कल गुरुवार (26 जुलाई) को जयपुर विकास प्राधिकरण द्वारा जयपुर शहर के वैशाली नगर, गोपालपुरा बायपास, नारायण सिंह सर्किल क्षेत्रों पर अतिक्रमण के खिलाफ कार्यवाही करी गई। जेडीए प्रवर्तन दस्ते की एक टीम ने शहर के लगभग 4 किलोमीटर क्षेत्र में लगभग 220 से ज्यादा अवैध अतिक्रमण ध्वस्त किए।
इन दिनों अतिक्रमणों के खिलाफ जेडीए दस्ते की कार्यवाहियों की संख्या में इज़ाफा है। कुछ दिनों पहले यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने जयपुर विकास प्राधिकरण पहुंच अतिक्रमणों से नाराज़ होकर निगम अफसरों को फटकार लगाई। इसके बाद से ही जेडीए लगातार इन अतिक्रमणों के खिलाफ़ कार्यवाही कर रहा है। कल कार्याही के बाद मुख्य नियंत्रण प्रवर्तक महेंद्र कुमार शर्मा ने बताया की आज जोन 6 और 7 में वैशाली नगर, खातीपुरा, झोंटवाड़ा, पुरानी चुंगी, क्वींस रोड से खातीपुरा होते हुए लता सर्किल तक रोड के दोनों तरफ लगभग 4 किलोमीटर क्षेत्र में यह कार्यवाही करी। प्राधिकरण ने दुकान, मकानों के चबूतरे, लोहे के एंगल, तिरपाल, साइन व बोर्ड जैसे लगभग 220 अतिक्रमणों को ध्वस्त किया।
आने वाली 29 तारीख को प्राधिकरण प्रवर्तन दस्ता एसएमएस हॉस्पिटल से नारायण सिंह सर्किल, त्रिमूर्ति सर्किल, जेके लोन से बांगड़ अस्पताल तक लगभग 3 किलोमीटर क्षेत्र और फिर गोपालपुरा बायपास से रामबाग सर्किल के 4.5 किलोमीटर क्षेत्र में कार्यवाही करेगा। जेडीए द्वारा इन अतिक्रमणों के खिलाफ लगातार कभी अतिक्रमण ध्वस्त कर या नोटिस देकर कार्यवाही करी जा रही है। इससे पहले 30 अप्रैल और 27 जून को भी अतिक्रमणों के खिलाफ एक्शन लिया गया था। 27 जून को मानसरोवर मेट्रो स्टेशन से रजत पथ के बीच जेडीए ने 120 अतिक्रमाओं के खिलाफ बड़े स्तर पर कार्यवाही करी थी।
अतिक्रमणों पर गिरी जेडीए की गाज
अस्थाई अतिक्रमणों पर चला जेडीए का डंडा, 220 अतिक्रमण ध्वस्त
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मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास से इंडियन ऑयल चेयरमैन की शिष्टाचार भेंट, पेट्रोलियम क्षेत्र पर चर्चा
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास से इंडियन ऑयल के चेयरमैन अरविंदर सिंह साहनी की शिष्टाचार भेंट, राजस्थान में पेट्रोलियम और ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े विषयों पर चर्चा
राजस्थान के मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास से शुक्रवार को जयपुर स्थित सचिवालय में इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (IOCL) के चेयरमैन श्री अरविंदर सिंह साहनी ने शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान राजस्थान में इंडियन ऑयल की विभिन्न गतिविधियों, पेट्रोलियम एवं ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों तथा कंपनी के संचालन से संबंधित मुद्दों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में राज्य सरकार और इंडियन ऑयल के बीच बेहतर समन्वय, कंपनी की गतिविधियों के सुचारू संचालन तथा विभिन्न परियोजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने प्रदेश में इंडियन ऑयल के कार्यों के लिए आवश्यक सहयोग एवं समन्वय सुनिश्चित करने की बात कही। वहीं, कंपनी के चेयरमैन ने भी राज्य सरकार के साथ मिलकर गतिविधियों को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
सचिवालय में हुई महत्वपूर्ण मुलाकातइंडियन ऑयल के चेयरमैन अरविंदर सिंह साहनी ने 18 सितंबर को राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास से सचिवालय में मुलाकात की। यह मुलाकात शिष्टाचार भेंट के रूप में हुई, जिसमें पेट्रोलियम एवं ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा की गई।
इंडियन ऑयल देश की प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र की तेल एवं गैस कंपनियों में शामिल है। कंपनी पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति, ईंधन वितरण और ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों में कार्यरत है। राजस्थान में भी कंपनी की गतिविधियां पेट्रोलियम एवं ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ी आवश्यकताओं के संदर्भ में महत्वपूर्ण हैं।
बैठक के दौरान राज्य में कंपनी के संचालन तथा विभिन्न गतिविधियों से संबंधित विषयों पर चर्चा की गई। हालांकि, आधिकारिक जानकारी में किसी नई परियोजना, निवेश राशि या किसी विशेष समझौते की घोषणा का उल्लेख नहीं किया गया है।
राजस्थान में इंडियन ऑयल की गतिविधियों पर विचार-विमर्शमुख्य सचिव वी. श्रीनिवास और इंडियन ऑयल के चेयरमैन अरविंदर सिंह साहनी के बीच हुई चर्चा में राजस्थान में कंपनी के संचालन से जुड़े विभिन्न पहलुओं को शामिल किया गया।
बैठक में पेट्रोलियम एवं ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े विषयों के साथ-साथ राज्य में इंडियन ऑयल की विभिन्न गतिविधियों को लेकर विचार-विमर्श हुआ। कंपनी के कामकाज को सुचारू बनाए रखने और राज्य सरकार के साथ बेहतर तालमेल के संबंध में भी चर्चा की गई।
राजस्थान जैसे बड़े भौगोलिक क्षेत्र वाले राज्य में ऊर्जा और पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता का विषय महत्वपूर्ण है। उद्योग, परिवहन, कृषि और अन्य क्षेत्रों की आवश्यकताओं के लिए ईंधन की आपूर्ति व्यवस्था अहम भूमिका निभाती है। ऐसे में सरकारी विभागों और ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों के बीच समन्वय का अपना महत्व है।
हालांकि, इस शिष्टाचार भेंट के दौरान किन विशिष्ट परियोजनाओं या योजनाओं पर आगे कार्रवाई की जाएगी, इसकी विस्तृत जानकारी आधिकारिक विज्ञप्ति में साझा नहीं की गई है।
राज्य सरकार की ओर से पूर्ण सहयोग का आश्वासनबैठक के दौरान मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने राजस्थान में इंडियन ऑयल के संचालन और कंपनी की विभिन्न परियोजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।
उन्होंने प्रदेश में कंपनी की गतिविधियों को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए आवश्यक सहयोग एवं समन्वय सुनिश्चित करने की बात कही। इससे राज्य सरकार और इंडियन ऑयल के बीच प्रशासनिक स्तर पर बेहतर तालमेल बनाए रखने की प्रतिबद्धता सामने आई।
सरकारी विभागों और सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के बीच समन्वय से विभिन्न कार्यों को आगे बढ़ाने में सहायता मिल सकती है। विशेष रूप से पेट्रोलियम एवं ऊर्जा क्षेत्र में प्रशासनिक सहयोग, आवश्यक अनुमतियों और विभागीय तालमेल का महत्व रहता है।
मुख्य सचिव की ओर से दिए गए सहयोग के आश्वासन का उद्देश्य राज्य में इंडियन ऑयल की गतिविधियों के संचालन और परियोजनाओं के क्रियान्वयन में आवश्यक समन्वय बनाए रखना है।
इंडियन ऑयल के चेयरमैन ने भी जताई प्रतिबद्धताइंडियन ऑयल के चेयरमैन श्री अरविंदर सिंह साहनी ने भी राजस्थान सरकार के साथ सहयोग और समन्वय के माध्यम से कंपनी की गतिविधियों को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
उन्होंने राज्य सरकार के साथ मिलकर काम करने की भावना व्यक्त की। इससे प्रदेश में इंडियन ऑयल के संचालन से जुड़े कार्यों में आपसी सहयोग को महत्व दिए जाने का संकेत मिलता है।
इंडियन ऑयल की विभिन्न गतिविधियों के प्रभावी संचालन के लिए राज्य के संबंधित विभागों के साथ तालमेल आवश्यक होता है। ऐसे में उच्चस्तरीय अधिकारियों के बीच होने वाली बैठकों के माध्यम से संचालन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा और आपसी संवाद का अवसर मिलता है।
हालांकि, बैठक के दौरान किसी नई योजना की शुरुआत, निवेश की घोषणा या परियोजना के लिए समयसीमा तय किए जाने की सूचना जारी नहीं की गई है।
कई वरिष्ठ अधिकारी रहे उपस्थितमुख्य सचिव और इंडियन ऑयल के चेयरमैन के बीच हुई इस बैठक में राजस्थान सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
इस अवसर पर राजस्व एवं उपनिवेशन विभाग के प्रमुख शासन सचिव श्री टी. रविकान्त, खान एवं पेट्रोलियम विभाग की विशिष्ट शासन सचिव श्रीमती नम्रता वृष्णी तथा वित्त (कर) विभाग के विशिष्ट शासन सचिव श्री नथमल डीडेल सहित विभिन्न विभागों के आला अधिकारी उपस्थित रहे।
इसके अतिरिक्त, इंडियन ऑयल के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए। अधिकारियों की मौजूदगी में राज्य में कंपनी की गतिविधियों और पेट्रोलियम एवं ऊर्जा क्षेत्र से संबंधित विषयों पर चर्चा की गई।
बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों की भागीदारी से यह स्पष्ट होता है कि कंपनी के संचालन से जुड़े विषयों पर प्रशासनिक समन्वय को महत्व दिया गया। हालांकि, आधिकारिक विज्ञप्ति में प्रत्येक अधिकारी की ओर से दिए गए सुझावों या चर्चा के विस्तृत बिंदुओं की जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है।
पेट्रोलियम एवं ऊर्जा क्षेत्र में समन्वय का महत्वराजस्थान में पेट्रोलियम और ऊर्जा क्षेत्र का राज्य की आर्थिक गतिविधियों से सीधा संबंध है। परिवहन, औद्योगिक गतिविधियों, कृषि और व्यापार के लिए ऊर्जा संसाधनों की उपलब्धता महत्वपूर्ण होती है। इस क्षेत्र में काम करने वाली कंपनियों और सरकारी विभागों के बीच बेहतर समन्वय से संबंधित कार्यों को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
इंडियन ऑयल देश में पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति और वितरण से जुड़ी प्रमुख कंपनियों में से एक है। राज्य में कंपनी की गतिविधियों के सुचारू संचालन के लिए प्रशासनिक सहयोग और विभिन्न विभागों के बीच तालमेल की आवश्यकता होती है।
मुख्य सचिव और इंडियन ऑयल के चेयरमैन के बीच हुई मुलाकात में इसी तरह के विषयों पर चर्चा की गई। राज्य सरकार की ओर से सहयोग का आश्वासन और कंपनी की ओर से समन्वय के साथ काम करने की प्रतिबद्धता इस बैठक के प्रमुख बिंदु रहे।
यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है, जब राज्य में विभिन्न क्षेत्रों के विकास और आवश्यक सेवाओं से जुड़े कार्यों में सरकारी संस्थाओं तथा सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के बीच सहयोग महत्वपूर्ण बना हुआ है।
सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुई बैठकमुख्य सचिव वी. श्रीनिवास और इंडियन ऑयल के चेयरमैन अरविंदर सिंह साहनी के बीच हुई शिष्टाचार भेंट सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुई।
बैठक में राजस्थान में इंडियन ऑयल के संचालन, पेट्रोलियम एवं ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े विषयों और कंपनी की विभिन्न गतिविधियों पर चर्चा की गई। मुख्य सचिव ने कंपनी के कार्यों के लिए आवश्यक सहयोग का भरोसा दिलाया, जबकि इंडियन ऑयल के चेयरमैन ने राज्य सरकार के साथ समन्वय बनाकर आगे बढ़ने की प्रतिबद्धता जताई।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस मुलाकात का मुख्य उद्देश्य राज्य सरकार और इंडियन ऑयल के बीच संवाद एवं समन्वय को बनाए रखना रहा। बैठक में किसी नई परियोजना या बड़े निवेश की घोषणा नहीं की गई।
सीमांत व दूरदराज क्षेत्रों तक हाई-स्पीड डिजिटल कनेक्टिविटी पहुंचाना सर्वोच्च प्राथमिकता
शासन सचिवालय में शुक्रवार को मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में 18वीं स्टेट ब्रॉडबैंड कमेटी की बैठक आयोजित हुई। बैठक में प्रदेशभर में डिजिटल बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण, केंद्र सरकार की पूंजीगत निवेश विशेष सहायता योजना 2026-27 के तहत किए जाने वाले सुधारों, दूरसंचार राइट ऑफ वे नियम-2024 के क्रियान्वयन एवं 4G सेचुरेशन परियोजना की विस्तृत समीक्षा की गई।
मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश के दूरदराज, जनजातीय एवं अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे गांवों (वाइब्रेंट विलेज) तक डिजिटल सेवाओं व निर्बाध इंटरनेट कनेक्टिविटी की पहुंच सुनिश्चित करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि कनेक्टिविटी के अभाव में आमजन को सरकारी योजनाओं व डिजिटल सेवाओं के लाभ से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा।
आर ओ डब्लू सुधारों व सिंगल विंडो सिस्टम को गति देने के निर्देश
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने निर्देश दिए कि 1 जनवरी 2025 से प्रभावी नए आर ओ डब्लू नियमों को राज्य के सभी नगरीय निकायों, निगमों व सार्वजनिक उपक्रमों द्वारा 30 सितंबर तक अनिवार्य रूप से अंगीकृत किया जाए। बैठक में बताया गया कि 7 प्रमुख विभाग पहले ही राज्य आर ओ डब्लू पोर्टल से जुड़ चुके हैं तथा शेष संस्थाओं का एकीकरण भी शीघ्र पूर्ण किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऑफलाइन आवेदनों की व्यवस्था पूर्णतः समाप्त कर सभी प्रक्रियाएं स्टेट आर ओ डब्लू पोर्टल के माध्यम से पारदर्शी ढंग से संचालित हों।
विशेष सहायता योजना के तहत 150 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन लक्ष्य
बैठक के दौरान बताया गया कि वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग की विशेष सहायता योजना के तहत 31 मार्च 2026 तक के सभी बकाया आर ओ डब्लू आवेदनों का शत-प्रतिशत निस्तारण किया जा चुका है। मुख्य सचिव ने आर ओ डब्लू अनुमतियों के औसत निस्तारण समय को 45 दिन से कम (वर्तमान औसत लगभग 32 दिन) बनाए रखने पर संतोष व्यक्त किया तथा शेष औपचारिकताओं यथा संशोधित भारतनेट परियोजना एडेंडम का निष्पादन एवं ऊर्जा विभाग द्वारा कॉमन एप्लीकेशन फॉर्म व समेकित बिलिंग व्यवस्था को समयबद्ध रूप से लागू करने के निर्देश दिए, ताकि राज्य को 150 करोड़ रुपए की संपूर्ण प्रोत्साहन राशि प्राप्त हो सके।
4G सेचुरेशन: भूमि आवंटन में तेजी लाएं जिला कलेक्टर
दूरसंचार विभाग द्वारा वित्तपोषित 4G सेचुरेशन परियोजना की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि जिन जिलों — विशेषकर उदयपुर, बीकानेर, बाड़मेर, जैसलमेर में मोबाइल टावरों हेतु राजस्व भूमि आवंटन लंबित है, वहां जिला कलेक्टर व्यक्तिगत रुचि लेकर इसका शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती जिलों (बाड़मेर, श्रीगंगानगर आदि) के अनकवर्ड गांवों को सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर नेटवर्क से जोड़ा जाए।
उद्योग जगत की समस्याओं का व्यावहारिक समाधान करने के निर्देश
बैठक में दूरसंचार सेवा प्रदाताओं द्वारा उठाए गए मुद्दों पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए मुख्य सचिव ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि स्थानीय निकायों द्वारा अस्वीकृत आवेदनों की प्रोसेसिंग फीस लौटाए जाने पर विचार किया जाए, स्मार्ट मीटरिंग व समूह बिलिंग प्रक्रिया को सुगम बनाया जाए, तथा मोबाइल टावर स्थापना पर बिना विधिक सुनवाई अथवा आधारहीन शिकायतों पर एकतरफा रोक न लगाई जाए ऐसे प्रकरणों का निस्तारण जिला कलेक्टर स्तर पर आर ओ डब्लू नियमों व दिशा-निर्देशों के अनुरूप ही किया जाए। उन्होंने स्मार्ट सिटी डक्ट व नगरपालिका क्षेत्रों में केबल बिछाने के शुल्कों को व्यावहारिक व मानकीकृत रखने के भी निर्देश दिए, ताकि आधारभूत ढांचे का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित हो सके।
बैठक में सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग के शासन सचिव रवि कुमार सुरपुर, सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग के आयुक्त हिमांशु गुप्ता, दूरसंचार विभाग के प्रतिनिधि, ऊर्जा, पंचायती राज विभाग, जयपुर मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड, राजस्थान पर्यटन विकास निगम, राजस्थान आवासन मंडल, राजस्थान परिवहन विभाग, राजस्थान पुलिस इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड व राजस्व विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे, जबकि सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया एवं डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोवाइडर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी वीसी के माध्यम से बैठक से जुड़े।
मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना से 9.35 लाख का मिला ऋण,शुरू किया हस्तशिल्प व्यवसाय
मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना (MYSY) के माध्यम से जिले की मुस्कान खत्री ने अपने पारंपरिक हुनर को सफल व्यवसाय में बदलकर आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की है। पारंपरिक राखी एवं हस्तशिल्प निर्माण का हुनर होने के बावजूद सीमित पूंजी के कारण वे इसे व्यावसायिक रूप नहीं दे पा रही थीं। जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्र, फलौदी के मार्गदर्शन में उन्होंने मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना (MYSY) के तहत आवेदन किया। योजना के अंतर्गत 9 लाख 35 हजार रुपए का ऋण स्वीकृत हुआ, जिसमें विभाग द्वारा 50 हजार रुपए का मार्जिन मनी अनुदान भी स्वीकृत किया गया।
महिलाओं को घर बैठे नियमित आजीविका का अवसर मिल रहा
वित्तीय सहायता मिलने के बाद मुस्कान ने आधुनिक सिलाई एवं असेंबलिंग मशीनरी स्थापित कर थोक स्तर पर कच्चा माल खरीदना शुरू किया। उन्होंने अपने व्यवसाय को विस्तार देने के साथ-साथ महिला सशक्तीकरण का अनुकरणीय मॉडल भी विकसित किया। वे अन्य महिलाओं को हस्तशिल्प निर्माण का प्रशिक्षण देकर उनके कौशल का विकास करती हैं तथा उन्हें घर पर ही कच्चा माल उपलब्ध करवाकर तैयार उत्पाद प्राप्त करती हैं।
इस पहल से क्षेत्र की 10 महिलाओं को घर बैठे नियमित आजीविका का अवसर मिल रहा है। वर्तमान में मुस्कान थोक स्तर पर तैयार उत्पादों की बिक्री कर लगभग 1 से 1.20 लाख रुपए प्रतिमाह का कारोबार/आय प्राप्त कर रही हैं। मुस्कान का कहना है कि मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना ने मुझे केवल आत्मनिर्भर व्यवसायी ही नहीं बनाया, बल्कि अन्य महिलाओं को भी घर बैठे स्वावलंबी बनने का सामर्थ्य दिया है।
सीमा से पुलिस लाइन तक डीजीपी राजीव कुमार शर्मा का दौरा
पश्चिमी राजस्थान के तीन दिवसीय दौरे के तहत पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा ने गुरुवार को सुबह तनोट माता मंदिर में दर्शन एवं आरती में शिरकत की। इसके बाद जैसलमेर पहुंचकर उन्होंने पुलिस लाइन, ऑफिसर्स मैस, महिला बैरक, जिम, कैंटीन और पुलिस लाइन में संचालित महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय का निरीक्षण किया। बाद में बालोतरा जिले के सिणधरी थाने पहुंचकर कानून-व्यवस्था की समीक्षा की तथा पुलिसकर्मियों को आमजन के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर नशे एवं साइबर अपराध की रोकथाम में जनसहयोग लेने के निर्देश दिए।
तनोट माता के दर्शन, आरती में हुए शामिल
डीजीपी शर्मा ने सुबह तनोट माता मंदिर में दर्शन किए और आरती में शामिल होकर प्रदेश में सर्वतोमुखी समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इसके बाद वे जैसलमेर जिला मुख्यालय स्थित ऑफिसर्स मैस पहुंचे, जहां उन्हें गार्ड द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। डीजीपी ने पुलिस लाइन जैसलमेर में पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए स्थापित जिम और कैंटीन का निरीक्षण किया। उन्होंने वहां पुलिसकर्मियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी ली और व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
महिला बैरक का निरीक्षण, बेहतर सुविधाओं पर जोर
पुलिस लाइन में नवनिर्मित महिला बैरक का भी डीजीपी ने निरीक्षण किया। उन्होंने बैरक में उपलब्ध व्यवस्थाओं का जायजा लिया और महिला पुलिसकर्मियों के लिए बेहतर एवं सुविधाजनक वातावरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके बाद डीजीपी शर्मा पुलिस लाइन में संचालित महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय पहुंचे। उन्होंने शिक्षकों एवं विद्यार्थियों से संवाद कर विद्यालय में पढ़ाई और शिक्षा व्यवस्था की जानकारी ली। वे कक्षा-कक्षों में भी पहुंचे और विद्यार्थियों से उनके पाठ्यक्रम सहित पढ़ाई से जुड़े विषयों पर बातचीत की। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों को टॉफियां वितरित कीं।
सिणधरी थाने में कानून-व्यवस्था की समीक्षा
जैसलमेर से डीजीपी शर्मा बालोतरा जिले के सिणधरी पुलिस थाने पहुंचे, जहां उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। उन्होंने थाने का निरीक्षण करने के बाद पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की और क्षेत्र की कानून-व्यवस्था तथा अपराध की स्थिति के बारे में जानकारी ली। डीजीपी ने पुलिसकर्मियों से कहा कि आमजन के साथ निरंतर समन्वय और संवाद बनाए रखते हुए पुलिसिंग को और प्रभावी बनाया जाए। उन्होंने नशे की रोकथाम तथा साइबर अपराधों से बचाव के लिए आमजन का सहयोग लेने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर लोगों को जागरूक कर पुलिस के साथ सूचनाओं का आदान-प्रदान मजबूत किया जाए।
रात में बीएसएफ जवानों से सीमा संवाद, सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा
इससे पूर्व बुधवार रात डीजीपी राजीव कुमार शर्मा बबलियान बॉर्डर आउट पोस्ट पहुंचे। यहां उन्होंने बीएसएफ अधिकारियों एवं जवानों से रूबरू होकर सीमा संवाद किया और विषम परिस्थितियों में ड्यूटी कर रहे सीमा प्रहरियों का हौसला बढ़ाया। डीजीपी ने भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा का भ्रमण कर सीमा सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने सीमा पर तैनात जवानों के साथ संवाद करते हुए राजस्थान पुलिस की ओर से बीएसएफ के साथ निरंतर प्रभावी समन्वय बनाए रखने की बात कही। इसके बाद वे तनोट पहुंचे, जहां रात्रि विश्राम किया। इस दौरान आईजी सत्येंद्र सिंह, डीआईजी कुंवर राष्ट्रदीप, जैसलमेर पुलिस अधीक्षक अभिषेक शिवहरे सहित अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।
नगर निगम जयपुर आम चुनाव 2026, महापौर एवं उप महापौर निर्वाचन कार्यक्रम जारी
राज्य निर्वाचन आयोग, राजस्थान द्वारा नगर निगम जयपुर के महापौर एवं उप महापौर पद के निर्वाचन के संबंध में संशोधित निर्वाचन कार्यक्रम जारी किया गया है। महापौर पद के लिए 18 सितम्बर 2026 (शुक्रवार) को लोक सूचना जारी की जाएगी तथा 19 सितम्बर 2026 (शनिवार) तक नामांकन पत्र प्रस्तुत किए जा सकेंगे। नामांकन पत्रों की संवीक्षा 21 सितम्बर 2026 (सोमवार) को अपराह्न 3.00 बजे तक की जाएगी। अभ्यर्थिता वापस लेने की अंतिम तिथि 22 सितम्बर 2026 (मंगलवार) अपराह्न 3.00 बजे तक निर्धारित है। इसी दिन नाम वापसी का समय समाप्त होने के तुरंत पश्चात चुनाव चिन्हों का आवंटन किया जाएगा।
तदान समाप्ति के तुरंत पश्चात मतगणना कर परिणाम घोषित किया जाएगा
महापौर पद के लिए मतदान 25 सितम्बर 2026 (शुक्रवार) को प्रातः 10.00 बजे से अपराह्न 2.00 बजे तक होगा। मतदान समाप्ति के तुरंत पश्चात मतगणना कर परिणाम घोषित किया जाएगा। इसी प्रकार उप महापौर पद के लिए निर्वाचन प्रक्रिया 26 सितम्बर 2026 (शनिवार) को निर्धारित की गई है। निर्वाचन प्रक्रिया हेतु बैठक का प्रारम्भ प्रातः 10.00 बजे होगा। नामांकन पत्र प्रातः 11.00 बजे तक प्रस्तुत किए जा सकेंगे तथा नामांकन पत्रों की संवीक्षा प्रातः 11.30 बजे से होगी। अभ्यर्थिता वापस लेने का समय अपराह्न 2.00 बजे तक रहेगा। आवश्यकता होने पर मतदान अपराह्न 2.30 बजे से शाम 5.00 बजे तक कराया जाएगा तथा मतदान समाप्ति के तुरंत पश्चात मतगणना की जाएगी।
रिटर्निंग अधिकारी (महापौर एवं उपमहापौर)आशीष कुमार ने बताया की नगर निगम जयपुर के महापौर एवं उप महापौर पद का निर्वाचन निर्धारित कार्यक्रमानुसार सम्पन्न कराया जाएगा तथा निर्वाचन प्रक्रिया से संबंधित आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी।