राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने नई दिल्ली प्रवास के दौरान केंद्र सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों से मुलाकात कर अजमेर के समग्र विकास से जुड़े कई अहम मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। इस दौरान उन्होंने आईटी पार्क के विकास, रेलवे सेवाओं के विस्तार, पासपोर्ट कार्यालय के उन्नयन और विदेशों में कार्यरत लोगों की सुरक्षा जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की।
देवनानी ने स्पष्ट रूप से कहा कि अजमेर को एक आधुनिक, विकसित और रोजगार के नए अवसरों से युक्त शहर बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने विभिन्न मंत्रालयों से सहयोग का आग्रह करते हुए कई ठोस प्रस्ताव प्रस्तुत किए।
आईटी पार्क में निवेश से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
देवनानी ने केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी एवं रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात के दौरान अजमेर में प्रस्तावित आईटी पार्क को शीघ्र शुरू करने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि यह परियोजना न केवल शहर के विकास को गति देगी, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार भी खोलेगी।
इस पर अश्विनी वैष्णव ने सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए आश्वासन दिया कि आईटी पार्क में निवेश के लिए बड़ी कंपनियों को आकर्षित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अजमेर में आईटी सेक्टर के विकास की अपार संभावनाएं हैं और इस दिशा में केंद्र सरकार गंभीरता से काम कर रही है।
आईटी पार्क की स्थापना से स्थानीय युवाओं को अपने ही शहर में रोजगार मिलने की संभावना बढ़ेगी, जिससे पलायन में भी कमी आएगी। साथ ही इससे तकनीकी और औद्योगिक विकास को भी मजबूती मिलेगी।
रेल सेवाओं के विस्तार पर जोर
रेल मंत्री से मुलाकात के दौरान देवनानी ने अजमेर रेलवे स्टेशन के ऐतिहासिक महत्व को रेखांकित करते हुए यहां रेलवे अवसंरचना को और मजबूत करने की मांग रखी। उन्होंने वंदे भारत ट्रेन के कोच निर्माण कारखाने की स्थापना का प्रस्ताव भी रखा।
उन्होंने बताया कि अजमेर उत्तर पश्चिम रेलवे का प्रमुख केंद्र रहा है, जहां पहले से ही कैरिज और लोको वर्कशॉप संचालित होती रही हैं। ऐसे में यहां कोच निर्माण इकाई स्थापित करने से बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन होगा और क्षेत्र में औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी।
इसके साथ ही देवनानी ने अजमेर से नई ट्रेनों के संचालन की भी मांग रखी। इनमें उदयपुर-जयपुर वाया अजमेर वंदे भारत ट्रेन का पुनः संचालन, अजमेर-मैसूर ट्रेन को दैनिक करने, अजमेर-जोधपुर के बीच सुबह इंटरसिटी सेवा शुरू करने और अजमेर-चेन्नई के लिए साप्ताहिक ट्रेन शुरू करने जैसे प्रस्ताव शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि अजमेर रेलवे स्टेशन से प्रतिदिन करीब 150 ट्रेनों का संचालन होता है और लगभग 50 हजार यात्री यहां से यात्रा करते हैं। ऐसे में बढ़ती मांग को देखते हुए रेल सेवाओं का विस्तार बेहद जरूरी है।
पासपोर्ट कार्यालय के उन्नयन की मांग
देवनानी ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात कर अजमेर में पासपोर्ट सेवाओं को मजबूत करने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि वर्तमान में पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्र कार्यरत है, लेकिन इसे पूर्ण विकसित स्वतंत्र पासपोर्ट कार्यालय में अपग्रेड किया जाना चाहिए।
उन्होंने तर्क दिया कि अजमेर एक महत्वपूर्ण धार्मिक और पर्यटन केंद्र है, जहां हर साल देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं। इसके अलावा यहां के कई लोग विदेशों में कार्यरत हैं, जिससे पासपोर्ट सेवाओं की मांग लगातार बढ़ रही है।
ऐसे में पूर्ण विकसित पासपोर्ट कार्यालय की स्थापना से आमजन को बेहतर और तेज सेवाएं मिल सकेंगी।
प्रवासी भारतीयों की सुरक्षा पर भी चर्चा
विदेश मंत्री के साथ बैठक में देवनानी ने खाड़ी देशों में कार्यरत अजमेर सहित देशभर के नागरिकों की सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में लोग रोजगार के लिए मध्य पूर्व देशों में जाते हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा और किसी भी आपात स्थिति में सहायता सुनिश्चित करना जरूरी है।
इस पर एस. जयशंकर ने भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार इस दिशा में लगातार काम कर रही है और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
अजमेर के समग्र विकास की दिशा में पहल
देवनानी द्वारा उठाए गए ये सभी मुद्दे अजमेर के समग्र और बहुआयामी विकास से जुड़े हुए हैं। आईटी पार्क, रेलवे विस्तार और पासपोर्ट सेवाओं के उन्नयन से न केवल शहर का बुनियादी ढांचा मजबूत होगा, बल्कि रोजगार, पर्यटन और निवेश के नए अवसर भी पैदा होंगे।
विशेष रूप से आईटी पार्क की स्थापना से अजमेर को एक नए औद्योगिक और तकनीकी हब के रूप में विकसित करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
निष्कर्ष
नई दिल्ली में हुई इन बैठकों के जरिए वासुदेव देवनानी ने अजमेर के विकास के लिए एक मजबूत पहल की है। केंद्र सरकार के मंत्रियों द्वारा दिए गए सकारात्मक संकेतों से यह उम्मीद की जा रही है कि आने वाले समय में इन परियोजनाओं पर तेजी से काम होगा।
यदि ये प्रस्ताव धरातल पर उतरते हैं, तो अजमेर न केवल राजस्थान बल्कि देश के प्रमुख विकसित शहरों में अपनी जगह बना सकता है। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार, बेहतर सुविधाएं और आधुनिक बुनियादी ढांचा मिलेगा, जो शहर के भविष्य को नई दिशा देगा।
Golden Hind Desk