जयपुर : अगर आप पिंक सिटी के चर्चित रेस्टोरेंट 1932 Trevi जाने की सोच रहे हैं तो ज़रा सावधान हो जाइए। यहां ग्राहकों से जबरदस्ती 10% सर्विस चार्ज वसूला जा रहा है, वो भी बिना पूछे सीधे बिल में जोड़कर।
बिल पर GST से भी दोगुना सर्विस चार्ज!
रेस्टोरेंट का यह सर्विस चार्ज किसी मामूली रकम तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे बिल पर 10 प्रतिशत के हिसाब से लगाया जाता है।
• अगर बिल ₹5,000 है, तो ₹500 एक्स्ट्रा।
• अगर बिल ₹10,000 है, तो पूरे ₹1,000 जबरन वसूले जाते हैं।
यानी ग्राहक जितना टैक्स सरकार को देता है, उससे भी दोगुना सर्विस चार्ज रेस्टोरेंट अपनी जेब में डाल रहा है।
सरकार का GST रेट सिर्फ 5% है, जबकि रेस्टोरेंट का सर्विस चार्ज 10% है।
कानून क्या कहता है?
केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने जुलाई 2022 में सर्विस चार्ज को लेकर गाइडलाइन्स जारी की थीं। इनमें साफ लिखा गया है:
• सर्विस चार्ज फोर्स नहीं किया जा सकता।
• यह सिर्फ एक टिप की तरह है, जो ग्राहक की इच्छा पर निर्भर करता है।
• किसी होटल/रेस्टोरेंट को बिल में इसे ऑटोमेटिकली ऐड करने की इजाजत नहीं है।
• ग्राहक चाहे तो सर्विस चार्ज को देने से इनकार कर सकता है।
स्पष्ट है कि 1932 Trevi इन गाइडलाइन्स का उल्लंघन कर रहा है और ग्राहकों को लूट रहा है।
महत्वपूर्ण सवाल –
जब सरकार पहले से ही 5% GST ले रही है तो किसी भी रेस्टोरेंट को अतिरिक्त टैक्स जैसे सर्विस चार्ज लेने का अधिकार क्यों?
• क्या प्रशासन इस तरह की अवैध वसूली करने वाले रेस्टोरेंट्स पर कार्रवाई करेगा?
• क्या ग्राहक अपना हक़ समझकर ऐसे चार्ज का विरोध करेंगे?
• और क्या जयपुर जैसे बड़े शहर में उपभोक्ता अधिकारों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा?
यह मामला सिर्फ 1932 Trevi तक सीमित नहीं है, बल्कि उन तमाम होटलों और रेस्टोरेंट्स के लिए एक मिसाल है जो ग्राहकों की अनभिज्ञता का फायदा उठाकर अवैध वसूली करते हैं। उपभोक्ताओं को चाहिए कि वे जागरूक रहें, बिल ध्यान से देखें और अगर कहीं सर्विस चार्ज जबरदस्ती वसूला जाए तो इसकी शिकायत CCPA या उपभोक्ता फोरम में करें।