नागौर ने रचा इतिहास: प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना में पूरे देश में मिला दूसरा स्थान, केंद्रीय कृषि मंत्री ने किया सम्मानित
राजस्थान के नागौर जिले ने कृषि क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए नागौर जिले को पूरे देश में दूसरा स्थान प्राप्त हुआ है। इस उपलब्धि के लिए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 12 अक्टूबर को नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में नागौर जिले को सम्मानित किया। इस उपलब्धि से जिले के किसानों, कृषि विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों में खुशी का माहौल है।
जिला कलेक्टर देवेंद्र कुमार ने इस सम्मान और पुरस्कार को नागौर जिले के किसानों को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि किसानों की मेहनत, कृषि विभाग की सक्रियता और विभिन्न सरकारी विभागों के बीच बेहतर समन्वय का परिणाम है। योजना को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए जिले में लगातार निगरानी, समीक्षा और निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करने पर विशेष ध्यान दिया गया।
किसानों की मेहनत और विभागीय समन्वय से मिली सफलता
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के तहत नागौर जिले में कृषि विकास और किसानों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास किए गए। कृषि विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने फील्ड स्तर पर गतिविधियों की प्रगति की निगरानी की। इसके साथ ही योजना के निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा करने के लिए संबंधित विभागों के साथ मिलकर काम किया गया।
जिला कलेक्टर देवेंद्र कुमार के अनुसार, इस उपलब्धि में किसानों के योगदान के साथ कृषि एवं उद्यानिकी विभाग, पशुपालन, कृषि विपणन, सहकारिता, बैंकिंग संस्थानों, पंचायती राज, भू-अभिलेख, कृषि विज्ञान केंद्र, कृषि अनुसंधान संस्थानों और अन्य संबंधित विभागों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल से योजना के क्रियान्वयन को गति मिली। अधिकारियों और कर्मचारियों ने किसानों को योजनाओं की जानकारी देने, निर्धारित लक्ष्यों की प्रगति की समीक्षा करने और कृषि क्षेत्र से जुड़ी गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए समन्वित प्रयास किए।
कृषि विभाग की टीम ने लगातार की मॉनिटरिंग
नागौर जिले को राष्ट्रीय स्तर पर यह उपलब्धि दिलाने में कृषि विभाग की भूमिका महत्वपूर्ण रही। विभाग की ओर से योजना की नियमित मॉनिटरिंग की गई और फील्ड स्तर पर संचालित गतिविधियों की प्रगति की समीक्षा की जाती रही।
योजना के उद्देश्यों को पूरा करने और किसानों तक इसका लाभ पहुंचाने के लिए अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने विभिन्न स्तरों पर जिम्मेदारियां निभाईं। संयुक्त निदेशक कृषि रविंद्र सिंह रियाड़ सहित सहायक निदेशकों, सहायक कृषि अधिकारियों, कृषि पर्यवेक्षकों और अन्य कर्मचारियों ने योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में योगदान दिया।
जिला स्तर पर योजना की निगरानी और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने में सहायक निदेशक शंकर राम सियाक और सुभाष चन्द्र का भी उल्लेखनीय योगदान रहा।
कृषि विभाग की टीम ने नियमित समीक्षा के माध्यम से योजनागत गतिविधियों की प्रगति पर नजर रखी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि योजना के निर्धारित लक्ष्य पूरे हों और किसानों को कृषि विकास से संबंधित योजनाओं का लाभ मिल सके।
जिला कलेक्टर ने किसानों को समर्पित किया सम्मान
नागौर जिले को देशभर में दूसरा स्थान मिलने पर जिला कलेक्टर देवेंद्र कुमार ने कृषि विभाग की पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों की मेहनत, समर्पण और निरंतर निगरानी की सराहना की।
उन्होंने कहा कि यह सम्मान किसी एक व्यक्ति या विभाग की उपलब्धि नहीं, बल्कि नागौर जिले के किसानों और योजना से जुड़े सभी विभागों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है।
कलेक्टर ने इस उपलब्धि का श्रेय जिले के मेहनतकश किसानों को देते हुए कहा कि कृषि क्षेत्र में प्रगति के लिए किसानों की भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है। किसानों के सहयोग और सरकारी विभागों के समन्वित प्रयासों से ही योजनाओं को जमीन पर प्रभावी तरीके से लागू किया जा सकता है।
नई दिल्ली में नागौर जिले की टीम ने किया प्रतिनिधित्व
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के अंतर्गत नागौर जिले को मिले सम्मान के अवसर पर नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में जिले की ओर से प्रतिनिधिमंडल ने भाग लिया।
जिला कलेक्टर देवेंद्र कुमार के नेतृत्व में संयुक्त निदेशक कृषि रविंद्र सिंह रियाड़, कृषि विज्ञान केंद्र नागौर के डॉ. बुद्धा राम चौधरी और प्रगतिशील किसान रामदेव जाट ने कार्यक्रम में नागौर जिले का प्रतिनिधित्व किया।
प्रतिनिधिमंडल की मौजूदगी ने जिले में कृषि विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों और किसानों की भागीदारी को राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत किया। इस सम्मान को नागौर के कृषि क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
किसानों के सम्मान और आर्थिक सुरक्षा पर जोर
केंद्र सरकार की ओर से किसानों की आय, कृषि विकास और आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इनमें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना शामिल हैं।
राजस्थान सरकार भी मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि सहित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किसानों को सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास कर रही है। इन योजनाओं का उद्देश्य किसानों को आर्थिक सहयोग देने के साथ कृषि क्षेत्र के विकास को बढ़ावा देना है।
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में नागौर जिले को मिला दूसरा स्थान इस दिशा में जिले के प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाता है।
नागौर के लिए गौरव का विषय
नागौर जिले की यह उपलब्धि किसानों, कृषि विभाग और योजना के क्रियान्वयन में सहयोग देने वाले सभी संबंधित विभागों के लिए गौरव का विषय है। राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिलने से जिले में कृषि विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों को पहचान मिली है।
इस उपलब्धि में किसानों की मेहनत, अधिकारियों की सक्रियता, कर्मचारियों के समर्पण और विभागीय समन्वय की अहम भूमिका रही। नागौर जिले का यह सम्मान कृषि क्षेत्र में बेहतर कार्यप्रणाली और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के महत्व को भी दर्शाता है।
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना में नागौर जिले को पूरे भारत में दूसरा स्थान मिला। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 12अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में जिले को सम्मानित किया। जिला कलेक्टर देवेंद्र कुमार ने यह सम्मान नागौर के किसानों और कृषि विभाग की पूरी टीम को समर्पित किया।
GOLDEN HIND DESK