उत्तराखंड | 28 जुलाई को उत्तराखंड के हल्द्वानी में 16 वर्षीय मानसिक विक्षिप्त नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी मोहम्मद नदीम अंसारी की गिरफ़्तारी के बाद आज हल्द्वानी शहर में कोतवाली थाने के सामने छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया।
शहर में 28 जुलाई शाम को अपने घर से पियानो सीखने जा रही एक 16 वर्षीय नाबालिग के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया था। जब छात्रा ने अपने घर जाने के लिए हल्द्वानी स्थित मंगलपड़ाव से ऑटो पकड़ा तो कुछ देर बाद ऑटो चालक मोहम्मद नदीम अंसारी ने ऑटो को एक सुनसान जगह ले जाकर नाबालिग के साथ इस घिनौनी हरकत को अंजाम दिया। आरोपी अंसारी ने छात्रा को धमकी दी कि अगर उसने किसी को ये बात बताई तो वो उसके पूरे परिवार को जान से मार देगा। डरी सहमी लड़की ने जब घर पहुँच कर परिजनों को ये बात बताई तो उन्होंने पुलिस स्टेशन में जाकर आरोपी के खिलाफ पोक्सो ऐक्ट की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने कार्यवाही करते हुए सीसीटीवी फुटेज खंगाले और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
विरोध कर रहे छात्रों की मांग है की नदीम अंसारी जैसे गुनहगारों को फांसी की सजा देनी चाहिए। शहर भर में लोगों की आँखों में आरोपी के खिलाफ आक्रोश देखा जा सकता है। पुलिस अधिकारियों से जरूरी कार्यवाही का आश्वाशन पाकर प्रदर्शन कर रहे छात्र अपने अपने घर चले गये। लोगों का कहना है की पड़ोसी देशों से आने वाले कुछ लोग शहर मे झूठी पहचान और नाम अपनाते हैं और ऐसे घिनौनी कृत्यों को अंजाम देते हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा करी गई एक पोस्ट में बताया गया है कि मामले का आरोपी नदीम अंसारी एक बांग्लादेशी घुसपैठिया है। इस बात की सत्यता के आधार पर शहर के पुलिस प्रशासन पर भी सवाल उठ रहे हैं।
नाबालिग लड़की से दुष्कर्म का मामला
आरोपी को फांसी देने की मांग पर एकजुट हल्द्वानी, छात्रों ने किया प्रदर्शन
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भजनलाल शर्मा के कोलकाता प्रवास को लेकर राजस्थान फाउंडेशन (RF) के कोलकाता चैप्टर ने तैयारियां की तेज
कोलकाता : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के प्रस्तावित कोलकाता प्रवास को लेकर राजस्थान फाउंडेशन (RF) के कोलकाता चैप्टर ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में राजस्थान फाउंडेशन–कोलकाता चैप्टर के अध्यक्ष संतोष राजपुरोहित के नेतृत्व में ITC Royal Bengal, Kolkata में कोलकाता की प्रमुख मारवाड़ी एवं राजस्थानी सामाजिक, सांस्कृतिक और व्यावसायिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक का उद्देश्य मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के प्रस्तावित कोलकाता प्रवास को अधिक सार्थक एवं प्रभावी बनाना तथा पश्चिम बंगाल में रह रहे प्रवासी राजस्थानियों को राजस्थान के विकास की मुख्यधारा से और मजबूती से जोड़ना रहा।
बैठक में संतोष राजपुरोहित ने प्रवासी राजस्थानी समाज, उद्योग जगत और सामाजिक संस्थाओं की व्यापक सहभागिता सुनिश्चित करने तथा मुख्यमंत्री के साथ प्रभावी संवाद स्थापित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
इस दौरान इस बात पर विशेष चर्चा हुई कि मुख्यमंत्री के कोलकाता प्रवास के दौरान ऐसा व्यापक मंच तैयार किया जाए, जहां प्रवासी राजस्थानी समाज, उद्योग जगत और सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों को मुख्यमंत्री के साथ सीधे संवाद का अवसर मिले। इस मंच पर प्रवासी समाज की समस्याओं, सुझावों और अपेक्षाओं को मुख्यमंत्री के समक्ष रखा जाएगा।
प्रवासी राजस्थानियों की समस्याओं पर रहेगा फोकसबैठक में निर्णय लिया गया कि कोलकाता और पश्चिम बंगाल में रह रहे राजस्थान मूल के प्रवासियों से उनकी प्रमुख समस्याओं एवं सुझावों को पहले से प्राप्त किया जाएगा, ताकि मुख्यमंत्री के समक्ष उन्हें व्यवस्थित तरीके से रखा जा सके।
संतोष राजपुरोहित ने प्रवासी समाज से सामाजिक, प्रशासनिक, व्यापारिक, औद्योगिक और अन्य महत्वपूर्ण विषयों से जुड़े सुझाव एवं समस्याएं राजस्थान फाउंडेशन–कोलकाता चैप्टर तक पहुंचाने का आग्रह किया।
RF का उद्देश्य केवल समस्याओं को मुख्यमंत्री तक पहुंचाना नहीं, बल्कि सरकार और प्रवासी समाज के बीच प्रभावी संवाद स्थापित करते हुए उनके व्यावहारिक समाधान की दिशा में आगे बढ़ना है।
राजस्थान में निवेश के लिए कोलकाता के उद्योग जगत को आमंत्रणबैठक में राजस्थान में निवेश की संभावनाओं को लेकर भी विस्तार से चर्चा हुई। कोलकाता देश के प्रमुख व्यापारिक एवं औद्योगिक केंद्रों में शामिल है और यहां बड़ी संख्या में राजस्थान मूल के उद्योगपति एवं व्यवसायी लंबे समय से सक्रिय हैं।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के कोलकाता प्रवास के दौरान उद्योगपतियों और निवेशकों को राजस्थान में उपलब्ध औद्योगिक एवं व्यापारिक अवसरों से अवगत कराने की योजना पर चर्चा हुई। साथ ही राज्य की विभिन्न निवेश नीतियों, औद्योगिक योजनाओं और उपलब्ध अवसरों की जानकारी देकर उद्यमियों को राजस्थान में निवेश के लिए प्रोत्साहित करने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में यह भावना प्रमुखता से सामने आई—
“राजस्थान हमारी जड़ें हैं और कोलकाता हमारी कर्मभूमि एवं शक्ति है। अब समय है कि दोनों के विकास को एक नई साझेदारी से जोड़ा जाए।”
राजस्थान-बंगाल के रिश्तों को नई ऊंचाई देने की कवायदबैठक में राजस्थान और पश्चिम बंगाल के बीच वर्षों से चले आ रहे सामाजिक, सांस्कृतिक एवं व्यापारिक संबंधों को और मजबूत करने पर भी जोर दिया गया।
कोलकाता में बसे प्रवासी राजस्थानियों ने अपनी व्यापारिक क्षमता, उद्यमिता और सामाजिक सेवा के माध्यम से पश्चिम बंगाल के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। वहीं राजस्थान की संस्कृति, परंपरा और विरासत से उनका जुड़ाव भी लगातार मजबूत बना हुआ है।
संतोष राजपुरोहित और राजस्थान फाउंडेशन–कोलकाता चैप्टर का प्रयास है कि मुख्यमंत्री के प्रस्तावित प्रवास के माध्यम से राजस्थान की समृद्ध विरासत और बंगाल की प्रगतिशील सोच को एक मंच पर लाया जाए तथा दोनों राज्यों के बीच सहयोग और निवेश के नए अवसर विकसित किए जाएं।
सभी राजस्थानी एवं मारवाड़ी संस्थाओं की सहभागिता पर जोरबैठक में विभिन्न मारवाड़ी एवं राजस्थानी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के प्रस्तावित कोलकाता प्रवास को सफल बनाने में पूर्ण सहयोग का भरोसा दिलाया।
इस दौरान कार्यक्रम में समाज के विभिन्न वर्गों—उद्योगपति, व्यापारी, युवा, सामाजिक कार्यकर्ता, महिला प्रतिनिधि और विभिन्न राजस्थानी संस्थाओं—की व्यापक सहभागिता सुनिश्चित करने पर भी चर्चा हुई।
राजस्थान फाउंडेशन–कोलकाता चैप्टर के अध्यक्ष संतोष राजपुरोहित ने सभी संस्थाओं से इस पहल में सक्रिय भागीदारी की अपील की। उन्होंने कहा कि इसे केवल एक कार्यक्रम के रूप में नहीं, बल्कि राजस्थान और प्रवासी समाज के बीच मजबूत सेतु निर्माण के अवसर के रूप में देखा जाना चाहिए।
RF कोलकाता चैप्टर का संदेशराजस्थान फाउंडेशन–कोलकाता चैप्टर की ओर से कहा गया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का आगामी कोलकाता प्रवास प्रवासी राजस्थानियों के लिए महत्वपूर्ण अवसर है। प्रयास है कि एक ऐसा व्यापक मंच तैयार किया जाए, जहां प्रवासी समाज अपनी बात सीधे मुख्यमंत्री के समक्ष रख सके और समस्याओं के समाधान के साथ-साथ राजस्थान के विकास में अपनी भूमिका पर भी सार्थक चर्चा कर सके।
अध्यक्ष संतोष राजपुरोहित के नेतृत्व में RF–कोलकाता चैप्टर प्रवासी समाज, सामाजिक संस्थाओं और उद्योग जगत के साथ लगातार समन्वय कर रहा है, ताकि मुख्यमंत्री के कोलकाता प्रवास को अधिक प्रभावी और परिणामदायी बनाया जा सके।
RF–कोलकाता चैप्टर ने कहा कि प्रवासी राजस्थानियों की शक्ति केवल उनकी संख्या में नहीं, बल्कि उनके व्यापार, उद्योग, सामाजिक सेवा, अनुभव और राजस्थान के प्रति भावनात्मक जुड़ाव में है। इस शक्ति को राजस्थान के विकास के साथ जोड़ना ही राजस्थान फाउंडेशन के प्रमुख उद्देश्यों में से एक है।
बैठक का माहौल सकारात्मक और उत्साहपूर्ण रहा। प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के प्रस्तावित कोलकाता प्रवास को सफल बनाने तथा “प्रवासी से विकास भागीदारी” की दिशा में मिलकर काम करने का संकल्प व्यक्त किया।
राजस्थान फाउंडेशन–कोलकाता चैप्टर आने वाले दिनों में विभिन्न सामाजिक, व्यावसायिक एवं राजस्थानी संस्थाओं तथा प्रवासी समाज के साथ निरंतर समन्वय करते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के प्रस्तावित कोलकाता प्रवास की तैयारियों को अंतिम रूप देगा।
तमिलनाडु CM विजय के 2 बड़े ऐलान: हेल्थ बीमा कवर ₹25 लाख, दूध खरीद मूल्य बढ़ा
तमिलनाडु में CM विजय के दो बड़े ऐलान, स्वास्थ्य बीमा कवर 5 गुना बढ़ा; दूध खरीद मूल्य में भी इजाफा
चेन्नई। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने राज्य की जनता और दूध उत्पादकों के हित में दो बड़े फैसलों का ऐलान किया है। सरकार ने मुख्यमंत्री व्यापक स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत मिलने वाले वार्षिक स्वास्थ्य बीमा कवर को पांच गुना बढ़ाने का फैसला किया है। वहीं, किसानों से खरीदे जाने वाले दूध के खरीद मूल्य में भी बढ़ोतरी की गई है।
₹5 लाख से बढ़कर ₹25 लाख हुआ स्वास्थ्य बीमा कवरसरकार के नए फैसले के मुताबिक मुख्यमंत्री व्यापक स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत अब पात्र लाभार्थियों को ₹25 लाख तक का वार्षिक स्वास्थ्य बीमा कवर मिलेगा। इससे गंभीर बीमारियों और महंगे इलाज की स्थिति में परिवारों को बड़ी आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।
पहले इस योजना के तहत ₹5 लाख तक का स्वास्थ्य बीमा कवर उपलब्ध था। सरकार ने इसे बढ़ाकर ₹25 लाख कर दिया है।
दूध खरीद मूल्य में भी बढ़ोतरीस्वास्थ्य क्षेत्र के साथ ही सरकार ने दूध उत्पादकों के लिए भी बड़ा फैसला लिया है। आविन द्वारा किसानों से खरीदे जाने वाले दूध का खरीद मूल्य ₹38 से बढ़ाकर ₹41 प्रति लीटर कर दिया गया है।
सरकार के अनुसार, इस फैसले से राज्य के करीब 3.16 लाख दूध उत्पादकों को सीधा लाभ मिलेगा। दूध खरीद मूल्य बढ़ने से किसानों की आय में वृद्धि होने की उम्मीद है।
सरकार पर हर महीने बढ़ेगा करीब ₹30 करोड़ का खर्चदूध खरीद मूल्य में बढ़ोतरी के कारण सरकार पर हर महीने लगभग ₹30 करोड़ का अतिरिक्त वित्तीय भार आने का अनुमान है। सरकार का कहना है कि किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है।
दोनों फैसलों को स्वास्थ्य सुरक्षा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। एक ओर जहां स्वास्थ्य बीमा कवर बढ़ने से आम लोगों को महंगे इलाज के खर्च से राहत मिलेगी, वहीं दूध खरीद मूल्य बढ़ने से पशुपालक किसानों को आर्थिक फायदा मिलने की उम्मीद है।
त्रिपुरा DGP अनुराग धनखड़ पुलिस मुख्यालय में मृत मिले, जानिए नीरव मोदी केस से लेकर CBI तक का पूरा सफर
त्रिपुरा के DGP अनुराग धनखड़ का निधन: पुलिस मुख्यालय में मृत मिले, जांच जारी; जानिए उनका पूरा प्रशासनिक सफर त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक (DGP) अनुराग धनखड़ सोमवार को अगरतला स्थित राज्य पुलिस मुख्यालय में अपने कार्यालय में मृत पाए गए। इस घटना ने पुलिस महकमे, प्रशासन और राजनीतिक गलियारों में गहरा सदमा पैदा कर दिया है। प्रारंभिक रिपोर्टों में आत्महत्या की आशंका जताई गई है, लेकिन अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मृत्यु के वास्तविक कारण का पता पोस्टमार्टम और विस्तृत जांच के बाद ही चल सकेगा।
घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री माणिक साहा, मुख्य सचिव और कई वरिष्ठ अधिकारी पुलिस मुख्यालय तथा अस्पताल पहुंचे। अनुराग धनखड़ को तत्काल जी.बी. पंत अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने घटनास्थल को सील कर फोरेंसिक जांच शुरू कर दी है।
मृत्यु के कारणों की जांच जारीपुलिस अधिकारियों के अनुसार, घटना की परिस्थितियां अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हैं। कुछ मीडिया रिपोर्टों में आत्महत्या की आशंका व्यक्त की गई है, लेकिन अब तक कोई आधिकारिक निष्कर्ष जारी नहीं किया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के बाद ही मौत के कारणों की पुष्टि की जाएगी।
कौन थे अनुराग धनखड़?अनुराग धनखड़ 1994 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी थे और त्रिपुरा कैडर से संबंध रखते थे। उन्होंने अपने तीन दशक से अधिक लंबे प्रशासनिक करियर में राज्य और केंद्र दोनों स्तरों पर कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। मई 2025 में उन्हें त्रिपुरा का पुलिस महानिदेशक नियुक्त किया गया था। इससे पहले वे DGP (इंटेलिजेंस) के पद पर कार्यरत थे।
PNB-नीरव मोदी घोटाले की जांच में निभाई अहम भूमिकाअनुराग धनखड़ को राष्ट्रीय स्तर पर सबसे अधिक पहचान केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) में उनकी सेवाओं के कारण मिली। उन्होंने पंजाब नेशनल बैंक (PNB) से जुड़े बहुचर्चित नीरव मोदी बैंक घोटाला मामले की जांच का नेतृत्व करने वाली टीम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
करीब 13 हजार करोड़ रुपये के इस कथित बैंक घोटाले की जांच देश की सबसे चर्चित वित्तीय जांचों में शामिल रही। उनके नेतृत्व में जांच एजेंसियों ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और वित्तीय लेनदेन की जांच आगे बढ़ाई।
CBI में संभाले कई बड़े पदकेंद्रीय प्रतिनियुक्ति के दौरान अनुराग धनखड़ ने CBI में पुलिस अधीक्षक (SP), उप महानिरीक्षक (DIG), संयुक्त निदेशक (Joint Director) और अतिरिक्त निदेशक (Additional Director) जैसे वरिष्ठ पदों पर कार्य किया। उन्हें हाई-प्रोफाइल मामलों की जांच में अनुभव रखने वाले अधिकारी के रूप में जाना जाता था।
उनकी पहचान एक पेशेवर, निष्पक्ष और गंभीर जांच अधिकारी के रूप में बनी। कई संवेदनशील मामलों की जांच में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही।
1984 दंगा मामलों की SIT के अध्यक्ष रहेगृह मंत्रालय द्वारा गठित 1984 के सिख विरोधी दंगा मामलों की विशेष जांच टीम (SIT) के अध्यक्ष के रूप में भी अनुराग धनखड़ ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस दौरान वर्षों पुराने मामलों की दोबारा जांच की गई और कई मामलों में कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाई गई।
उनके नेतृत्व में SIT ने कई लंबित मामलों की समीक्षा कर नए साक्ष्यों के आधार पर जांच को गति दी।
CISF और संयुक्त राष्ट्र मिशन में भी दी सेवाएंCBI के अलावा अनुराग धनखड़ ने केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) में महानिरीक्षक (कार्मिक) के रूप में भी कार्य किया। वर्ष 2003-04 में वे संयुक्त राष्ट्र (United Nations) के कोसोवो मिशन का हिस्सा रहे, जहां उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पुलिसिंग और सुरक्षा प्रबंधन की जिम्मेदारियां निभाईं।
उनका अनुभव राज्य पुलिस, केंद्रीय एजेंसियों और अंतरराष्ट्रीय मिशनों तक फैला हुआ था, जिसके कारण उन्हें देश के अनुभवी IPS अधिकारियों में गिना जाता था।
त्रिपुरा पुलिस के लिए बड़ी क्षतिअनुराग धनखड़ की अचानक मृत्यु को त्रिपुरा पुलिस के लिए बड़ी क्षति माना जा रहा है। पुलिस विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। राजनीतिक दलों और विभिन्न संगठनों ने भी घटना पर दुख जताया है।
विपक्ष ने घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की है, जबकि राज्य सरकार ने कहा है कि जांच पूरी पारदर्शिता के साथ कराई जाएगी और सभी तथ्यों को सार्वजनिक किया जाएगा।
आधिकारिक पुष्टि का इंतजारफिलहाल पुलिस और प्रशासन की ओर से यही कहा गया है कि मृत्यु के कारणों को लेकर किसी भी प्रकार का अंतिम निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अनुराग धनखड़ का तीन दशक से अधिक लंबा प्रशासनिक करियर कई महत्वपूर्ण जांचों, राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े दायित्वों और कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के प्रयासों के लिए याद किया जाएगा। वहीं उनकी अचानक हुई मृत्यु ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनके जवाब अब आधिकारिक जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।
100 करोड़ से बदलेगी चंबल गार्डन की तस्वीर, राजस्थान का प्रमुख पर्यटन केंद्र बनेगा कोटा
चंबल गार्डन बनेगा राजस्थान का प्रमुख पर्यटन केंद्र, 100 करोड़ रुपये से होगा पुनर्विकास
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शनिवार को चंबल गार्डन एवं किशोरपुरा मुक्तिधाम के पुनर्विकास कार्यों का शिलान्यास करते हुए कहा कि चंबल गार्डन को आधुनिक सुविधाओं से विकसित कर राजस्थान के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल किया जाएगा। करीब 100 करोड़ रुपये की लागत से दोनों परियोजनाओं का पुनर्विकास किया जाएगा।
ओम बिरला ने कहा कि लगभग पांच दशक पहले विकसित चंबल गार्डन हाड़ौती की विरासत और कोटा की पहचान है। पुनर्विकास के बाद चंबल नदी का प्राकृतिक सौंदर्य, भीतरिया कुंड का प्राचीन धार्मिक स्थल और आधुनिक पर्यटन सुविधाएं मिलकर इसे देशभर के पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनाएंगी। उन्होंने विश्वास जताया कि अगले दो वर्षों में चंबल गार्डन राजस्थान के प्रमुख पर्यटन स्थलों में अपनी अलग पहचान स्थापित करेगा।
उन्होंने कहा कि कोटा के समग्र विकास का सपना तेजी से साकार हो रहा है। शिक्षा के साथ-साथ खेल, स्वास्थ्य, पर्यटन, आधुनिक अधोसंरचना और बेहतर कनेक्टिविटी के क्षेत्र में भी शहर नई पहचान बनाएगा। जिला स्तर पर चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार, नेचुरल हेल्थ सिटी, योग एवं आयुर्वेद आधारित स्वास्थ्य सेवाएं, ट्रिपल आईटी का विस्तार, पशु चिकित्सा महाविद्यालय, कृषि उत्पादों के प्रोसेसिंग प्लांट तथा खेल अधोसंरचना जैसी परियोजनाएं युवाओं और किसानों के लिए नए अवसर पैदा करेंगी।
कनेक्टिविटी के क्षेत्र में उन्होंने कहा कि दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, अटल एक्सप्रेसवे, भोपाल मार्ग और अन्य राष्ट्रीय राजमार्गों के विस्तार से कोटा-बूंदी क्षेत्र को नई गति मिलेगी। रेल संपर्क भी मजबूत होगा और वर्ष 2027 तक एयर कनेक्टिविटी शुरू होने के बाद कोटा देश के प्रमुख शहरों से सीधे जुड़ जाएगा। उन्होंने कहा कि चंबल गार्डन, चंबल रिवर फ्रंट, मुकुंदरा अभयारण्य, रामगढ़ अभयारण्य, संविधान पार्क, वैदिक पार्क और दिव्यांगजनों के लिए प्रस्तावित विशेष पार्क जैसे प्रकल्प क्षेत्र में पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे।
लोकसभा अध्यक्ष ने प्रशासनिक सुधारों पर भी जोर देते हुए कहा कि राज्य सरकार के सहयोग से नगर निगम, कोटा विकास प्राधिकरण और अन्य विभागों की कार्यप्रणाली को अधिक सरल और पारदर्शी बनाया जाएगा। अगले दो वर्षों में नई मानक कार्यप्रणाली (एसओपी) लागू कर आमजन को अनावश्यक प्रक्रियाओं से राहत देने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कोटा-बूंदी को देश का सबसे स्वच्छ, हराभरा और कम प्रदूषण वाला संसदीय क्षेत्र बनाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर स्वायत्त शासन एवं नगरीय विकास मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि लगभग 50 वर्ष पुराने चंबल गार्डन को आधुनिक सुविधाओं के साथ नया स्वरूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष का विजन केवल चंबल गार्डन तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे कोटा को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करना है। रिवर फ्रंट सहित शहर की अन्य पर्यटन परियोजनाओं को भी नई दिशा दी जा रही है, जिससे देश-विदेश से अधिक पर्यटक कोटा आएंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि लोकसभा अध्यक्ष के नेतृत्व और नागरिकों के सहयोग से आने वाले वर्षों में कोटा पर्यटन, चिकित्सा और विकास के क्षेत्र में देश के अग्रणी शहरों में शामिल होगा।
दिल्ली में अमित शाह और भजनलाल शर्मा की अहम बैठक, विकसित राजस्थान के रोडमैप पर हुई चर्चा
विकसित राजस्थान के रोडमैप पर दिल्ली में अमित शाह और भजनलाल शर्मा की अहम बैठक
नई दिल्ली। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने नई दिल्ली में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से शिष्टाचार मुलाकात कर राजस्थान के विकास, सुरक्षा व्यवस्था और सहकारिता क्षेत्र को मजबूत बनाने सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की।
बैठक के दौरान प्रदेश में जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, सुशासन को और मजबूत बनाने तथा सहकारिता आंदोलन के विस्तार को लेकर विचार-विमर्श किया गया। साथ ही राजस्थान के विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर भी सार्थक चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के बेहतर समन्वय से राजस्थान के विकास को नई गति मिल रही है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन को प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि विकसित राजस्थान के संकल्प को साकार करने के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
बैठक में सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने, सहकारिता क्षेत्र के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने तथा जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि केंद्र सरकार के सहयोग और मार्गदर्शन से राजस्थान विकास के नए आयाम स्थापित करेगा।
राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से इस मुलाकात को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राज्य सरकार विकसित राजस्थान के विजन को साकार करने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में तेजी से कार्य कर रही है और केंद्र के साथ बेहतर समन्वय को प्राथमिकता दे रही है।