भुगतान समस्या 3 दिन में हल करें: आयुक्त

भुगतान की हर समस्या 3 दिन में हल करने के निर्देश, हरियालो राजस्थान अभियान की समीक्षा

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भुगतान संबंधी सभी समस्याओं का 3 दिन में समाधान करने के निर्देश, हरियालो राजस्थान अभियान की प्रगति की समीक्षा वीबी-जी राम जी योजना की आयुक्त पुष्पा सत्यानी ने जिला परिषद सीईओ की बैठक लेकर दिए निर्देश

राज्य सरकार की वीबी-जी राम जी योजना के प्रभावी और बेहतर क्रियान्वयन को लेकर आयुक्त पुष्पा सत्यानी ने गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी जिला परिषदों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में विभिन्न विकास कार्यों, बजट घोषणाओं, भुगतान प्रक्रिया, श्रमिक नियोजन, हरियालो राजस्थान अभियान तथा लंबित शिकायतों की विस्तार से समीक्षा की गई। आयुक्त ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और भुगतान से संबंधित सभी समस्याओं का अधिकतम तीन दिन के भीतर समाधान सुनिश्चित किया जाए।

बैठक का मुख्य उद्देश्य राज्य सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं और बजट घोषणाओं को धरातल पर तेजी से लागू करना तथा जिलों में चल रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा करना रहा। आयुक्त पुष्पा सत्यानी ने सभी जिला परिषद सीईओ को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने जिलों में नियमित मॉनिटरिंग करें और निर्धारित समयावधि के अनुसार कार्यों को पूरा कराने की दिशा में प्रभावी कदम उठाएं।

बजट घोषणाओं के कार्यों की हुई विस्तृत समीक्षा

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान राज्य बजट की महत्वपूर्ण घोषणाओं के तहत संचालित विभिन्न विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। इनमें अमृत पोषण वाटिका, संजीवनी पार्क, ग्रामीण हाट बाजार, ग्रामीण पुस्तकालय, नमो नर्सरी और पशु आश्रय स्थल जैसे महत्वपूर्ण कार्य शामिल रहे।

आयुक्त ने कहा कि इन परियोजनाओं का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार करने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण, पोषण, रोजगार और सामाजिक विकास को बढ़ावा देना है। इसलिए इन कार्यों को केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रखते हुए गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ पूरा किया जाना आवश्यक है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक परियोजना की प्रगति की नियमित समीक्षा की जाए। जहां कार्यों की गति धीमी है, वहां संबंधित अधिकारियों और एजेंसियों से समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई की जाए। सभी कार्यों में निर्धारित लक्ष्य के अनुसार शत-प्रतिशत प्रगति हासिल करने पर विशेष जोर दिया गया।

अधिक से अधिक श्रमिकों को रोजगार देने के निर्देश

बैठक में श्रमिक नियोजन के मुद्दे पर भी विशेष चर्चा की गई। आयुक्त पुष्पा सत्यानी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभिन्न स्वीकृत कार्यों में अधिक से अधिक श्रमिकों को नियोजित किया जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए कार्यों की गति तेज करने और श्रमिक नियोजन की लगातार मॉनिटरिंग करने की आवश्यकता बताई गई।

उन्होंने कहा कि योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण विकास के साथ-साथ जरूरतमंद लोगों को रोजगार उपलब्ध कराना भी महत्वपूर्ण उद्देश्य है। ऐसे में जिला स्तर पर अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि स्वीकृत कार्य समय पर शुरू हों और उपलब्ध संसाधनों का उचित उपयोग किया जाए।

जिला परिषदों को स्थानीय स्तर पर कार्यों की निरंतर समीक्षा करने और किसी भी प्रकार की प्रशासनिक या तकनीकी बाधा आने पर उसका त्वरित समाधान करने के निर्देश दिए गए।

एसएनए स्पर्श के माध्यम से भुगतान प्रक्रिया की समीक्षा

बैठक का एक महत्वपूर्ण विषय श्रम, सामग्री और प्रशासनिक मद से जुड़े भुगतानों की स्थिति रहा। आयुक्त ने एसएनए स्पर्श के माध्यम से किए जा रहे भुगतान की प्रगति की समीक्षा की और अधिकारियों से विभिन्न जिलों में आ रही समस्याओं की जानकारी ली।

उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि भुगतान संबंधी किसी भी समस्या को लंबित नहीं रखा जाए। यदि तकनीकी, प्रशासनिक या अन्य किसी कारण से भुगतान में बाधा आ रही है तो संबंधित अधिकारी तत्काल कार्रवाई करें। सभी प्रकार की भुगतान समस्याओं का तीन दिन के भीतर समाधान करने के निर्देश दिए गए।

समय पर भुगतान होने से जहां योजनाओं के कार्यों की गति बनी रहती है, वहीं श्रमिकों, सामग्री आपूर्तिकर्ताओं और अन्य संबंधित पक्षों को भी राहत मिलती है। इसलिए आयुक्त ने जिला परिषद सीईओ को इस विषय को प्राथमिकता के साथ लेने के निर्देश दिए।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे अपने जिलों में लंबित भुगतान मामलों की सूची तैयार कर नियमित रूप से उनकी समीक्षा करें। जिन मामलों में उच्च स्तर पर समन्वय की आवश्यकता हो, उन्हें तत्काल राज्य मुख्यालय के संज्ञान में लाया जाए।

हरियालो राजस्थान अभियान की प्रगति पर विशेष फोकस

बैठक में राज्य सरकार के महत्वपूर्ण पर्यावरणीय अभियान हरियालो राजस्थान की प्रगति की भी विस्तार से समीक्षा की गई। आयुक्त ने सभी जिलों को अभियान के तहत निर्धारित लक्ष्यों में शत-प्रतिशत उपलब्धि हासिल करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि पौधरोपण अभियान की सफलता केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि लगाए गए पौधों की देखभाल और उनके संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया जाना जरूरी है। इसी क्रम में गत वर्ष लगाए गए पौधों का सत्यापन करने और उसकी विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर राज्य मुख्यालय को भेजने के निर्देश दिए गए।

पौधों के सत्यापन से अभियान की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जा सकेगा और जहां आवश्यकता होगी, वहां संरक्षण और रखरखाव के लिए अतिरिक्त कदम उठाए जा सकेंगे। अधिकारियों को स्थानीय स्तर पर अभियान की नियमित मॉनिटरिंग करने और संबंधित विभागों के साथ समन्वय बनाए रखने के लिए कहा गया।

हरियालो राजस्थान अभियान के तहत सार्वजनिक स्थलों, ग्रामीण क्षेत्रों और अन्य उपयुक्त स्थानों पर हरित क्षेत्र विकसित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। बैठक में इस दिशा में किए जा रहे कार्यों की प्रगति को लेकर जिला स्तर के अधिकारियों को जिम्मेदारी के साथ काम करने के निर्देश दिए गए।

लंबित शिकायतों के त्वरित निस्तारण पर जोर

आयुक्त पुष्पा सत्यानी ने बैठक के दौरान विभिन्न स्तरों पर लंबित शिकायत प्रकरणों की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि आमजन और योजना से जुड़े लाभार्थियों की शिकायतों का समय पर समाधान प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित शिकायतों को अनावश्यक रूप से आगे न बढ़ाया जाए और प्रत्येक प्रकरण का त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण किया जाए। शिकायतों के समाधान में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखने पर भी जोर दिया गया।

जिला परिषद सीईओ को निर्देशित किया गया कि वे नियमित रूप से लंबित प्रकरणों की समीक्षा करें और यह सुनिश्चित करें कि शिकायतों के निस्तारण में देरी न हो। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जाए।

समयबद्ध और प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर

बैठक के दौरान आयुक्त ने सभी जिला परिषद सीईओ से कहा कि योजनाओं और विकास कार्यों के क्रियान्वयन में समयबद्धता सबसे महत्वपूर्ण है। राज्य सरकार की बजट घोषणाओं और विभिन्न योजनाओं का लाभ आमजन तक पहुंचाने के लिए जिला स्तर पर बेहतर समन्वय और निरंतर मॉनिटरिंग आवश्यक है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यों की प्रगति की नियमित रिपोर्ट तैयार की जाए और जहां भी किसी प्रकार की समस्या सामने आए, उसका तुरंत समाधान किया जाए। विशेष रूप से भुगतान, श्रमिक नियोजन और विकास कार्यों की गति को लेकर कोई ढिलाई नहीं बरती जाए।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई इस बैठक में जिलों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इससे आगामी दिनों में बजट घोषणाओं और योजना के तहत चल रहे कार्यों की प्रगति को गति मिलने की उम्मीद है।

ये अधिकारी रहे मौजूद

बैठक में अतिरिक्त आयुक्त (प्रथम) हेमन्त स्वरूप माथुर, अतिरिक्त मुख्य अभियन्ता अरविन्द सक्सैना, अधीक्षण अभियंता आई.पी. अग्रवाल, परियोजना अधिकारी डॉ. सुमन, अधिशाषी अभियंता कीर्ति सिंह निर्वाण, लेखाधिकारी सीताराम, एसीपी ईजीएस शशिकान्त मुंजाल, आईईसी समन्वयक उमाशंकर शर्मा और एमआईएस मैनेजर रविन्द्र सिंघानिया सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्य बिंदु

  • भुगतान संबंधी सभी समस्याओं का तीन दिन में समाधान करने के निर्देश।

  • एसएनए स्पर्श के माध्यम से श्रम, सामग्री एवं प्रशासनिक मद के भुगतान की समीक्षा।

  • अमृत पोषण वाटिका और संजीवनी पार्क सहित विभिन्न बजट घोषणाओं के कार्यों की प्रगति की समीक्षा।

  • ग्रामीण हाट बाजार, ग्रामीण पुस्तकालय, नमो नर्सरी और पशु आश्रय स्थल के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश।

  • निर्धारित समयावधि में शत-प्रतिशत प्रगति अर्जित करने पर जोर।

  • अधिक से अधिक श्रमिकों को नियोजित करने के निर्देश।

  • हरियालो राजस्थान अभियान में शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने की बात।

  • गत वर्ष लगाए गए पौधों का सत्यापन कर रिपोर्ट राज्य मुख्यालय भेजने के निर्देश।

  • लंबित शिकायत प्रकरणों का त्वरित और प्रभावी निस्तारण करने पर जोर।

कुल मिलाकर, वीबी-जी राम जी योजना की आयुक्त पुष्पा सत्यानी की इस समीक्षा बैठक में प्रशासनिक कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने, भुगतान प्रक्रिया में आने वाली बाधाओं को दूर करने और विभिन्न विकास कार्यों को समयबद्ध रूप से पूरा करने पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों को दिए गए तीन दिन में भुगतान संबंधी समस्याओं के समाधान के निर्देश से यह स्पष्ट है कि राज्य स्तर पर लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण को प्राथमिकता दी जा रही है। वहीं हरियालो राजस्थान अभियान और बजट घोषणाओं से जुड़े कार्यों की लगातार समीक्षा से विकास एवं पर्यावरण संरक्षण के लक्ष्यों को गति देने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।

Golden Hind Desk