जयपुर
राजस्थान सरकार ने सामाजिक कल्याण योजनाओं को मजबूती देने की दिशा में एक बड़ा और अहम कदम उठाया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने आज 1,320 करोड़ रुपये की राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से प्रदेशभर के लाखों लाभार्थियों के बैंक खातों में सीधे भेजी। इस पहल का उद्देश्य जरूरतमंद वर्गों को समय पर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना और योजनाओं के लाभ में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।
इस DBT राशि का लाभ राज्य की विभिन्न पेंशन योजनाओं, महिला कल्याण कार्यक्रमों, छात्रवृत्ति योजनाओं और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं के तहत पात्र लाभार्थियों को दिया गया। इसमें वरिष्ठ नागरिक, विधवा महिलाएं, दिव्यांगजन, छात्र-छात्राएं और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के अन्य लोग शामिल हैं। सरकार का प्रयास है कि किसी भी पात्र व्यक्ति को सहायता के लिए कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और राशि सीधे उसके खाते में पहुंचे।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस अवसर पर कहा कि DBT प्रणाली से सरकारी योजनाओं की निगरानी और क्रियान्वयन पहले की तुलना में अधिक प्रभावी हुआ है। उन्होंने कहा कि बिचौलियों की भूमिका समाप्त होने से भ्रष्टाचार पर अंकुश लगा है और सही लाभार्थी तक सहायता तेजी से पहुंच रही है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार की प्राथमिकता समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है।
उन्होंने कहा कि सरकार लगातार ऐसी नीतियां और योजनाएं लागू कर रही है, जिससे महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर, बुजुर्गों को सुरक्षित जीवन और छात्रों को बेहतर शिक्षा के अवसर मिल सकें। DBT के माध्यम से दी जाने वाली सहायता इन सभी लक्ष्यों को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
मुख्यमंत्री ने यह भी संकेत दिए कि आने वाले समय में जनकल्याण से जुड़ी योजनाओं का दायरा और अधिक विस्तृत किया जाएगा। नई योजनाओं के साथ-साथ मौजूदा योजनाओं की राशि और कवरेज बढ़ाने पर भी सरकार विचार कर रही है, ताकि अधिक से अधिक लोग इनका लाभ उठा सकें।
राज्य सरकार का मानना है कि सीधे लाभ हस्तांतरण जैसी व्यवस्थाएं न केवल आर्थिक सहायता का माध्यम हैं, बल्कि इससे आमजन का भरोसा भी शासन व्यवस्था पर मजबूत होता है। सरकार की मंशा है कि ऐसी पहलों के जरिए प्रदेश के नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार हो और उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिल सके।