80 घरों में 2 फीट तक मलबा भरा

उत्तराखंड में बादल फटने से तबाही, चमोली-थराली में कई घर मलबे में दबे

Cloudburst causes devastation in Uttarakhand

उत्तराखंड में चमोली जिले के थराली में शुक्रवार देर रात बादल फट गया। हादसा रात 12:30 बजे से 1 बजे के बीच हुआ। आसपास के दो गांव सागवाड़ा और चेपड़ों में काफी नुकसान हुआ। चमोली के DM संदीप तिवारी ने बताया कि थराली तहसील मुख्यालय के एक किलोमीटर के दायरे में कई जगहों पर तबाही मच गई क्योंकि स्थानीय नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया। भारी बारिश होने से बादल फटने के बाद पानी के साथ मलबा आया, जिसके नीचे कई घर दब गए। उधर मौसम विभाग ने शनिवार को 19 राज्यों में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। उत्तराखंड, हरियाणा, दिल्ली, चंडीगढ़, गुजरात, मध्य प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड में मध्यम बारिश होने की संभावना है राजस्थान के चित्तौड़गढ़, बारां, टोंक, सवाई माधोपुर, झालावाड़, कोटा, बूंदी, डूंगरपुर, भीलवाड़ा में शनिवार को स्कूलों की छुट्‌टी रहेगी। हिमाचल प्रदेश में 23 से 26 अगस्त तक भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। बारिश और लैंडस्लाइड की वजह से नेशनल हाईवे-305 समेत 347 सड़कें अभी भी बंद हैं। 20 जून से मानसून शुरू होने के बाद से अब तक 295 मौतें हो चुकी हैं।

 थराली में आपदा से हुए नुकसान का विवरण

बदल फटने से थराली बाजार, कोटदीप तहसील थराली परिसर मे काफी पानी और मलबा भर गया है। तहसील परिसर में खड़ी गाड़ियां भी मलबे में दबी हैं। सागवाड़ा गावं में एक लड़की के भवन के अंदर मलबे मे दबने की सूचना है। चेपड़ो बाजार मे कुछ दुकानें मलबे के कारण क्षतिग्रस्त हुई हैं और एक दुकान के लापता होने की सूचना है।  दोनों गांवों में मिलाकर कुल 70-80 घरों में करीब 2 फीट तक मलबा घुस गया। थराली को जोड़ने वाला कर्णप्रयाग-ग्वालदम नेशनल हाईवे मिंग गधेरा के पास मलबा आने के कारण बंद हो गया है। उत्तराखंड में पिछले 18 दिनों में बादल फटने की यह दूसरी घटना है। इससे पहले 5 अगस्त को धराली में बादल फटा था, जिसमें 5 की मौत हुई और 100 से ज्यादा लापता हुए। मलबे में कई गाड़ियां दबी हैं। पिंडर और प्राणमती नदी उफान पर बह रही हैं। थराली ग्वालदम मार्ग मिंग्गदेरा मे बंद है। थराली सागवाड़ा मार्ग भी बंद है। उप-विभागीय मजिस्ट्रेट के घर में भी मलबा घुस गया है।

एडीएम विवेक प्रकाश ने कहा कि थराली में बादल फटने की वजह से काफी नुक़सान हुआ है. मलबा आने से एक 20 वर्षीय लड़की और एक बुजुर्ग लापता बताए जा रहे हैं. दोनों के मलबे में दबे होने की आशंका है. उनकी तलाश की जा रही है. थराली व आसपास के इलाकों में भारी बारिश की वजह से मलबा आया है

स्कूल बंद और लोगों को किया गया सतर्क

हालातों केा देखते हुए तीनों विकासखंडों थराली, देवाल एवं नारायणबगड़ के स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया गया है। वहीं भूस्खलन और जलभराव होने का खतरा और बढ़ गया है। नदी-नालों के किनारे रहने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है। बता दें कि पूरे उत्तराखंड में मानसून के बादल जमकर बरस रहे हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले 5 दिन उत्तराखंड में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश होने का अलर्ट दिया गया है।

राहत एवं बचाव कार्य में जुटा प्रशासन

चमोली पुलिस ने बताया कि बीती रात्रि थाना थराली क्षेत्र में हुई अतिवृष्टि से जनजीवन प्रभावित हुआ. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए थाना थराली पुलिस ने रात्रि में ही मुस्तैदी दिखाते हुए स्थानीय लोगो को सतर्क किया तथा घरों से निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया. NDRF, SDRF, पुलिस और प्रशासन की टीमें बारिश के बीच ही बचाव में जुटी हैं।

सीएम धामी ने दिए तत्काल मदद के निर्देश

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं. उन्होंने इस घटना को लेकर दुख जताया और आपदा प्रबंधन टीम को तत्काल प्रभावित लोगों की मदद के निर्देश दिए हैं. सीएम धामी ने एक्स पर लिखा कि 'जनपद चमोली के थराली क्षेत्र में देर रात बादल फटने की दुःखद सूचना प्राप्त हुई. जिला प्रशासन, एसडीआरएफ, पुलिस मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्यों में जुटे हुए हैं. इस सम्बन्ध में निरंतर स्थानीय प्रशासन के संपर्क में हूं और स्वयं स्थिति की गहन निगरानी कर रहा हूं. ईश्वर से सभी के सकुशल होने की प्रार्थना करता हूं.'