राजस्थान में महिला सुरक्षा अभियान शुरू, हर जिले में जागरूकता मीट आयोजित !

राजस्थान सरकार ने महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए राज्यव्यापी अभियान शुरू किया, हर जिले में जागरूकता मीट और महिला सहायता केंद्रों का विस्तार किया जाएगा

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जयपुर 

राजस्थान सरकार ने राज्य में महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए नया अभियान शुरू किया है। इस अभियान का उद्देश्य प्रत्येक जिले में जागरूकता मीट और प्रशिक्षण सत्र आयोजित करना और महिला सुरक्षा केंद्रों का विस्तार करना है।

सरकार ने बताया कि महिला सुरक्षा और सहायता केंद्रों के माध्यम से महिलाओं को आपातकालीन सहायता, कानूनी मार्गदर्शन और मानसिक स्वास्थ्य सहायता प्रदान की जाएगी।


अभियान की प्रमुख विशेषताएँ

  1. जागरूकता मीट:
    हर जिले में आयोजित मीट में महिलाओं, युवतियों और स्थानीय समुदाय के प्रतिनिधियों को सुरक्षा उपाय, कानूनी अधिकार और हेल्पलाइन सेवाओं के बारे में जानकारी दी जाएगी।

  2. महिला सहायता केंद्रों का विस्तार:

  • राज्य में पहले से मौजूद महिला हेल्पलाइन और सहायता केंद्रों की संख्या बढ़ाई जाएगी।

  • हर जिले में कम से कम एक 24x7 महिला सहायता केंद्र स्थापित किया जाएगा।

  • केंद्रों में प्रशिक्षित अधिकारी और काउंसलर तैनात होंगे।

  1. सुरक्षा प्रशिक्षण:
    अभियान के तहत महिलाओं को आत्मरक्षा प्रशिक्षण और सुरक्षित रहने के उपाय सिखाए जाएंगे।

  • स्कूल और कॉलेज में विशेष वर्कशॉप आयोजित

  • स्थानीय पुलिस और एनजीओ के सहयोग से प्रशिक्षण सत्र


सरकार की प्रतिक्रिया

महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव ने कहा कि यह अभियान महिलाओं के सशक्तिकरण और समाज में सुरक्षा की भावना को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान हर जिले से प्रतिक्रिया और सुझाव लेकर सुधार किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि अभियान को सफल बनाने के लिए समयबद्ध रिपोर्टिंग और प्रगति मॉनिटरिंग की जाए, ताकि हर जिले में अभियान प्रभावी रूप से लागू हो।


expected लाभ

  • महिलाओं के लिए आपातकालीन सहायता का त्वरित और सुगम पहुंच

  • महिलाओं में सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना

  • पुलिस और स्थानीय प्रशासन के साथ सहयोग से अपराध दर में कमी

  • महिलाओं के आत्मविश्वास और सशक्तिकरण को बढ़ावा

    जयपुर | राज्य ब्यूरो

    राजस्थान सरकार ने राज्य में महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए नया अभियान शुरू किया है। इस अभियान का उद्देश्य प्रत्येक जिले में जागरूकता मीट और प्रशिक्षण सत्र आयोजित करना और महिला सुरक्षा केंद्रों का विस्तार करना है।

    सरकार ने बताया कि महिला सुरक्षा और सहायता केंद्रों के माध्यम से महिलाओं को आपातकालीन सहायता, कानूनी मार्गदर्शन और मानसिक स्वास्थ्य सहायता प्रदान की जाएगी।


    अभियान की प्रमुख विशेषताएँ

  • जागरूकता मीट:
    हर जिले में आयोजित मीट में महिलाओं, युवतियों और स्थानीय समुदाय के प्रतिनिधियों को सुरक्षा उपाय, कानूनी अधिकार और हेल्पलाइन सेवाओं के बारे में जानकारी दी जाएगी।

  • महिला सहायता केंद्रों का विस्तार:

  • राज्य में पहले से मौजूद महिला हेल्पलाइन और सहायता केंद्रों की संख्या बढ़ाई जाएगी।

  • हर जिले में कम से कम एक 24x7 महिला सहायता केंद्र स्थापित किया जाएगा।

  • केंद्रों में प्रशिक्षित अधिकारी और काउंसलर तैनात होंगे।

  • सुरक्षा प्रशिक्षण:
    अभियान के तहत महिलाओं को आत्मरक्षा प्रशिक्षण और सुरक्षित रहने के उपाय सिखाए जाएंगे।

  • स्कूल और कॉलेज में विशेष वर्कशॉप आयोजित

  • स्थानीय पुलिस और एनजीओ के सहयोग से प्रशिक्षण सत्र

  • महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव ने कहा कि यह अभियान महिलाओं के सशक्तिकरण और समाज में सुरक्षा की भावना को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान हर जिले से प्रतिक्रिया और सुझाव लेकर सुधार किए जाएंगे।

    मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि अभियान को सफल बनाने के लिए समयबद्ध रिपोर्टिंग और प्रगति मॉनिटरिंग की जाए, ताकि हर जिले में अभियान प्रभावी रूप से लागू हो।


    expected लाभ

  • महिलाओं के लिए आपातकालीन सहायता का त्वरित और सुगम पहुंच

  • महिलाओं में सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना

  • पुलिस और स्थानीय प्रशासन के साथ सहयोग से अपराध दर में कमी

  • महिलाओं के आत्मविश्वास और सशक्तिकरण को बढ़ावा

    जयपुर | राज्य ब्यूरो

    राजस्थान सरकार ने राज्य में महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए नया अभियान शुरू किया है। इस अभियान का उद्देश्य प्रत्येक जिले में जागरूकता मीट और प्रशिक्षण सत्र आयोजित करना और महिला सुरक्षा केंद्रों का विस्तार करना है।

    सरकार ने बताया कि महिला सुरक्षा और सहायता केंद्रों के माध्यम से महिलाओं को आपातकालीन सहायता, कानूनी मार्गदर्शन और मानसिक स्वास्थ्य सहायता प्रदान की जाएगी।


    अभियान की प्रमुख विशेषताएँ

  • जागरूकता मीट:
    हर जिले में आयोजित मीट में महिलाओं, युवतियों और स्थानीय समुदाय के प्रतिनिधियों को सुरक्षा उपाय, कानूनी अधिकार और हेल्पलाइन सेवाओं के बारे में जानकारी दी जाएगी।

  • महिला सहायता केंद्रों का विस्तार:

  • राज्य में पहले से मौजूद महिला हेल्पलाइन और सहायता केंद्रों की संख्या बढ़ाई जाएगी।

  • हर जिले में कम से कम एक 24x7 महिला सहायता केंद्र स्थापित किया जाएगा।

  • केंद्रों में प्रशिक्षित अधिकारी और काउंसलर तैनात होंगे।

  • सुरक्षा प्रशिक्षण:
    अभियान के तहत महिलाओं को आत्मरक्षा प्रशिक्षण और सुरक्षित रहने के उपाय सिखाए जाएंगे।

  • स्कूल और कॉलेज में विशेष वर्कशॉप आयोजित

  • स्थानीय पुलिस और एनजीओ के सहयोग से प्रशिक्षण सत्र

  • महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव ने कहा कि यह अभियान महिलाओं के सशक्तिकरण और समाज में सुरक्षा की भावना को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान हर जिले से प्रतिक्रिया और सुझाव लेकर सुधार किए जाएंगे।

    मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि अभियान को सफल बनाने के लिए समयबद्ध रिपोर्टिंग और प्रगति मॉनिटरिंग की जाए, ताकि हर जिले में अभियान प्रभावी रूप से लागू हो।


    expected लाभ

  • महिलाओं के लिए आपातकालीन सहायता का त्वरित और सुगम पहुंच

  • महिलाओं में सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना

  • पुलिस और स्थानीय प्रशासन के साथ सहयोग से अपराध दर में कमी

  • महिलाओं के आत्मविश्वास और सशक्तिकरण को बढ़ावा


  • सरकार की प्रतिक्रिया


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