बेढम का कांग्रेस पर पलटवार

जवाहर सिंह बेढम का कांग्रेस पर पलटवार, बोले- संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने की साजिश

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गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढम का कांग्रेस पर पलटवार, बोले- संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने की साजिश

 राजस्थान के गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढम ने कांग्रेस की ओर से एसआईआर (Special Intensive Revision) और निर्वाचन आयोग को लेकर लगाए जा रहे आरोपों तथा विरोध-प्रदर्शन पर पलटवार किया है। उन्होंने कांग्रेस नेताओं पर जनता को गुमराह करने और संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करने का आरोप लगाया।

बेढम ने कहा कि पिछले चार-पांच दिनों से कांग्रेस देश की जनता के सामने कथित तौर पर गलत बातें रखकर चुनाव आयोग को आरोपित करने का प्रयास कर रही है। उनके अनुसार कांग्रेस ने एसआईआर को लेकर विरोध किया और न्यायिक प्रक्रिया का भी सहारा लिया, लेकिन जब उसे अपेक्षित परिणाम नहीं मिला तो अब निर्वाचन आयोग के अधिकारियों को लेकर आरोप लगाए जा रहे हैं।

गृह राज्यमंत्री ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में निर्वाचन आयोग जैसी संवैधानिक संस्थाओं की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में राजनीतिक स्वार्थ के लिए इन संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाना और उनके खिलाफ दुष्प्रचार करना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है।

एसआईआर को लेकर कांग्रेस के विरोध पर निशाना

जवाहर सिंह बेढम ने कांग्रेस के एसआईआर को लेकर किए जा रहे विरोध पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने एसआईआर के मुद्दे को लेकर लगातार आवाज उठाई और इसे लेकर न्यायिक प्रक्रिया का भी सहारा लिया।

बेढम के मुताबिक, कांग्रेस की ओर से किए जा रहे विरोध और आरोपों के बावजूद उसकी कोशिश सफल नहीं हुई। इसके बाद अब कांग्रेस नेताओं की ओर से निर्वाचन आयोग के अधिकारियों पर आरोप लगाकर जनता को गुमराह करने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया को लेकर किसी भी राजनीतिक दल या संगठन को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन आरोप लगाते समय संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता और लोकतांत्रिक व्यवस्था को ध्यान में रखना जरूरी है।

‘हार की हताशा में जनता को गुमराह कर रहे कांग्रेस नेता’

गृह राज्यमंत्री ने कांग्रेस की राजनीतिक रणनीति पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश की जनता ने कांग्रेस को बार-बार नकारा है। उनके अनुसार कांग्रेस को अपनी चुनावी हार की समीक्षा करनी चाहिए, लेकिन पार्टी इसके बजाय चुनाव आयोग, ईवीएम और अन्य संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठा रही है।

बेढम ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता अपनी हार की हताशा में जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को चुनाव परिणामों और लोकतांत्रिक प्रक्रिया का सम्मान करना चाहिए।

हालांकि, कांग्रेस की ओर से एसआईआर, चुनाव प्रक्रिया और निर्वाचन आयोग को लेकर उठाए जा रहे सवालों को उसके नेताओं द्वारा लोकतांत्रिक प्रक्रिया में अपनी आपत्तियां दर्ज कराने के रूप में पेश किया जाता रहा है। ऐसे में इस मुद्दे पर दोनों पक्षों के राजनीतिक दावे अलग-अलग हैं।

निर्वाचन आयोग पर आरोपों को लेकर बेढम का बयान

जवाहर सिंह बेढम ने कहा कि निर्वाचन आयोग देश की चुनावी व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। चुनाव कराने से लेकर मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न कार्यों में आयोग की भूमिका रहती है।

उन्होंने कहा कि यदि किसी राजनीतिक दल को चुनाव प्रक्रिया को लेकर कोई आपत्ति है तो उसे निर्धारित संवैधानिक और कानूनी माध्यमों के जरिए अपनी बात रखनी चाहिए। लेकिन किसी संवैधानिक संस्था को राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का केंद्र बनाना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है।

गृह राज्यमंत्री ने कांग्रेस की ओर से लगाए जा रहे आरोपों को राजनीतिक स्वार्थ से जोड़ते हुए कहा कि संस्थाओं की विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचाने वाला दुष्प्रचार लोकतंत्र के लिए सही संदेश नहीं देता।

ईवीएम को लेकर भी कांग्रेस पर हमला

बेढम ने कांग्रेस की ओर से ईवीएम को लेकर उठाए जाने वाले सवालों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस चुनाव आयोग के साथ-साथ ईवीएम पर भी सवाल उठाती रही है।

उन्होंने कहा कि चुनावी प्रक्रिया में इस्तेमाल होने वाली व्यवस्थाओं पर सवाल उठाने से पहले तथ्यों और निर्धारित प्रक्रियाओं को सामने रखना चाहिए। उनके अनुसार बिना पर्याप्त आधार के आरोप लगाने से आम लोगों के बीच चुनाव प्रक्रिया को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है।

उन्होंने कांग्रेस से अपनी हार की समीक्षा करने और चुनाव आयोग तथा अन्य संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगाने के बजाय लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपनी भूमिका पर ध्यान देने की बात कही।

‘संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता जरूरी’

गृह राज्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र केवल चुनाव तक सीमित नहीं है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में संसद, न्यायपालिका, निर्वाचन आयोग और अन्य संवैधानिक संस्थाओं की अपनी महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

उन्होंने कहा कि इन संस्थाओं की विश्वसनीयता बनाए रखना सभी राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है। राजनीतिक मतभेद और चुनावी प्रतिस्पर्धा लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन इन मतभेदों के बीच संवैधानिक संस्थाओं की भूमिका को लेकर जनता के बीच भ्रम पैदा नहीं किया जाना चाहिए।

बेढम ने कहा कि राजनीतिक दलों को अपने मुद्दों को जनता के सामने रखने और सरकार की नीतियों की आलोचना करने का पूरा अधिकार है, लेकिन यह आलोचना तथ्यों और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के दायरे में होनी चाहिए।

कांग्रेस के प्रदर्शन के बाद बढ़ा राजनीतिक बयानबाजी का दौर

एसआईआर और निर्वाचन आयोग को लेकर कांग्रेस के विरोध-प्रदर्शन के बाद राजस्थान में भी राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस जहां चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर सवाल उठा रही है, वहीं भाजपा की ओर से कांग्रेस के आरोपों पर जवाब दिया जा रहा है।

इसी क्रम में गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढम ने कांग्रेस पर तीखा हमला किया है। उन्होंने कांग्रेस के विरोध को राजनीतिक स्वार्थ से प्रेरित बताते हुए कहा कि पार्टी को अपनी चुनावी स्थिति की समीक्षा करनी चाहिए।

बेढम के बयान से स्पष्ट है कि एसआईआर, निर्वाचन आयोग और चुनाव प्रक्रिया का मुद्दा आने वाले दिनों में भी राजस्थान की राजनीति में चर्चा का विषय बना रह सकता है।

लोकतांत्रिक व्यवस्था में आरोप-प्रत्यारोप जारी

एसआईआर और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर राजनीतिक दलों के बीच मतभेद सामने आना नया नहीं है। चुनावों के दौरान मतदाता सूची, मतदान प्रक्रिया और चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर राजनीतिक दल अपनी-अपनी आपत्तियां और दावे रखते रहे हैं।

गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढम ने कांग्रेस के मौजूदा विरोध को लेकर कहा कि राजनीतिक दलों को संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा और विश्वसनीयता का ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस नेताओं पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए कहा कि राजनीतिक लाभ के लिए संस्थाओं के खिलाफ दुष्प्रचार नहीं किया जाना चाहिए।

वहीं, इस पूरे मामले में कांग्रेस का पक्ष उसके नेताओं के बयानों और प्रदर्शन में सामने आ रहा है। इसलिए एसआईआर और निर्वाचन आयोग से जुड़े आरोपों तथा उनके तथ्यात्मक आधार का आकलन संबंधित आधिकारिक दस्तावेजों और संवैधानिक प्रक्रिया के आधार पर किया जाना महत्वपूर्ण है।

 गृह राज्यमंत्री के बयान के बाद एसआईआर और निर्वाचन आयोग को लेकर राजस्थान में सियासी बहस और तेज हो गई है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही इस मुद्दे पर अपनी-अपनी बात जनता के सामने रख रहे हैं।

GOLDEN HIND DESK