जयपुर: राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के हालिया दिल्ली दौरे को लेकर प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। विपक्षी दल कांग्रेस ने मुख्यमंत्री के बार-बार दिल्ली जाने पर सवाल उठाते हुए इसे राज्य के हितों से ज्यादा राजनीतिक एजेंडा से जोड़कर देखा है। वहीं, भाजपा सरकार ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए दौरे को विकास और केंद्र-राज्य समन्वय से जुड़ा बताया है।
विपक्ष का आरोप: राजस्थान से ज्यादा दिल्ली पर फोकस
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने मुख्यमंत्री के दिल्ली दौरे को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि राज्य बेरोजगारी, महंगाई, किसानों की समस्याओं और स्थानीय निकाय चुनावों की देरी जैसे गंभीर मुद्दों से जूझ रहा है, लेकिन मुख्यमंत्री का ध्यान बार-बार दिल्ली दौरे पर केंद्रित है।
जूली ने सवाल किया कि आखिर मुख्यमंत्री एक महीने में कई बार दिल्ली क्यों जा रहे हैं, और इन दौरों से राजस्थान की जनता को क्या ठोस लाभ मिला है।
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि मुख्यमंत्री का दिल्ली जाना केवल प्रशासनिक या विकास कार्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे राजनीतिक निर्देश, संगठनात्मक फैसले और संभावित मंत्रिमंडल फेरबदल जैसे मुद्दे भी शामिल हैं।
X पर भी हुई बयानबाज़ी
मुख्यमंत्री के दिल्ली दौरे को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के नेताओं के बीच सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व ट्विटर) पर भी तीखी बहस देखने को मिली। कांग्रेस नेताओं ने जहां सरकार को “दिल्ली से संचालित सरकार” बताया, वहीं भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर बेबुनियाद आरोप और नकारात्मक राजनीति करने का आरोप लगाया।
सरकार का पक्ष: विकास योजनाओं पर चर्चा
भाजपा सरकार ने विपक्ष के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। सरकार का कहना है कि मुख्यमंत्री का दिल्ली दौरा केंद्रीय मंत्रियों और शीर्ष अधिकारियों के साथ विकास परियोजनाओं, बजट सहयोग, आधारभूत ढांचे और राज्य से जुड़ी योजनाओं पर चर्चा के लिए था।
सरकार के अनुसार, केंद्र से समन्वय बनाए रखना किसी भी राज्य सरकार की जिम्मेदारी है और इसे राजनीति से जोड़ना गलत है।
राजनीतिक विश्लेषण
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मुख्यमंत्री के दिल्ली दौरे को लेकर उठी सियासत आने वाले स्थानीय निकाय चुनावों और 2028 की राजनीतिक तैयारी से भी जुड़ी हो सकती है। विपक्ष इस मुद्दे को सरकार के खिलाफ एक बड़ा राजनीतिक हथियार बनाने की कोशिश कर रहा है, जबकि भाजपा इसे प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा बता रही है।
निष्कर्ष
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का दिल्ली दौरा भले ही सरकार की नजर में विकास से जुड़ा हो, लेकिन विपक्ष के तीखे सवालों के कारण यह मुद्दा राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह सियासी टकराव नीतिगत फैसलों तक सीमित रहता है या चुनावी मुद्दा बनकर और तेज होता है।