जयपुर : जयपुर के चर्चित रेस्टोरेंट कारोबार से जुड़ी कंपनी Thali and More Meals LLP को लेकर विवाद सामने आया है। कंपनी के डायरेक्टर अक्षित जॉली की शिकायत पर कबाब्स एंड करीज़ कंपनी के डायरेक्टर तरुण बहल और वरुण बहल के खिलाफ अशोक नगर थाने में FIR दर्ज की गई है। शिकायत में कारोबारी साझेदारी में कथित अनियमितताओं, कंपनी के खातों से धनराशि निकाले जाने और विद्याधर नगर स्थित रेस्टोरेंट आउटलेट्स को दूसरी कंपनी के नाम करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
FIR के अनुसार, मामला अक्टूबर 2026 को दर्ज किया गया। इसमें भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धाराएं 316(5), 318(4), 336(2), 338, 340(2) और 61(2) लगाई गई हैं। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, मामले की जांच मुख्य आरक्षी दयाराम को सौंपी गई है।
2016 में हुई थी कंपनी की शुरुआत, 50-50 प्रतिशत की साझेदारी का दावा
परिवाद में अक्षित जॉली ने बताया है कि वर्ष 2016 में Thali and More Meals LLP का गठन किया गया था। शिकायत के अनुसार, कंपनी में अक्षित जॉली और तरुण बहल की 50-50 प्रतिशत की साझेदारी थी। कंपनी का पंजीकृत कार्यालय जयपुर के सी-स्कीम स्थित सी-46बी, सरोजनी मार्ग पर बताया गया है।
शिकायतकर्ता का दावा है कि रेस्टोरेंट का शुद्ध शाकाहारी भोजन का कॉन्सेप्ट उनके अनुभव और जानकारी के आधार पर तैयार किया गया था और कारोबार की छह शाखाएं संचालित हो रही थीं।
परिवाद के अनुसार, अक्षित जॉली भोजन तैयार करने और ग्राहक सेवा से जुड़े कार्य देखते थे, जबकि कंपनी के खातों के संचालन और लेजर की देखरेख की जिम्मेदारी आपसी विश्वास के आधार पर तरुण बहल को सौंपी गई थी।
मुनाफा बढ़ने के बाद वित्तीय विवाद का आरोप
अक्षित जॉली ने अपने परिवाद में आरोप लगाया है कि वर्ष 2024-25 के दौरान कारोबार में भारी लाभ होने के बाद विवाद शुरू हुआ। शिकायत के मुताबिक, तरुण बहल ने कंपनी का रिकॉर्ड देना बंद कर दिया और LLP की ओर से उन्हें मिलने वाला नियमित भुगतान पिछले आठ महीने से रोक दिया गया।
परिवाद में यह भी आरोप लगाया गया है कि कंपनी के खातों से धनराशि कथित तौर पर स्वयं अथवा कबाब्स एंड करीज़ कंपनी (KCCo.) के खातों में ट्रांसफर या निकाली गई।
शिकायतकर्ता का कहना है कि इससे उन्हें वित्तीय कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। इसके बाद उन्होंने Jolly Farms के नाम से अलग कारोबार शुरू किया। परिवाद में आरोप लगाया गया है कि इस कारोबार के अच्छा चलने पर तरुण बहल और वरुण बहल ने उन्हें झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकियां दीं।
विद्याधर नगर के आउटलेट्स को दूसरी कंपनी के नाम करने का आरोप
परिवाद का एक प्रमुख हिस्सा विद्याधर नगर स्थित Thali and More के आउटलेट्स से जुड़ा है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि उनकी जानकारी और सहमति के बिना इन आउटलेट्स को अपने नियंत्रण में ले लिया गया और उनकी लीज डीड्स को VT Goddess Hospitality Pvt. Ltd. के नाम करवाया गया।
परिवाद में उल्लेख है कि संबंधित आउटलेट्स की लीज डीड्स 29 अप्रैल 2024 को चंद्रशेखर शर्मा, मनोज कुमार और शिवानी मान के साथ निष्पादित की गई थीं, जिनकी अवधि 30 अप्रैल 2033 तक बताई गई है। शिकायत के अनुसार, 8 मई 2026 को इन लीज डीड्स को कथित तौर पर दूसरी कंपनी के नाम करवाया गया।
अक्षित जॉली ने आरोप लगाया है कि इस प्रक्रिया में आउटलेट्स की संपत्ति, रिकॉर्ड, अन्य सामग्री, कार्यालय के कागजात, उनके निजी सामान और खाली हस्ताक्षरित स्टाम्प पेपर भी उनके नियंत्रण से बाहर हो गए। उन्होंने संबंधित शाखा की रकम हड़पे जाने का भी आरोप लगाया है।
दूसरे आउटलेट की लीज को लेकर भी शिकायत
परिवाद में विद्याधर नगर स्थित दूसरे आउटलेट का भी उल्लेख है। शिकायतकर्ता के अनुसार, इस आउटलेट की लीज डीड 29 अप्रैल 2024 को मिथलेश गुप्ता से 30 मार्च 2031 तक के लिए ली गई थी।
आरोप है कि 4 मई 2026 को तरुण बहल और वरुण बहल ने गवाह खुशाल शर्मा और दिनेश कुमार के साथ मिलकर इस लीज डीड को भी शिकायतकर्ता की जानकारी के बिना VT Goodness Hospitality Pvt. Ltd. के नाम करवाया। इस संबंध में भी शिकायतकर्ता ने अपनी आपत्ति दर्ज कराई है।
अदालत के परिवाद के बाद दर्ज हुई FIR
FIR में दर्ज पुलिस कार्रवाई के विवरण के मुताबिक, अक्षित जॉली की ओर से प्रस्तुत परिवाद न्यायालय से अशोक नगर थाने को प्राप्त हुआ। इसके बाद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की उपरोक्त धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
अब जांच में कंपनी के वित्तीय रिकॉर्ड, बैंक खातों के लेनदेन, साझेदारी से संबंधित दस्तावेजों और आउटलेट्स की लीज डीड्स की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है।