पशुपालन मंत्री ने बजट घोषणाओं की समीक्षा की

बजट घोषणाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करें: पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत

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बजट घोषणाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करें: पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत

राजस्थान सरकार की बजट घोषणाओं को समयबद्ध और प्रभावी ढंग से धरातल पर उतारने के उद्देश्य से सोमवार को सचिवालय के चिंतन कक्ष में पशुपालन विभाग एवं डेयरी से संबंधित बजट घोषणाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता पशुपालन, डेयरी, गोपालन एवं देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत ने की। बैठक में पिछले तीन वर्षों की बजट घोषणाओं की प्रगति, निर्माणाधीन परियोजनाओं की स्थिति और निर्धारित समय-सीमा में कार्यों को पूरा करने की रणनीति पर विस्तृत चर्चा की गई।

बैठक में मंत्री जोराराम कुमावत ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि राज्य सरकार की सभी बजट घोषणाओं का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी तरीके से क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि बजट घोषणाएं केवल सरकारी घोषणाएं नहीं हैं, बल्कि प्रदेश के किसानों, पशुपालकों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। इसलिए इनके क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।

नियमित मॉनिटरिंग पर दिया जोर

मंत्री कुमावत ने कहा कि प्रत्येक बजट घोषणा की नियमित समीक्षा और मॉनिटरिंग की जानी चाहिए ताकि किसी भी स्तर पर कार्य प्रभावित न हो। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी परियोजनाओं की प्रगति पर लगातार नजर रखें और यदि किसी योजना में तकनीकी, प्रशासनिक या अन्य प्रकार की बाधा आ रही हो तो उसका तत्काल समाधान कर कार्यों को गति दी जाए।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल योजनाओं की घोषणा करना नहीं, बल्कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। इसके लिए विभागीय अधिकारियों को पूरी जवाबदेही और समर्पण के साथ कार्य करना होगा।

पशु स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा और विस्तार

बैठक में विभागीय अधिकारियों ने विभिन्न योजनाओं की प्रगति पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। इसमें निर्माणाधीन पशु चिकित्सालयों, नए पशु चिकित्सा उपकेंद्रों, मोबाइल वेटनरी यूनिट, पशुधन विकास कार्यक्रम, पशु बीमा योजना, कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम तथा पशु स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण से जुड़े कार्यों की जानकारी दी गई।

मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के पशुपालकों को बेहतर और आधुनिक पशु चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। पशुओं के समय पर उपचार, टीकाकरण, रोग नियंत्रण और आधुनिक चिकित्सा सेवाओं के विस्तार के लिए सभी योजनाओं को निर्धारित समय में पूरा करना आवश्यक है।

हर चिकित्सा संस्थान का अपना भवन हो

समीक्षा बैठक में मंत्री कुमावत ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी स्तर के पशु चिकित्सा संस्थानों के लिए भूमि संबंधी प्रक्रियाएं जल्द पूरी की जाएं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पशु चिकित्सा संस्थान का अपना स्थायी भवन होना चाहिए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के पशुपालकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जहां भूमि आवंटन या पट्टे की प्रक्रिया लंबित है, वहां संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर शीघ्र समाधान निकाला जाए। उनका कहना था कि मजबूत आधारभूत ढांचा पशु चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

भेड़ ऊन विभाग की भूमि पर भी होगी कार्रवाई

बैठक के दौरान मंत्री ने अधिकारियों को भेड़ ऊन विभाग की उपलब्ध भूमि को पशुपालन विभाग के अंतर्गत शामिल करने की संभावनाओं पर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए विभागीय योजनाओं का विस्तार किया जाए ताकि पशुपालकों को अधिक सुविधाएं मिल सकें।

डेयरी क्षेत्र के विस्तार पर विशेष जोर

पशुपालन मंत्री ने डेयरी विभाग की समीक्षा करते हुए अधिक से अधिक दुग्ध सहकारी समितियों और दुग्ध संकलन केंद्रों की स्थापना के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में दूध संग्रहण व्यवस्था मजबूत होने से पशुपालकों को उचित मूल्य मिलेगा और दुग्ध उत्पादन को भी बढ़ावा मिलेगा।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जिन दुग्ध उत्पादों की बाजार में अधिक मांग है, उनके गुणवत्तापूर्ण उत्पादन को बढ़ाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। इससे डेयरी उद्योग को मजबूती मिलेगी और किसानों की आय में भी वृद्धि होगी।

बस्सी की सीमन उत्पादन इकाई की क्षमता बढ़ेगी

बैठक में बस्सी स्थित सेक्स सॉर्टेड सीमन उत्पादन इकाई की भी समीक्षा की गई। मंत्री कुमावत ने इस इकाई की उत्पादन क्षमता बढ़ाने के निर्देश दिए ताकि पशुधन की गुणवत्ता सुधारने और दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए आधुनिक प्रजनन तकनीकों का अधिक प्रभावी उपयोग किया जा सके।

उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक पशुपालन और उन्नत नस्ल विकास के लिए ऐसी इकाइयों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। इससे प्रदेश के पशुपालकों को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा और पशुधन विकास कार्यक्रमों को नई गति मिलेगी।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती

मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की बजट घोषणाओं का उद्देश्य केवल योजनाओं का विस्तार नहीं, बल्कि किसानों और पशुपालकों का आर्थिक सशक्तीकरण भी है। पशुपालन और डेयरी क्षेत्र ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। यदि इन क्षेत्रों में आधुनिक सुविधाएं, बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं और मजबूत अवसंरचना उपलब्ध कराई जाए तो लाखों परिवारों की आय में वृद्धि संभव है।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि फील्ड स्तर पर नियमित निरीक्षण करें, योजनाओं की वास्तविक प्रगति की समीक्षा करें और विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाकर सभी लक्ष्यों की शत-प्रतिशत प्राप्ति सुनिश्चित करें।

वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद

बैठक में संयुक्त शासन सचिव दिनेश कुमार जांगिड़, राजस्थान सहकारी डेयरी फेडरेशन (RCDF) की प्रबंध निदेशक श्रुति भारद्वाज, पशुपालन निदेशक डॉ. सुरेश चंद मीणा, विभाग के अतिरिक्त निदेशक, विभिन्न योजनाओं के नोडल अधिकारी तथा डेयरी एवं पशुपालन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक के अंत में मंत्री जोराराम कुमावत ने कहा कि राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पशुपालक तक पहुंचाना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों से समयबद्ध कार्य, गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ योजनाओं का क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का आह्वान किया, ताकि प्रदेश में पशुपालन और डेयरी क्षेत्र के समग्र विकास का लक्ष्य तेजी से हासिल किया जा सके।

GOLDEN HIND DESK