कौशल, रोजगार और सामाजिक सशक्तिकरण पर विचार-विमर्श

जयपुर में राज्य युवा नीति–2026 की अंतर्विभागीय समन्वय बैठक आयोजित

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जयपुर, 28 जनवरी 2026: राज्य सरकार द्वारा युवाओं के सर्वांगीण विकास के उद्देश्य से तैयार राज्य युवा नीति–2026 के प्रभावी क्रियान्वयन तथा विभागीय समन्वय सुनिश्चित करने के लिए बुधवार को सवाई मानसिंह स्टेडियम, जयपुर में राजस्थान युवा बोर्ड की महत्वपूर्ण अंतर्विभागीय समन्वय बैठक आयोजित की गई।

बैठक की अध्यक्षता श्री नीरज के पवन, शासन सचिव, युवा मामले एवं खेल विभाग और अध्यक्ष, राजस्थान युवा बोर्ड ने की। बैठक में नीति के विजन, उद्देश्यों, रणनीति और क्रियान्वयन तंत्र पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।


राज्य युवा नीति–2026 का उद्देश्य और दृष्टिकोण

श्री नीरज के पवन ने कहा कि राज्य युवा नीति–2026 का उद्देश्य युवाओं को केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि विकास प्रक्रिया का सक्रिय सहभागी बनाना है। नीति के माध्यम से युवाओं में नेतृत्व क्षमता, सामाजिक उत्तरदायित्व, डिजिटल दक्षता, शिक्षा एवं कौशल विकास, रोजगार एवं उद्यमिता, नवाचार, खेल एवं स्वास्थ्य, सांस्कृतिक संरक्षण और सामाजिक समावेशन को बढ़ावा दिया जाएगा।

इस नीति में 15 से 29 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं को केंद्र में रखते हुए समावेशी, नवाचार-आधारित और परिणामोन्मुखी दृष्टिकोण अपनाया गया है।


फोकस क्षेत्र और क्रियान्वयन

बैठक में श्री नीरज के पवन ने राज्य युवा नीति–2026 के अंतर्गत निर्धारित सात एकीकृत फोकस क्षेत्रों पर विस्तृत चर्चा की। प्रत्येक क्षेत्र के लिए 2026-2031 तक मापनीय लक्ष्य तय किए गए हैं, जिन्हें विभागीय अभिसरण, निगरानी और समीक्षा के माध्यम से सुनिश्चित किया जाएगा।

मुख्य फोकस क्षेत्र:

  1. नेतृत्व एवं सामाजिक जिम्मेदारी – युवाओं को लोकतांत्रिक मूल्यों, स्वैच्छिक सेवा और राष्ट्र निर्माण से जोड़ना।

  2. डिजिटल सशक्तिकरण एवं नवाचार – डिजिटल साक्षरता, उभरती तकनीक, स्टार्ट-अप संस्कृति और नवाचार आधारित समाधान।

  3. शिक्षा एवं कौशल विकास – गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, व्यावसायिक प्रशिक्षण और आजीवन सीखने की अवधारणा।

  4. रोजगार, उद्यमिता एवं नवाचार – रोजगार सृजन, स्वरोजगार और स्टार्ट-अप्स को बढ़ावा, वित्तीय एवं संस्थागत सहयोग।

  5. खेल, स्वास्थ्य एवं कल्याण – शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य, खेल अवसंरचना, फिटनेस, पोषण और नशामुक्ति।

  6. संस्कृति, विरासत एवं कला – राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत, लोक कला, पर्यटन और रचनात्मक उद्योगों से जुड़ाव।

  7. समावेशन एवं सामाजिक समानता – महिला, दिव्यांग, अनुसूचित जाति, जनजाति और वंचित वर्गों के युवाओं के लिए समान अवसर।


विभागीय सहभागिता और मार्गदर्शन

बैठक में सचिव राजस्थान राज्य क्रीड़ा परिषद श्रीमती नीतू बारूपाल, उप शासन सचिव युवा मामले एवं खेल विभाग श्री विक्रम गुप्ता, वन एवं पर्यावरण विभाग, आयुर्वेद विभाग, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग, शिक्षा विभाग, कला, संस्कृति एवं पर्यटन विभाग, कौशल नियोजन एवं उद्यमिता विभाग, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग, महिला अधिकारिता विभाग, जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग के नोडल अधिकारी उपस्थित रहे।

अध्यक्ष ने सभी विभागों के नोडल अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपनी योजनाओं और कार्यक्रमों को राज्य युवा नीति के लक्ष्यों के अनुरूप संरेखित करें। इसके अलावा, युवाओं की डिजिटल पहुंच, कौशल उन्नयन, रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण, नवाचार एवं उद्यमिता, और सामाजिक एवं राष्ट्र निर्माण में सहभागिता सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया।


निष्कर्ष

राज्य युवा नीति–2026 राजस्थान के युवाओं के उज्ज्वल, सशक्त और आत्मनिर्भर भविष्य का रोडमैप है। अंतर्विभागीय समन्वय बैठकों के माध्यम से नीति के प्रभावी क्रियान्वयन और युवाओं के लिए सशक्त अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।