शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर का गांवों में औचक निरीक्षण, स्वच्छता व्यवस्था को लेकर दिए सख्त निर्देश
ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक प्रभावी तथा परिणामपरक बनाने के उद्देश्य से शिक्षा (विद्यालयी/संस्कृत) एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने रविवार को जोधपुर से बिराई गांव जाते समय बावड़ी पंचायत समिति क्षेत्र के विभिन्न गांवों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने गांवों में सार्वजनिक स्थलों, मुख्य मार्गों, आबादी क्षेत्रों तथा नालियों की सफाई व्यवस्था का जायजा लिया और ग्रामीणों से सीधे संवाद कर पंचायत स्तर पर संचालित सफाई एवं कचरा संग्रहण व्यवस्था की वास्तविक स्थिति की जानकारी प्राप्त की।
मंत्री ने स्पष्ट कहा कि ग्रामीण विकास की आधारशिला स्वच्छता है। यदि गांव साफ-सुथरे रहेंगे तो लोगों का स्वास्थ्य बेहतर होगा, संक्रामक बीमारियों का खतरा कम होगा और ग्रामीण जीवन की गुणवत्ता में भी सुधार आएगा। उन्होंने ग्राम पंचायतों, अधिकारियों और सफाई कर्मचारियों को निर्देश दिए कि सफाई कार्य को केवल औपचारिकता न समझें, बल्कि इसे नियमित और जिम्मेदारीपूर्ण तरीके से संचालित करें।
भवात गांव में ग्रामीणों से किया सीधा संवाद
निरीक्षण की शुरुआत ग्राम पंचायत भवात के गांव भवात से हुई। यहां मंत्री ने गांव की गलियों, सार्वजनिक स्थलों और मुख्य मार्गों का निरीक्षण किया। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत कर यह जाना कि पंचायत द्वारा प्रतिदिन सफाई करवाई जाती है या नहीं तथा घर-घर से कचरा संग्रहण की व्यवस्था नियमित रूप से संचालित हो रही है अथवा नहीं।
ग्रामीणों से चर्चा के दौरान उन्होंने यह भी पूछा कि सफाईकर्मी तय समय पर गांव में पहुंचते हैं या नहीं और एकत्रित कचरे का उचित निस्तारण किया जाता है या नहीं। उन्होंने कहा कि केवल कचरा उठाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसका वैज्ञानिक और सुरक्षित तरीके से निस्तारण भी उतना ही आवश्यक है।
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सफाई व्यवस्था में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। यदि कहीं सफाई व्यवस्था में कमी पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
गंगाणी में लिया सफाई व्यवस्था का फीडबैक
इसके बाद मदन दिलावर ग्राम पंचायत गंगाणी के गांव गंगाणी पहुंचे, जहां उन्होंने गांव की सफाई व्यवस्था का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने गांव की गलियों, सार्वजनिक स्थलों और प्रमुख मार्गों का निरीक्षण करते हुए ग्रामीणों से पंचायत द्वारा प्रतिदिन करवाई जा रही सफाई व्यवस्था के बारे में जानकारी ली।
ग्रामीणों ने उन्हें सफाई व्यवस्था और कचरा संग्रहण से जुड़ी विभिन्न जानकारियां दीं। मंत्री ने पंचायत प्रतिनिधियों से कहा कि गांवों में किसी भी सार्वजनिक स्थान पर कचरा जमा नहीं होना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रतिदिन निर्धारित समय पर कचरा संग्रहण सुनिश्चित किया जाए और गांव को स्वच्छ बनाए रखने के लिए नियमित निगरानी की जाए।
उन्होंने कहा कि यदि सफाई व्यवस्था लगातार बेहतर रहेगी तो ग्रामीण क्षेत्रों में बीमारियों का खतरा स्वतः कम होगा और लोगों का जीवन स्तर भी बेहतर बनेगा।
सेवकी कलां में भी किया निरीक्षण
मंत्री ने ग्राम सेवकी कलां का भी दौरा किया और वहां सफाई व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने ग्रामीणों से प्रतिदिन होने वाली सफाई, कचरा संग्रहण तथा पंचायत की कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी प्राप्त की।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों और पंचायत प्रतिनिधियों को निर्देश दिए कि गांवों में सफाई व्यवस्था को नियमित, प्रभावी और परिणामोन्मुख बनाया जाए। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों की उपस्थिति और उनके कार्यों की नियमित निगरानी की जाए ताकि किसी प्रकार की लापरवाही की संभावना न रहे।
इसके साथ ही उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि गांवों से एकत्रित होने वाले कचरे का निर्धारित स्थान पर समुचित और सुरक्षित निस्तारण किया जाए।
ग्राम पंचायतों को स्पष्ट कार्ययोजना बनाने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि प्रत्येक ग्राम पंचायत अपने क्षेत्र के लिए स्पष्ट सफाई कार्ययोजना तैयार करे और उसका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करे। उन्होंने कहा कि केवल योजनाएं बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके परिणाम भी धरातल पर दिखाई देने चाहिए।
उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से कहा कि गांवों की गलियों, सार्वजनिक स्थलों, विद्यालयों के आसपास, आंगनबाड़ी केंद्रों तथा प्रमुख आवागमन मार्गों पर विशेष रूप से स्वच्छता बनाए रखी जाए। इन स्थानों पर नियमित सफाई होने से ग्रामीणों को स्वच्छ वातावरण मिलेगा और बच्चों सहित सभी लोगों के स्वास्थ्य की बेहतर सुरक्षा हो सकेगी।
नियमित निगरानी पर दिया जोर
मंत्री ने कहा कि सफाई व्यवस्था तभी सफल हो सकती है जब उसकी नियमित निगरानी की जाए। उन्होंने पंचायत अधिकारियों को निर्देश दिए कि सफाई कर्मचारियों की उपस्थिति, कार्य की गुणवत्ता और कचरा संग्रहण व्यवस्था की समय-समय पर समीक्षा की जाए।
उन्होंने कहा कि यदि किसी गांव में सफाई व्यवस्था प्रभावित होती है तो संबंधित अधिकारी तुरंत आवश्यक कदम उठाएं और समस्या का समाधान सुनिश्चित करें। पंचायत स्तर पर जिम्मेदारी तय होने से कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही दोनों बढ़ेंगी।
वैज्ञानिक तरीके से हो कचरे का निस्तारण
मदन दिलावर ने कहा कि गांवों में केवल कचरा इकट्ठा करना पर्याप्त नहीं है। उसका वैज्ञानिक और सुरक्षित तरीके से निस्तारण भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिए कि एकत्रित कचरे को निर्धारित स्थान पर पहुंचाकर पर्यावरण अनुकूल तरीके से उसका निस्तारण किया जाए।
उन्होंने कहा कि खुले स्थानों पर कचरा फेंकने की प्रवृत्ति पर रोक लगाई जाए और ग्रामीणों को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जाए ताकि वे अपने आसपास का वातावरण साफ रखने में सक्रिय भागीदारी निभाएं।
नालियों की नियमित सफाई के निर्देश
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने नालियों की सफाई पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गांवों की नालियों की नियमित सफाई कराई जाए ताकि कहीं भी पानी का जमाव न हो। जलभराव और गंदगी से मच्छरों का प्रकोप बढ़ता है, जिससे डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।
उन्होंने कहा कि पंचायतें इस दिशा में गंभीरता से कार्य करें और यह सुनिश्चित करें कि गांवों में कहीं भी गंदगी या जलभराव की स्थिति न बने।
स्वच्छ गांव, स्वस्थ ग्रामीण
मंत्री ने कहा कि स्वच्छता केवल सरकारी योजनाओं का हिस्सा नहीं बल्कि जनभागीदारी का विषय भी है। यदि पंचायत, प्रशासन और ग्रामीण मिलकर कार्य करेंगे तो गांवों को स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ बनाया जा सकता है।
उन्होंने ग्रामीणों से भी अपील की कि वे अपने घरों और आसपास के क्षेत्रों में स्वच्छता बनाए रखें, कचरा निर्धारित स्थान पर ही डालें और पंचायत की सफाई व्यवस्था में सहयोग करें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सामूहिक प्रयासों से राजस्थान के गांव स्वच्छता के क्षेत्र में नई मिसाल कायम करेंगे।
मदन दिलावर ने अंत में अधिकारियों को निर्देश दिए कि गांवों में नियमित सफाई, समयबद्ध कचरा संग्रहण, वैज्ञानिक निस्तारण और नालियों की सफाई को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।