नगरीय निकाय चुनाव-2026 की तैयारियों को लेकर रिटर्निंग अधिकारियों का प्रशिक्षण
राजस्थान में प्रस्तावित नगरीय निकाय आम चुनाव-2026 की तैयारियों को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में सोमवार को शासन सचिवालय स्थित राज्य निर्वाचन आयोग के सभागार में प्रदेशभर से नियुक्त रिटर्निंग अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह की अध्यक्षता में आयोजित यह प्रशिक्षण वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से हुआ, जिसमें प्रदेश के सभी जिलों से संबंधित अधिकारी जुड़े।
प्रशिक्षण के दौरान राज्य निर्वाचन आयुक्त ने जिलों में चल रही चुनावी तैयारियों की समीक्षा की और अधिकारियों से सीधे संवाद कर अब तक हुई प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने जिलेवार तैयारियों की स्थिति जानी तथा चुनाव कार्य में सामने आ रही समस्याओं और व्यावहारिक चुनौतियों के बारे में अधिकारियों से जानकारी लेकर उनके समाधान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
जिलेवार चुनाव तैयारियों की समीक्षा
राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने अधिकारियों से नगरीय निकाय चुनाव को लेकर की जा रही तैयारियों की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने पर जोर दिया।
बैठक के दौरान अधिकारियों से मतदाता सूचियों के संशोधन और अद्यतन की स्थिति के बारे में भी जानकारी ली गई। आयोग ने यह सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया कि सभी पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में शामिल हों और मतदाता सूची से संबंधित आवश्यक प्रक्रियाएं समय पर पूरी की जाएं।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मतदाता सूची से संबंधित कार्यों में किसी प्रकार की कमी नहीं रहनी चाहिए। चुनाव की निष्पक्षता और पारदर्शिता के लिए सटीक एवं अद्यतन मतदाता सूची का होना बेहद महत्वपूर्ण है।
दिव्यांग मतदाताओं के लिए सुविधाओं पर जोर
प्रशिक्षण के दौरान दिव्यांगजनों के लिए मतदान केंद्रों पर उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं की भी समीक्षा की गई। राज्य निर्वाचन आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि दिव्यांग एवं अन्य जरूरतमंद मतदाताओं को मतदान के दौरान आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
उन्होंने मतदान केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने और यह ध्यान रखने के निर्देश दिए कि किसी भी पात्र मतदाता को मतदान करने में अनावश्यक कठिनाई का सामना न करना पड़े।
आयोग की ओर से संवेदनशील एवं क्रिटिकल मतदान केंद्रों की तैयारियों की स्थिति की भी जानकारी ली गई। संबंधित अधिकारियों को ऐसे मतदान केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाएं समय रहते सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
चुनाव कार्य में लापरवाही पर जताई नाराजगी
राज्य निर्वाचन आयुक्त ने चुनाव तैयारियों में अपेक्षित गंभीरता नहीं बरतने वाले कुछ जिलों और अधिकारियों के प्रति नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्वाचन कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही या शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि चुनाव से जुड़े सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरे किए जाएं और राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों की पूरी तरह पालना सुनिश्चित की जाए।
आयुक्त ने अधिकारियों को चुनावी प्रक्रिया की गंभीरता को समझते हुए अपने दायित्वों का पूरी जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चुनाव जैसे महत्वपूर्ण कार्य में प्रत्येक स्तर पर समन्वय और सतर्कता आवश्यक है।
नामांकन से मतगणना तक की प्रक्रिया की जानकारी
प्रशिक्षण कार्यक्रम में रिटर्निंग अधिकारियों को नगरीय निकाय चुनाव की विभिन्न प्रक्रियाओं और उनकी जिम्मेदारियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। इसमें नामांकन, मतदान और मतगणना सहित निर्वाचन प्रक्रिया के अलग-अलग चरणों पर चर्चा की गई।
रिटर्निंग अधिकारियों को उनके दायित्वों, चुनाव प्रक्रिया के दौरान अपनाई जाने वाली कार्यप्रणाली और आयोग के दिशा-निर्देशों की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों की ओर से उठाई गई शंकाओं और सवालों का समाधान भी किया गया।
प्रशिक्षण का उद्देश्य अधिकारियों को चुनाव प्रक्रिया के प्रत्येक चरण के लिए तैयार करना और यह सुनिश्चित करना रहा कि निर्वाचन कार्य के दौरान उन्हें नियमों एवं प्रक्रियाओं को लेकर किसी प्रकार की असमंजस की स्थिति न रहे।
निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव पर जोर
राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने कहा कि नगरीय निकाय आम चुनाव को निष्पक्ष, पारदर्शी, शांतिपूर्ण और सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए सभी अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ पूरी गंभीरता से काम करना होगा।
उन्होंने चुनाव से संबंधित कार्यों की नियमित निगरानी करने और किसी भी समस्या का समय रहते समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान सामने आने वाली किसी भी चुनौती को लंबित न रखा जाए और आवश्यक स्तर पर तत्काल कार्रवाई की जाए।
आयुक्त ने यह भी स्पष्ट किया कि चुनावी तैयारियों में समयबद्धता बेहद महत्वपूर्ण है। प्रत्येक अधिकारी को अपने स्तर पर सौंपे गए दायित्वों की नियमित समीक्षा करनी चाहिए, ताकि चुनाव प्रक्रिया के किसी भी चरण में अनावश्यक देरी या व्यवधान की स्थिति उत्पन्न न हो।
सभी जिलों के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंस से जुड़े
राज्य निर्वाचन आयोग के सभागार में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रदेश के सभी जिलों से संबंधित अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से जुड़े। इससे प्रदेशभर में नगरीय निकाय चुनाव की तैयारियों को लेकर अधिकारियों के साथ एक साथ संवाद और समीक्षा संभव हुई।
जिलेवार जानकारी लेते हुए आयोग ने स्थानीय स्तर पर चुनाव तैयारियों की वास्तविक स्थिति को समझने का प्रयास किया। अधिकारियों द्वारा बताई गई समस्याओं और आवश्यकताओं के आधार पर उन्हें दिशा-निर्देश भी दिए गए।
इस तरह प्रशिक्षण कार्यक्रम केवल निर्वाचन प्रक्रिया की जानकारी देने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें जिलों की तैयारियों की समीक्षा, समस्याओं का समाधान और अधिकारियों की जिम्मेदारियों को लेकर स्पष्ट मार्गदर्शन भी दिया गया।
नियमित निगरानी के निर्देश
राज्य निर्वाचन आयुक्त ने अधिकारियों को चुनाव से जुड़े कार्यों की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चुनावी तैयारियों के प्रत्येक चरण की प्रगति पर नजर रखी जाए और किसी भी स्तर पर कमी पाए जाने पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई की जाए।
उन्होंने अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। नगरीय निकाय चुनाव में विभिन्न विभागों और अधिकारियों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में सभी के बीच प्रभावी समन्वय से ही चुनाव प्रक्रिया को व्यवस्थित और सुचारू रूप से संपन्न कराया जा सकता है।
आयोग के अधिकारी रहे मौजूद
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव राजेश वर्मा सहित आयोग के अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न विषयों पर रिटर्निंग अधिकारियों का मार्गदर्शन किया।
नगरीय निकाय आम चुनाव-2026 को लेकर आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को चुनावी तैयारियों की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आयोग का फोकस मतदाता सूचियों के अद्यतन, मतदान केंद्रों पर आवश्यक सुविधाओं, संवेदनशील एवं क्रिटिकल मतदान केंद्रों की तैयारियों और निर्वाचन प्रक्रिया को निर्धारित नियमों के अनुरूप संचालित करने पर है।
राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से अधिकारियों को दिए गए निर्देशों से स्पष्ट है कि आगामी नगरीय निकाय चुनाव को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। रिटर्निंग अधिकारियों का यह प्रशिक्षण चुनाव प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाने और अधिकारियों को उनकी जिम्मेदारियों के प्रति पूरी तरह तैयार करने की दिशा में अहम भूमिका निभाएगा।
GOLDEN HIND DESK