मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजनान्तर्गत लाभ प्राप्त करने हेतु ऑनलाईन आवेदन की अंतिम तिथि को बढ़ाकर 05 नवम्बर, 2026 किया गया है। एसजेईडी डीडी केके चन्द्रवंशी ने बताया कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजनान्तर्गत सम्मिलित विभिन्न प्रोफेशनल कोर्स हेतु आयोजित प्रवेश परीक्षाओं एवं सरकारी नौकरियों के लिए आयोजित होने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयार उत्कृष्ट ढंग से कराने एवं समान अवसर प्रदान करने के लिए विभाग द्वारा ऑनलाईन पोर्टल पर सूचीबद्ध कोचिंग संस्थानों में कोचिंग करने हेतु इच्छुक अभ्यर्थियों से सत्र 2026-27 के लिए ऑनलाईन आवेदन पत्र आमंत्रित किए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजनान्तर्गत विभाग द्वारा योजना के संशोधित नवीनतम विस्तृत दिशा —निर्देश एवं मानक संचालन प्रक्रिया के अनुसार पात्र अभ्यर्थी कोचिंग करने के लिए आवेदन की अंतिम तिथि को बढ़ाकर अंतिम तिथि 05 नवम्बर, 2026 किया गया है। योजनान्तर्गत पात्र अभ्यर्थी एसएसओ पोर्टल पर ऑनलाईन आवेदन 05 नवम्बर, 2026 तक प्रस्तुत कर सकते हैं। योजना से संबंधित विस्तृत जानकारी विभागीय वेबसाइट पर उपलब्ध है।
कोचिंग संस्थानों में कोचिंग करने हेतु इच्छुक अभ्यर्थियों से सत्र 2026-27 के लिए ऑनलाईन आवेदन पत्र आम
मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजनान्तर्गत लाभ प्रदान करने हेतु 05 नवम्बर, 2026 तक कर सकते हैं ऑनलाईन आवेदन
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विधानसभाध्यक्ष ने दी दीपावली की अग्रिम शुभकामनाएं
विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि दीपावली का पर्व सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और खुशहाली लेकर आए। उन्होंने कामना की कि यह पर्व सभी के लिए मंगलकारी हो। देवनानी शुक्रवार को नगर निगम परिसर में आयोजित दशहरा-दीपावली मेले में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने मेले में मौजूद दर्शकों को दीपावली की शुभकामनाएं दीं और सभी के सुखमय एवं समृद्ध जीवन की कामना की।
इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष देवनानी ने नवनियुक्त महापौर पारस सिंघवी की सराहना करते हुए उन्हें युवा और ऊर्जावान जनप्रतिनिधि बताया। उन्होंने विश्वास जताया कि पारस सिंघवी के नेतृत्व में आने वाले समय में उदयपुर शहर में चहुंमुखी विकास देखने को मिलेगा। शहर विकास के नए आयाम स्थापित करेगा और विभिन्न क्षेत्रों में प्रगति के नए अवसर सामने आएंगे।
कार्यक्रम में पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़, नाहर सिंह जोधा, उदयपुर महापौर पारस सिंघवी, गजपाल सिंह तथा उदयपुर ग्रामीण विधायक फूल सिंह मीणा सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। इससे पूर्व देवनानी के शुक्रवार दोपहर उदयपुर पहुंचने पर सर्किट हाउस में शहर विधायक ताराचंद जैन, ग्रामीण विधायक फूल सिंह मीणा, पार्षद विजय आहुजा, गजपाल सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्यों ने उनसे भेंट की।
पूर्णिमा यूनिवर्सिटी में 5 दिवसीय एमडीपी का भव्य आयोजन, एआई और 3डी डिजाइन से ग्लोबल ब्रांडिंग को मिलेगी नई दिशा
पूर्णिमा यूनिवर्सिटी में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र की ग्लोबल ब्रांडिंग को नए आयाम देने के उद्देश्य से आयोजित पांच दिवसीय मैनेजमेंट डेवलपमेंट प्रोग्राम (एमडीपी) का समापन हुआ। ‘फ्यूचर-रेडी एमएसएमई: लीवरेजिंग 3डी डिजाइन, एआई एंड इमर्सिव टेक (एआर/वीआर) फॉर ग्लोबल ब्रांडिंग’ विषय पर आधारित इस विशेष कार्यक्रम का आयोजन फैकल्टी ऑफ डिजाइन एंड आर्ट्स के विजुअल आर्ट्स, एनिमेशन एंड वीएफएक्स विभाग द्वारा किया गया।
एमएसएमई के लिए आधुनिक तकनीक और नवाचार अनिवार्य
उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि एमएसएमई मंत्रालय (जयपुर) के निदेशक प्रदीप कुमार ओझा ने एमएसएमई क्षेत्र के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा, “एमएसएमई देश की अर्थव्यवस्था और उद्यमिता की रीढ़ हैं। आज के बदलते वैश्विक बाजार में अपनी पहचान बनाने और प्रतिस्पर्धा में आगे रहने के लिए पारंपरिक तरीकों से इतर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), 3डी डिजाइन और ऑगमेंटेड व वर्चुअल रियलिटी (AR/VR) जैसी आधुनिक तकनीकों और रणनीतियों को अपनाना बेहद जरूरी हो गया है।”
ग्लोबल मार्केट में ब्रांड वैल्यू बढ़ाने पर जोर
पांच दिवसीय इस एमडीपी के दौरान प्रतिभागियों को एआई, 3डी विजुअल्स और एआर/वीआर के माध्यम से डिजिटल पहचान बनाने, इमर्सिव ब्रांड एक्सपीरियंस देने और प्रभावी डिजिटल कम्युनिकेशन विकसित करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। इस अवसर पर यूनिवर्सिटी की प्रो-प्रेसिडेंट प्रो. (डॉ.) मंजरी राय ने बताया कि, इस एमडीपी का मुख्य उद्देश्य एमएसएमई इकाइयों को तकनीक का सहारा देकर घरेलू के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी अपनी पहुंच मजबूत करने के लिए तैयार करना है। एमडीपी समन्वयक डॉ. पूजा सिंह ने बताया कि यह कार्यक्रम प्रतिभागियों को अपने बिजनेस की ग्लोबल ब्रांडिंग के लिए आवश्यक तकनीकी ज्ञान और कौशल विकसित करने में पूरी तरह मदद करेगा। फैकल्टी ऑफ डिजाइन एंड आर्ट्स के डीन डॉ. जितेंद्र शर्मा समेत फैकल्टी ऑफ डिजाइन एंड आर्ट्स के सभी शिक्षक उपस्थित रहे।
‘विकसित भारत युवा संसद-2027’ में युवाओं को मिलेगा विचार और अभिव्यक्ति का मंच, 31 अक्टूबर तक करें पंजीकरण
बूंदी में गूंजेगी युवाओं की आवाज, युवा संसद में विजेता प्रतिभागियों को मिलेगा राज्य स्तर पर प्रतिनिधित्व का अवसर ‘विकसित भारत युवा संसद-2027’ में युवाओं को मिलेगा विचार और अभिव्यक्ति का मंच, 31 अक्टूबर तक करें पंजीकरण भारत सरकार की ओर से ‘विकसित भारत युवा संसद-2027’ का आयोजन किया जा रहा है। जिला युवा अधिकारी अशोक कुमार मेघवाल ने बताया कि इसका उद्देश्य युवा शक्ति को लोकतंत्र, संवाद और राष्ट्र निर्माण से जोड़ना है। युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने, तार्किक विचार रखने और नेतृत्व क्षमता निखारने का अवसर मिलेगा।
जिला युवा अधिकारी मेघवाल ने बताया कि प्रतियोगिता का विषय ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ रखा गया है। इसमें 18 से 25 वर्ष तक के युवा भाग ले सकेंगे। प्रतिभागियों को तीन से पांच मिनट में अपने विचार प्रभावशाली एवं तार्किक ढंग से प्रस्तुत करने होंगे। आयु की गणना की कटऑफ तिथि 17 अगस्त 2026 निर्धारित है। प्रतियोगिता की जिला स्तरीय तिथि शीघ्र घोषित की जाएगी तथा जिला स्तर पर चयनित प्रतिभागी राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेंगे।
माय भारत से जुड़े भूपेन्द्र योगी ने बताया कि पंजीकरण की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर 2026 है। इच्छुक युवा माय भारत के आधिकारिक पोर्टल "MY Bharat पोर्टल" (https://mybharat.gov.in) पर ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए मोबाइल नंबर 9680795610 अथवा ई-मेल mybhartbundi@gmail.com पर संपर्क किया जा सकता है।
पंचायतीराज चुनाव के दौरान मतदान दिवस पर संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में रहेगा सार्वजनिक अवकाश
पंचायतीराज संस्थाओं के आम चुनाव-2026 के तहत जयपुर जिले में जिला परिषद एवं पंचायत समिति सदस्य तथा पंच-सरपंच पदों के निर्वाचन के लिए निर्धारित मतदान तिथियों पर संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में सार्वजनिक अवकाश रहेगा। जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) संदेश नायक ने बताया कि राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा घोषित चुनाव कार्यक्रम एवं समय-सारणी में संशोधन के अनुसार जयपुर जिले में चार चरणों में मतदान की तिथियां निर्धारित की गई हैं। प्रथम चरण का मतदान संपन्न होने के उपरांत द्वितीय चरण में जिला परिषद् एवं पंचायत समिति सदस्य पदों के लिए 28 अक्टूबर तथा पंच-सरपंच पदों के लिए 30 अक्टूबर को मतदान होगा। तृतीय चरण में सदस्य पदों के लिए 3 नवंबर तथा पंच-सरपंच पदों के लिए 5 नवंबर को मतदान होगा। इसी प्रकार चतुर्थ चरण में सदस्य पदों के लिए 14 नवंबर तथा पंच-सरपंच पदों के लिए 16 नवंबर को मतदान होगा।
उन्होंने बताया कि मतदान दिवस पर संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में स्थित समस्त सरकारी एवं अर्द्धसरकारी कार्यालयों में सार्वजनिक अवकाश रहेगा। साथ ही परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 की धारा 25 के अंतर्गत भी मतदान दिवस पर संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में सार्वजनिक अवकाश रहेगा, ताकि इन क्षेत्रों के मतदाता मतदान कर सकें। पुनर्मतदान की स्थिति में भी जिन मतदान क्षेत्रों में पुनर्मतदान होगा, वहां पुनर्मतदान की तिथि को सार्वजनिक अवकाश रहेगा।
मतदान के लिए सवैतनिक अवकाश देना अनिवार्य
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि मतदान दिवस पर संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में स्थित औद्योगिक एवं वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों में कार्यरत सभी कार्मिकों, जिनमें आकस्मिक कामगार भी सम्मिलित हैं, को सवैतनिक अवकाश प्रदान किया जाएगा, ताकि वे अपने मताधिकार का स्वतंत्र एवं निष्पक्ष रूप से उपयोग कर सकें। उन्होंने बताया कि ऐसे कार्मिक, जो संबंधित पंचायतीराज निर्वाचन क्षेत्रों के मतदाता के रूप में पंजीकृत हैं, लेकिन अपने निर्वाचन क्षेत्र से अलग किसी अन्य स्थान पर कार्यरत हैं, उन्हें भी नियमानुसार मतदान तिथियों का सवैतनिक अवकाश देय होगा।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि यदि कोई नियोजक इन प्रावधानों की अवहेलना करते हुए मतदान के दिन कर्मचारी को मताधिकार का उपयोग करने हेतु अवकाश नहीं देता है, तो दण्डात्मक कार्रवाई के लिए संबंधित रिटर्निंग अधिकारी को तथ्यात्मक विवरण देते हुए अवगत कराया जा सकता है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं नियोजकों से आदेशों की पालना सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
सहकारिता विभाग के शासन सचिव ने राजस्थान संपर्क 181 पर परिवादों की समीक्षा की
आमजन एवं किसानों की समस्याओं का त्वरित समाधान तथा उन्हें समयबद्ध राहत उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। राजस्थान सम्पर्क हेल्पलाइन-181 के माध्यम से प्राप्त शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है। इसी क्रम में शासन सचिव एवं रजिस्ट्रार, सहकारिता विभाग डॉ. समित शर्मा ने आज बुधवार को हेल्पलाइन- 181 कॉल सेंटर पहुंचकर सहकारिता विभाग से संबंधित परिवादों की स्थिति एवं उनके निस्तारण की समीक्षा की।
डॉ. शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की किस्त, पंजीकरण एवं पुनः सत्यापन से संबंधित परिवादों का प्राथमिकता से निस्तारण किया जाए। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं के समाधान में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए तथा प्रत्येक परिवाद पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से डीग जिले के परिवादी भगवानदास से बात की, परिवादी ने बताया कि उन्होंने किसान सम्मान निधि योजना में आवेदन किया है परंतु छह माह से योजना की किस्त प्राप्त नहीं हुई है। डॉ. शर्मा ने संबंधित अधिकारी से बात कर इसके निस्तारण के आदेश दिए।
इसी प्रकार, दौसा जिले के परिवादी प्रेमराज ने शिकायत दर्ज कराई कि उनके द्वारा पूर्व भूमि स्वामी से संबंधित विवरण अपडेट किया गया था। परन्तु तहसील स्तर पर पुनः सत्यापन नहीं होने से उन्हें योजना की शेष किस्तों का लाभ नहीं मिल सका है। डॉ. शर्मा ने तहसीलदार से बात कर तत्काल समस्या का समाधान करने को कहा। उन्होंने सवाई माधोपुर जिले के परिवादी मुकेश की खाद अनुपलब्धता तथा झालावाड़ जिले के परिवादी मेरवां की गेहूं की उपज का पंजीकरण करवाने के बावजूद भुगतान नहीं मिलने की शिकायतों को भी संवेदनशीलता के साथ सुना तथा संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई कर शिकायतों का समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
हेल्पलाइन पर 98.56 प्रतिशत परिवादों का निस्तारण
उल्लेखनीय है कि राजस्थान सम्पर्क हेल्पलाइन पर सहकारिता विभाग से संबंधित अब तक कुल 2,01,393 परिवाद दर्ज किए गए हैं। इनमें से 1,98,493 परिवादों का निस्तारण किया जा चुका है, जो कुल परिवादों का 98.56 प्रतिशत है। परिवादों के निस्तारण में औसतन 13 दिन का समय लग रहा है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की किस्त प्राप्त नहीं होने से संबंधित 1,74,732 परिवाद दर्ज हुए हैं। इनमें से 1,72,647 परिवादों का निस्तारण किया जा चुका है। इसी प्रकार पंजीकरण एवं पुनः सत्यापन से संबंधित 3,166 परिवादों में से 2,998 का निस्तारण किया गया है।
निरीक्षण के दौरान डॉ. शर्मा ने राजस्थान संपर्क एआई की कार्यप्रणाली एवं उसके उपयोग की विस्तृत जानकारी भी ली। उन्होंने कहा कि संपर्क एआई के प्रभावी उपयोग के लिए विभागीय अधिकारियों को आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, ताकि परिवादों के निस्तारण की प्रक्रिया को अधिक सुगम एवं तेज बनाया जा सके। निरीक्षण एवं बैठक के दौरान संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।