवे सुरक्षा बल, केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो, राज्य विधि विज्ञान प्रयोगशाला, इंटेलिजेंस ब्यूरो, चिकित्सा, सामाजिक न्याय, कृषि और राजस्व विभाग के अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए। बीएसएफ राजस्थान फ्रंटियर के महानिरीक्षक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक से जुड़े।

Golden Hind Desk