जयपुर: राजस्थान के जयपुर–दिल्ली नेशनल हाईवे पर मंगलवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक केमिकल से भरे टैंकर में अचानक जोरदार विस्फोट हो गया। धमाके के बाद टैंकर में भीषण आग लग गई, जिससे हाईवे के आसपास का इलाका कुछ समय के लिए दहशत के साये में आ गया। सुरक्षा कारणों से प्रशासन ने हाईवे को दोनों ओर से बंद कर दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार धमाका इतना तेज था कि उसकी आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। विस्फोट के बाद टैंकर से आग की ऊंची लपटें उठने लगीं और धुएं का गुबार आसमान में फैल गया। हाईवे पर चल रहे वाहन चालकों ने गाड़ियां रोक दीं और लोग सुरक्षित दूरी की ओर भागते नजर आए।
हादसे की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। चूंकि टैंकर में ज्वलनशील केमिकल भरा हुआ था, इसलिए आग पर काबू पाने में काफी समय लगा। दमकल कर्मियों ने विशेष फोम और उपकरणों की मदद से कई घंटों की मशक्कत के बाद आग को पूरी तरह बुझाया।
घटना के बाद पुलिस ने पूरे क्षेत्र को संवेदनशील क्षेत्र घोषित कर दिया। एहतियातन आसपास के ढाबों, पेट्रोल पंपों और दुकानों को खाली कराया गया। किसी भी तरह की अनहोनी से बचने के लिए हाईवे पर यातायात पूरी तरह रोक दिया गया और वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से भेजा गया। इससे हाईवे पर कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
प्रशासन के अनुसार टैंकर में खतरनाक और ज्वलनशील केमिकल भरा हुआ था, हालांकि केमिकल के प्रकार की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं की गई है। विशेषज्ञों की टीम मौके से नमूने लेकर जांच कर रही है। प्रारंभिक जांच में तकनीकी खराबी या सुरक्षा मानकों में लापरवाही को हादसे की संभावित वजह माना जा रहा है।
पुलिस ने बताया कि टैंकर चालक को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था और उसे प्राथमिक उपचार दिया गया। चालक से पूछताछ की जा रही है और टैंकर के दस्तावेजों, परमिट तथा सुरक्षा मानकों की भी जांच की जा रही है।
अधिकारियों ने बताया कि यदि यह विस्फोट किसी रिहायशी इलाके या पेट्रोल पंप के पास होता, तो जान-माल का भारी नुकसान हो सकता था। दमकल विभाग और प्रशासन की तत्परता से एक बड़ा हादसा टल गया।
प्रशासन ने मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं। साथ ही केमिकल टैंकरों की आवाजाही, सुरक्षा व्यवस्था और नियमों के पालन की समीक्षा करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।
जयपुर–दिल्ली हाईवे पर हुआ यह हादसा खतरनाक पदार्थों के परिवहन से जुड़ी सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे टैंकरों की नियमित जांच और सख्त निगरानी जरूरी है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।