राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स के 9 माह बाद अंतरिक्ष से वापस लौटने पर प्रसन्नता जताते हुए वंदन,अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि सुनीता विलियम्स भारत ही नहीं सम्पूर्ण विश्व की गौरव हैं। वह नारी शक्ति की प्रतीक हैं।अंतरिक्ष में इतने दीर्घ समय तक अपने साहस, धैर्य, निर्भीकता से रहकर उन्होंने संपूर्ण जगत को गौरवान्वित किया हैं।
राज्यपाल ने किया सुनीता विलियम्स का वंदन, अभिनंदन राज्यपाल ने सुनीता विलियम्स को नारी शक्ति की प्रत
सुनीता विलियम्स भारत ही नहीं सम्पूर्ण विश्व की गौरव हैं
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बजट घोषणाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करें: पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत
बजट घोषणाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करें: पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत
राजस्थान सरकार की बजट घोषणाओं को समयबद्ध और प्रभावी ढंग से धरातल पर उतारने के उद्देश्य से सोमवार को सचिवालय के चिंतन कक्ष में पशुपालन विभाग एवं डेयरी से संबंधित बजट घोषणाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता पशुपालन, डेयरी, गोपालन एवं देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत ने की। बैठक में पिछले तीन वर्षों की बजट घोषणाओं की प्रगति, निर्माणाधीन परियोजनाओं की स्थिति और निर्धारित समय-सीमा में कार्यों को पूरा करने की रणनीति पर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में मंत्री जोराराम कुमावत ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि राज्य सरकार की सभी बजट घोषणाओं का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी तरीके से क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि बजट घोषणाएं केवल सरकारी घोषणाएं नहीं हैं, बल्कि प्रदेश के किसानों, पशुपालकों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। इसलिए इनके क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।
नियमित मॉनिटरिंग पर दिया जोरमंत्री कुमावत ने कहा कि प्रत्येक बजट घोषणा की नियमित समीक्षा और मॉनिटरिंग की जानी चाहिए ताकि किसी भी स्तर पर कार्य प्रभावित न हो। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी परियोजनाओं की प्रगति पर लगातार नजर रखें और यदि किसी योजना में तकनीकी, प्रशासनिक या अन्य प्रकार की बाधा आ रही हो तो उसका तत्काल समाधान कर कार्यों को गति दी जाए।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल योजनाओं की घोषणा करना नहीं, बल्कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। इसके लिए विभागीय अधिकारियों को पूरी जवाबदेही और समर्पण के साथ कार्य करना होगा।
पशु स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा और विस्तारबैठक में विभागीय अधिकारियों ने विभिन्न योजनाओं की प्रगति पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। इसमें निर्माणाधीन पशु चिकित्सालयों, नए पशु चिकित्सा उपकेंद्रों, मोबाइल वेटनरी यूनिट, पशुधन विकास कार्यक्रम, पशु बीमा योजना, कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम तथा पशु स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण से जुड़े कार्यों की जानकारी दी गई।
मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के पशुपालकों को बेहतर और आधुनिक पशु चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। पशुओं के समय पर उपचार, टीकाकरण, रोग नियंत्रण और आधुनिक चिकित्सा सेवाओं के विस्तार के लिए सभी योजनाओं को निर्धारित समय में पूरा करना आवश्यक है।
हर चिकित्सा संस्थान का अपना भवन होसमीक्षा बैठक में मंत्री कुमावत ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी स्तर के पशु चिकित्सा संस्थानों के लिए भूमि संबंधी प्रक्रियाएं जल्द पूरी की जाएं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पशु चिकित्सा संस्थान का अपना स्थायी भवन होना चाहिए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के पशुपालकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जहां भूमि आवंटन या पट्टे की प्रक्रिया लंबित है, वहां संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर शीघ्र समाधान निकाला जाए। उनका कहना था कि मजबूत आधारभूत ढांचा पशु चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
भेड़ ऊन विभाग की भूमि पर भी होगी कार्रवाईबैठक के दौरान मंत्री ने अधिकारियों को भेड़ ऊन विभाग की उपलब्ध भूमि को पशुपालन विभाग के अंतर्गत शामिल करने की संभावनाओं पर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए विभागीय योजनाओं का विस्तार किया जाए ताकि पशुपालकों को अधिक सुविधाएं मिल सकें।
डेयरी क्षेत्र के विस्तार पर विशेष जोरपशुपालन मंत्री ने डेयरी विभाग की समीक्षा करते हुए अधिक से अधिक दुग्ध सहकारी समितियों और दुग्ध संकलन केंद्रों की स्थापना के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में दूध संग्रहण व्यवस्था मजबूत होने से पशुपालकों को उचित मूल्य मिलेगा और दुग्ध उत्पादन को भी बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जिन दुग्ध उत्पादों की बाजार में अधिक मांग है, उनके गुणवत्तापूर्ण उत्पादन को बढ़ाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। इससे डेयरी उद्योग को मजबूती मिलेगी और किसानों की आय में भी वृद्धि होगी।
बस्सी की सीमन उत्पादन इकाई की क्षमता बढ़ेगीबैठक में बस्सी स्थित सेक्स सॉर्टेड सीमन उत्पादन इकाई की भी समीक्षा की गई। मंत्री कुमावत ने इस इकाई की उत्पादन क्षमता बढ़ाने के निर्देश दिए ताकि पशुधन की गुणवत्ता सुधारने और दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए आधुनिक प्रजनन तकनीकों का अधिक प्रभावी उपयोग किया जा सके।
उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक पशुपालन और उन्नत नस्ल विकास के लिए ऐसी इकाइयों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। इससे प्रदेश के पशुपालकों को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा और पशुधन विकास कार्यक्रमों को नई गति मिलेगी।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूतीमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की बजट घोषणाओं का उद्देश्य केवल योजनाओं का विस्तार नहीं, बल्कि किसानों और पशुपालकों का आर्थिक सशक्तीकरण भी है। पशुपालन और डेयरी क्षेत्र ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। यदि इन क्षेत्रों में आधुनिक सुविधाएं, बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं और मजबूत अवसंरचना उपलब्ध कराई जाए तो लाखों परिवारों की आय में वृद्धि संभव है।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि फील्ड स्तर पर नियमित निरीक्षण करें, योजनाओं की वास्तविक प्रगति की समीक्षा करें और विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाकर सभी लक्ष्यों की शत-प्रतिशत प्राप्ति सुनिश्चित करें।
वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूदबैठक में संयुक्त शासन सचिव दिनेश कुमार जांगिड़, राजस्थान सहकारी डेयरी फेडरेशन (RCDF) की प्रबंध निदेशक श्रुति भारद्वाज, पशुपालन निदेशक डॉ. सुरेश चंद मीणा, विभाग के अतिरिक्त निदेशक, विभिन्न योजनाओं के नोडल अधिकारी तथा डेयरी एवं पशुपालन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के अंत में मंत्री जोराराम कुमावत ने कहा कि राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पशुपालक तक पहुंचाना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों से समयबद्ध कार्य, गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ योजनाओं का क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का आह्वान किया, ताकि प्रदेश में पशुपालन और डेयरी क्षेत्र के समग्र विकास का लक्ष्य तेजी से हासिल किया जा सके।
अजमेर आयुर्वेद रसायनशाला का हुआ आधुनिकीकरण, अब पूरे राजस्थान में सप्लाई होंगी आयुर्वेदिक दवाएं
अजमेर आयुर्वेद रसायनशाला का हुआ आधुनिकीकरण, अब पूरे राजस्थान में वितरित होंगी आयुर्वेदिक दवाएं
सावन के पहले सोमवार पर अजमेर को आयुर्वेद के क्षेत्र में एक बड़ी सौगात मिली। लंबे समय से प्रदेश की प्रमुख आयुर्वेद रसायनशालाओं में शामिल अजमेर आयुर्वेद रसायनशाला अब पूरी तरह आधुनिक तकनीक से लैस होकर राजस्थान की केंद्रीय औषधि उत्पादन इकाइयों में शामिल हो गई है। यहां तैयार होने वाली आयुर्वेदिक दवाएं अब पूरे प्रदेश के आयुर्वेद चिकित्सालयों और स्वास्थ्य संस्थानों तक पहुंचाई जाएंगी।
राज्य सरकार की 'राइजिंग राजस्थान' नीति के तहत आयुष विभाग और दीनदयाल आयुर्वेद के सहयोग से इस रसायनशाला का पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर आधुनिकीकरण किया गया है। अत्याधुनिक मशीनों और स्वचालित उत्पादन प्रणाली से सुसज्जित यह इकाई अब राजस्थान की उन पांच आयुर्वेद रसायनशालाओं में शामिल हो गई है, जिन्हें आधुनिक तकनीक के अनुरूप विकसित किया जा रहा है।
सोमवार को आयोजित समारोह में विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी, उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा, भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के सचिव एवं पद्मश्री वैद्य राजेश कोटेचा, आयुष विभाग के शासन सचिव सुबीर कुमार, आयुर्वेद निदेशक आनंद शर्मा, एमडीएस विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सुरेश अग्रवाल, संयुक्त निदेशक ज्योति ककवानी सहित अनेक जनप्रतिनिधि, चिकित्सक और आयुष विशेषज्ञ उपस्थित रहे।
भारत की पहचान है आयुर्वेदकार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि भारत की सबसे बड़ी शक्ति उसकी प्राचीन ज्ञान परंपरा है। उन्होंने कहा कि भारत ने विश्व को आयुर्वेद, योग, विज्ञान, गणित, दर्शन और खगोल विज्ञान जैसी अमूल्य धरोहर दी है। तक्षशिला और नालंदा जैसे विश्वविद्यालयों में कभी दुनिया भर से विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त करने आते थे और आज भारत फिर उसी गौरवशाली परंपरा को पुनर्स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय ज्ञान परंपरा और आयुष पद्धति को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिली है। राज्य सरकार भी आयुर्वेद को आधुनिक तकनीक और बेहतर संसाधनों से जोड़कर नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का कार्य कर रही है।
देवनानी ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि करोड़ों रुपये की इस परियोजना से केवल एक रसायनशाला का आधुनिकीकरण नहीं हुआ है, बल्कि यह परंपरा और आधुनिक तकनीक के समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण है।
राजस्थान आयुर्वेद में अग्रणी बनेगाउपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान आयुर्वेद ने लोगों का विश्वास और मजबूत किया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आयुर्वेद, योग और आयुष को वैश्विक पहचान मिली है और "लोकल टू ग्लोबल" की अवधारणा को नई गति मिली है।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की बजट घोषणा के तहत अजमेर सहित प्रदेश की पांच आयुर्वेद रसायनशालाओं का ऑटोमेशन किया जा रहा है। इससे दवाओं के उत्पादन की गुणवत्ता, क्षमता और वितरण व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में राजस्थान आयुर्वेद के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में अपनी मजबूत पहचान बनाएगा।
राजस्थान को मिले 440 करोड़ रुपयेभारत सरकार के आयुष मंत्रालय के सचिव एवं पद्मश्री वैद्य राजेश कोटेचा ने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष में राजस्थान को आयुष क्षेत्र के विकास के लिए 440 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में देशभर में लगभग तीन करोड़ मरीज आयुर्वेद चिकित्सा से लाभान्वित हो रहे हैं, जो इस चिकित्सा पद्धति के प्रति बढ़ते विश्वास का प्रमाण है।
उन्होंने यह भी घोषणा की कि राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय के विकास के लिए केंद्र सरकार की ओर से 70 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए जाएंगे। उनके अनुसार पिछले वर्षों में देश में आयुर्वेद क्षेत्र में लगभग 800 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जो वैश्विक स्तर पर इसकी बढ़ती स्वीकार्यता को दर्शाती है।
आधुनिक तकनीक से बढ़ेगी गुणवत्ताआयुष विभाग के शासन सचिव सुबीर कुमार ने कहा कि राजस्थान सरकार आयुर्वेद को आधुनिक स्वरूप देने के लिए लगातार कार्य कर रही है। पीपीपी मॉडल के माध्यम से दवा निर्माण प्रक्रिया को तकनीकी रूप से उन्नत बनाया जाएगा, जिससे गुणवत्ता नियंत्रण, उत्पादन क्षमता और वितरण प्रणाली अधिक प्रभावी होगी।
उन्होंने कहा कि अत्याधुनिक मशीनों के उपयोग से दवा निर्माण में समय की बचत होगी, गुणवत्ता में एकरूपता आएगी और प्रदेश के आयुर्वेद अस्पतालों तक समय पर दवाओं की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी।
पूरे प्रदेश को मिलेगा लाभअजमेर रसायनशाला के आधुनिकीकरण के बाद यहां निर्मित आयुर्वेदिक औषधियां राजस्थान के विभिन्न जिलों में संचालित आयुर्वेद चिकित्सालयों, औषधालयों और स्वास्थ्य केंद्रों तक भेजी जाएंगी। इससे मरीजों को गुणवत्तापूर्ण आयुर्वेदिक दवाएं समय पर उपलब्ध होंगी और सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूती मिलेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि स्वचालित उत्पादन प्रणाली लागू होने से दवाओं की गुणवत्ता अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाए रखने में मदद मिलेगी तथा भविष्य में उत्पादन क्षमता में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
आयुर्वेद के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदमसमारोह में आयुर्वेद निदेशक आनंद शर्मा ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह परियोजना प्रदेश में आयुर्वेद के विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। कार्यक्रम में आयुष विभाग के अधिकारी, चिकित्सक, जनप्रतिनिधि, शिक्षाविद और आयुर्वेद क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
राज्य सरकार का मानना है कि आधुनिक तकनीक और पारंपरिक चिकित्सा पद्धति के समन्वय से न केवल आयुर्वेद को नई पहचान मिलेगी, बल्कि राजस्थान आयुष क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में अपनी मजबूत भूमिका भी स्थापित करेगा। अजमेर की यह आधुनिक रसायनशाला इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
राजस्थान पुलिस का बड़ा एक्शन: अंतरराष्ट्रीय साइबर स्लेवरी गिरोह का भंडाफोड़, 5 आरोपी गिरफ्तार
राजस्थान पुलिस की बड़ी कार्रवाई: अंतरराष्ट्रीय साइबर स्लेवरी गिरोह का भंडाफोड़, 5 आरोपी गिरफ्तार
राजस्थान पुलिस की स्टेट साइबर क्राइम थाना पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी, मानव तस्करी और संगठित साइबर अपराध से जुड़े एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह गिरोह भारतीय युवाओं को विदेश में आकर्षक वेतन वाली नौकरी का झांसा देकर कंबोडिया, लाओस, म्यांमार और वियतनाम के साइबर स्कैम सेंटर तक पहुंचाता था। वहां उनके पासपोर्ट और पहचान संबंधी दस्तावेज जब्त कर उन्हें डिजिटल अरेस्ट, फर्जी निवेश, क्रिप्टोकरेंसी और अन्य ऑनलाइन ठगी से जुड़े अपराध करने के लिए मजबूर किया जाता था।
राजस्थान पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा के निर्देश पर चलाए जा रहे साइबर अपराध विरोधी अभियान के तहत की गई। भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) से प्राप्त महत्वपूर्ण सूचना, तकनीकी विश्लेषण और लंबे समय तक की गई जांच के आधार पर पुलिस ने इस अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क तक पहुंच बनाई। पुलिस का कहना है कि यह गिरोह केवल साइबर ठगी तक सीमित नहीं था, बल्कि इसमें मानव तस्करी, जबरन श्रम और अंतरराष्ट्रीय आर्थिक अपराध के तत्व भी शामिल हैं।
500 से अधिक राजस्थान के लोग पहुंचे साइबर स्कैम सेंटरअतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (साइबर क्राइम) विजय कुमार सिंह ने बताया कि भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) के डाटा विश्लेषण में राजस्थान के 500 से अधिक लोगों की पहचान हुई है, जिन्हें विभिन्न माध्यमों से कंबोडिया, लाओस, म्यांमार और वियतनाम भेजा गया था। इनमें से कई लोग अभी तक भारत वापस नहीं लौटे हैं।
भारत लौटे कुछ पीड़ितों ने पुलिस को बताया कि विदेश पहुंचने के बाद उनके पासपोर्ट और अन्य दस्तावेज छीन लिए गए। इसके बाद उन्हें साइबर स्कैम सेंटर में कैद जैसी परिस्थितियों में रखा गया और रोजाना घंटों तक ऑनलाइन ठगी करने के लिए मजबूर किया गया। विरोध करने पर मारपीट, मानसिक प्रताड़ना और भारी आर्थिक दंड की धमकी दी जाती थी।
नौकरी का लालच देकर भेजे जाते थे विदेशपुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी बेरोजगार युवाओं को विदेश में 800 से 1000 अमेरिकी डॉलर प्रतिमाह वेतन वाली नौकरी का झांसा देते थे। उन्हें बताया जाता था कि वे ग्राहक सेवा, डेटा एंट्री, डिजिटल मार्केटिंग या अन्य कॉर्पोरेट कार्य करेंगे।
लेकिन विदेश पहुंचते ही वास्तविकता पूरी तरह अलग होती थी। वहां उनके पासपोर्ट जब्त कर लिए जाते थे और उन्हें स्कैम सेंटर में काम करने के लिए मजबूर किया जाता था। सुबह लगभग 9 बजे से रात 11:30 बजे तक लगातार काम कराया जाता था। किसी भी प्रकार का विरोध करने पर शारीरिक हिंसा, भोजन रोकने और हजारों डॉलर का जुर्माना लगाने की धमकी दी जाती थी।
ब्यावर से जुड़े आरोपी, कोलकाता से हुई गिरफ्तारीजांच के दौरान पुलिस ने सबसे पहले राजकरण उर्फ रॉनी (ROXX) और सागर सिंह, दोनों निवासी ब्यावर, को गिरफ्तार किया। इनके कब्जे से मोबाइल फोन, पासपोर्ट, विदेशी यात्रा संबंधी दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य बरामद किए गए।
डिजिटल जांच में पुलिस को विदेशी हैंडलर्स, वीपीएन सेवाओं, फर्जी जीपीएस लोकेशन, क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज Binance और अन्य अंतरराष्ट्रीय साइबर नेटवर्क से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिले।
इन दोनों से पूछताछ के आधार पर पुलिस ने आगे कार्रवाई करते हुए जीतूराज उर्फ जेम्स, रवि कुमार उर्फ माही और अनिल कुमार उर्फ डेविल को कोलकाता से गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार तीनों आरोपी उस समय टूरिस्ट वीजा के माध्यम से म्यांमार जाने की तैयारी कर रहे थे।
फर्जी प्रोफाइल बनाकर करते थे करोड़ों की साइबर ठगीपूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि साइबर स्कैम सेंटर में पहुंचने के बाद पहले उन्हें विशेष प्रशिक्षण दिया जाता था। इसके बाद उन्हें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फर्जी महिला प्रोफाइल बनाकर भारतीय नागरिकों से संपर्क करने का काम सौंपा जाता था।
आरोपी पहले कई दिनों तक सामान्य बातचीत कर पीड़ितों का विश्वास जीतते थे। इस दौरान वे उनके परिवार, आय, बैंकिंग व्यवस्था, व्यवसाय और आर्थिक स्थिति से जुड़ी गोपनीय जानकारी हासिल करते थे। इसके बाद पीड़ितों को क्रिप्टोकरेंसी और ऑनलाइन निवेश योजनाओं में भारी मुनाफे का लालच देकर लाखों रुपये निवेश करने के लिए प्रेरित किया जाता था।
ठगी से प्राप्त धनराशि पहले भारत में संचालित म्यूल बैंक खातों में जमा कराई जाती थी। इसके बाद उसे क्रिप्टोकरेंसी, विशेष रूप से USDT, में बदलकर चीन और कंबोडिया में बैठे नेटवर्क संचालकों तक पहुंचाया जाता था।
आरोपियों की अलग-अलग भूमिकाएंपुलिस के अनुसार प्रत्येक आरोपी की इस नेटवर्क में अलग भूमिका थी।
राजकरण उर्फ रॉनी (ROXX) कंबोडिया के पोइपेट स्थित स्कैम कंपाउंड में एचआर की भूमिका निभाता था। वह भारतीय युवाओं की भर्ती करता था और उन्हें अधिक वेतन का लालच देकर विदेश भेजने के बदले कमीशन प्राप्त करता था।
सागर सिंह फर्जी महिला प्रोफाइल बनाकर भारतीय नागरिकों से दोस्ती करता था। कई दिनों तक बातचीत कर उनकी आर्थिक जानकारी एकत्र करता और फिर उन्हें टीम लीडर के पास भेज देता, जहां निवेश के नाम पर ठगी की जाती थी।
जीतूराज उर्फ जेम्स के नाम पर क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज पर खाता संचालित था। वह साइबर ठगी से प्राप्त धन को क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से विदेशी नेटवर्क तक पहुंचाने का काम करता था। इसके अलावा वह भारत से म्यूल बैंक खाते, मोबाइल सिम और युवाओं के पासपोर्ट उपलब्ध कराने में भी सक्रिय था।
रवि कुमार उर्फ माही वर्ष 2023 से कंबोडिया के स्कैम सेंटर में सक्रिय था। वह नए लोगों को फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल बनाकर भारतीय नागरिकों को जाल में फंसाने का प्रशिक्षण देता था। बाद में वह म्यांमार स्थित नए साइबर स्कैम सेंटर में जाने की तैयारी कर रहा था।
अनिल कुमार उर्फ डेविल, जो जीतूराज का भाई है, लगभग एक वर्ष तक कंबोडिया के स्कैम सेंटर में सक्रिय रहा। उसे म्यांमार के एक स्कैम सेंटर में कथित "कंस्ट्रक्शन सुपरवाइजर" के नाम पर भेजा जा रहा था, लेकिन पुलिस ने उड़ान भरने से पहले ही उसे कोलकाता से गिरफ्तार कर लिया।
डिजिटल साक्ष्य और दस्तावेज जब्तराजस्थान पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से पासपोर्ट, विदेशी वीजा, मोबाइल फोन, लैपटॉप, डिजिटल रिकॉर्ड, बैंकिंग संबंधी जानकारी और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए हैं। इन साक्ष्यों का तकनीकी विश्लेषण किया जा रहा है ताकि अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्यों की पहचान की जा सके।
पुलिस का मानना है कि इस नेटवर्क की जड़ें कई देशों तक फैली हुई हैं और जांच आगे बढ़ने के साथ अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी भी संभव है।
आमजन के लिए पुलिस की अपीलराजस्थान पुलिस ने लोगों से अपील की है कि विदेश में नौकरी के नाम पर मिलने वाले आकर्षक ऑफरों पर बिना सत्यापन विश्वास न करें। किसी भी एजेंट या कंपनी के माध्यम से विदेश जाने से पहले उसकी वैधता और सरकारी अनुमति की पूरी जांच करें।
यदि किसी व्यक्ति को साइबर धोखाधड़ी, फर्जी नौकरी, ऑनलाइन निवेश या किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलती है तो वह तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930, राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल या अपने नजदीकी पुलिस थाने से संपर्क करें।
पुलिस टीम की सराहनीय भूमिकाइस पूरे ऑपरेशन को स्टेट साइबर क्राइम थाना की टीम ने सफलतापूर्वक अंजाम दिया। कार्रवाई एसपी साइबर क्राइम सुमित मेहरड़ा के सुपरविजन तथा डीएसपी एवं थानाधिकारी गजेंद्र शर्मा के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने की। टीम में इंस्पेक्टर नीरज कुमार, एएसआई राकेश कुमार सामोता, हेड कांस्टेबल अशोक कुमार, दौलतराम, कांस्टेबल सुभाष कुमार तथा चालक कांस्टेबल सूबे सिंह सहित अन्य पुलिसकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
राजस्थान पुलिस का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराध और मानव तस्करी से जुड़े इस नेटवर्क के खिलाफ जांच जारी है। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां होने की संभावना है तथा पूरे गिरोह की अंतरराष्ट्रीय कड़ियों का पता लगाने के लिए विभिन्न एजेंसियों के साथ समन्वय किया जा रहा है।
RPSC सहायक आचार्य भर्ती 2025: बॉटनी विषय के साक्षात्कार हेतु 86 अभ्यर्थी सफल, सूची जारी
RPSC सहायक आचार्य भर्ती 2025: बॉटनी विषय के इंटरव्यू के लिए 86 अभ्यर्थी सफल, 13 अगस्त तक जमा करने होंगे दस्तावेज
राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) ने सहायक आचार्य (कॉलेज शिक्षा विभाग) प्रतियोगी परीक्षा-2025 के तहत बॉटनी (वनस्पति विज्ञान) विषय के साक्षात्कार के लिए सफल अभ्यर्थियों की सूची जारी कर दी है। आयोग ने लिखित परीक्षा में प्रदर्शन के आधार पर कुल 86 अभ्यर्थियों को अस्थायी रूप से साक्षात्कार के लिए सफल घोषित किया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि यह सफलता अंतिम नहीं है और अभ्यर्थियों की पात्रता का परीक्षण विज्ञापन की शर्तों एवं नियमानुसार किया जाएगा। पात्रता जांच पूरी होने के बाद ही अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए अंतिम रूप से आमंत्रित किया जाएगा।
राजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से जारी सूचना के अनुसार बॉटनी विषय की लिखित परीक्षा के तीनों प्रश्न पत्रों में उपस्थित रहने वाले तथा सेवा नियमों के अनुसार निर्धारित न्यूनतम उत्तीर्णांक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों को ही साक्षात्कार के लिए चुना गया है। आयोग ने कहा है कि साक्षात्कार की तिथि, समय एवं अन्य आवश्यक निर्देश अभ्यर्थियों को यथासमय उपलब्ध कराए जाएंगे।
आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध है सूचीआयोग ने बताया कि बॉटनी विषय के साक्षात्कार के लिए सफल अभ्यर्थियों की सूची उसकी आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध करा दी गई है। अभ्यर्थी अपने रोल नंबर के माध्यम से सूची में अपना नाम देख सकते हैं। आयोग ने सभी अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि वे केवल आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध सूचना पर ही भरोसा करें और किसी भी प्रकार की भ्रामक जानकारी से बचें।
मुख्य परीक्षा नियंत्रक ने दी जानकारीआयोग के मुख्य परीक्षा नियंत्रक आशुतोष गुप्ता ने बताया कि लिखित परीक्षा के तीनों प्रश्न पत्रों में शामिल होने और न्यूनतम निर्धारित अंक प्राप्त करने वाले 86 अभ्यर्थियों को अस्थायी रूप से सफल घोषित किया गया है। उन्होंने कहा कि चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी एवं नियमबद्ध तरीके से संचालित की जा रही है। आयोग सभी अभ्यर्थियों की पात्रता की विस्तृत जांच करेगा और उसके बाद ही इंटरव्यू के लिए अंतिम पात्र अभ्यर्थियों की पुष्टि की जाएगी।
उन्होंने कहा कि साक्षात्कार की तिथि घोषित होने पर इसकी सूचना आयोग की वेबसाइट के साथ-साथ अन्य निर्धारित माध्यमों से भी उपलब्ध कराई जाएगी। इसलिए अभ्यर्थियों को नियमित रूप से वेबसाइट देखते रहने की सलाह दी गई है।
5 अभ्यर्थी अयोग्य घोषितआयोग ने इस भर्ती प्रक्रिया में 5 अभ्यर्थियों को अयोग्य घोषित किया है। आयोग के अनुसार इन अभ्यर्थियों ने ओएमआर उत्तर पत्रक में 10 प्रतिशत से अधिक प्रश्नों में पांच विकल्पों में से किसी भी विकल्प का चयन नहीं किया, जो आयोग के लागू नियमों का उल्लंघन है।
RPSC ने पिछले कुछ वर्षों से परीक्षाओं में ओएमआर शीट भरने के लिए पांच विकल्पों का नियम लागू किया हुआ है। इस नियम के अनुसार प्रत्येक प्रश्न के लिए अभ्यर्थी को उत्तर देना या निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार विकल्प अंकित करना आवश्यक होता है। नियमों का पालन नहीं करने वाले अभ्यर्थियों को आयोग की ओर से अयोग्य घोषित किया जा सकता है। इसी प्रावधान के तहत इन पांच अभ्यर्थियों की उम्मीदवारी समाप्त कर दी गई है।
13 अगस्त तक जमा करना होगा विस्तृत आवेदन पत्रसाक्षात्कार के लिए अस्थायी रूप से सफल घोषित सभी अभ्यर्थियों को आयोग की वेबसाइट से विस्तृत आवेदन पत्र (Detailed Application Form) डाउनलोड करना होगा। इस आवेदन पत्र की दो प्रतियां पूरी तरह भरकर आयोग कार्यालय में जमा करानी होंगी।
आवेदन पत्र के साथ अभ्यर्थियों को अपने सभी आवश्यक दस्तावेजों की स्वप्रमाणित प्रतियां भी संलग्न करनी होंगी। इनमें शैक्षणिक योग्यता, प्रशैक्षणिक योग्यता, जाति प्रमाण-पत्र (यदि लागू हो), आरक्षण से संबंधित प्रमाण-पत्र, अनुभव प्रमाण-पत्र (यदि आवश्यक हो) तथा आयोग द्वारा मांगे गए अन्य सभी दस्तावेज शामिल होंगे।
आयोग ने स्पष्ट किया है कि 13 अगस्त 2026 तक आवेदन पत्र और दस्तावेज आयोग कार्यालय में पहुंच जाना अनिवार्य है। निर्धारित तिथि के बाद प्राप्त आवेदन या अधूरे दस्तावेजों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
पात्रता जांच के बाद ही मिलेगा इंटरव्यू का अवसरRPSC ने कहा है कि केवल लिखित परीक्षा में सफल होना साक्षात्कार के लिए अंतिम पात्रता नहीं माना जाएगा। आवेदन पत्र और दस्तावेज प्राप्त होने के बाद आयोग विज्ञापन की सभी शर्तों एवं सेवा नियमों के अनुसार प्रत्येक अभ्यर्थी की पात्रता की जांच करेगा।
यदि किसी अभ्यर्थी के दस्तावेज अधूरे पाए जाते हैं, पात्रता संबंधी शर्तें पूरी नहीं होतीं या प्रस्तुत जानकारी में कोई त्रुटि मिलती है तो उसे साक्षात्कार के लिए आमंत्रित नहीं किया जाएगा। इसलिए सभी अभ्यर्थियों को आवेदन पत्र सावधानीपूर्वक भरने और सभी आवश्यक दस्तावेज समय पर जमा कराने की सलाह दी गई है।
कॉलेज शिक्षा विभाग में महत्वपूर्ण भर्तीसहायक आचार्य (कॉलेज शिक्षा विभाग) भर्ती राजस्थान के उच्च शिक्षा क्षेत्र की महत्वपूर्ण भर्ती परीक्षाओं में शामिल है। इस भर्ती के माध्यम से राज्य के सरकारी महाविद्यालयों में विभिन्न विषयों के सहायक आचार्यों की नियुक्ति की जाएगी। प्रत्येक विषय के लिए लिखित परीक्षा, दस्तावेज सत्यापन और साक्षात्कार की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अंतिम चयन सूची जारी की जाएगी।
बॉटनी विषय में चयनित होने वाले अभ्यर्थियों को राज्य के विभिन्न सरकारी कॉलेजों में नियुक्ति का अवसर मिलेगा। इससे कॉलेज शिक्षा विभाग में रिक्त पदों को भरने में मदद मिलेगी और उच्च शिक्षा व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण निर्देशआयोग ने सफल अभ्यर्थियों से कहा है कि वे आवेदन पत्र भरते समय सभी जानकारियां सही और स्पष्ट रूप से दर्ज करें। किसी भी प्रकार की गलत जानकारी, अधूरा आवेदन या आवश्यक प्रमाण-पत्र संलग्न नहीं करने पर उम्मीदवार को चयन प्रक्रिया से बाहर किया जा सकता है।
आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि साक्षात्कार की तिथि घोषित होने के बाद अभ्यर्थियों को अलग से सूचना उपलब्ध कराई जाएगी। ऐसे में सभी उम्मीदवार आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर नियमित रूप से विजिट करते रहें ताकि किसी भी नए निर्देश या सूचना से वे वंचित न रहें।
पारदर्शी चयन प्रक्रिया पर आयोग का जोरराजस्थान लोक सेवा आयोग ने एक बार फिर दोहराया है कि पूरी चयन प्रक्रिया पारदर्शिता और निर्धारित नियमों के अनुरूप संचालित की जा रही है। लिखित परीक्षा, दस्तावेज सत्यापन और साक्षात्कार के प्रत्येक चरण में निर्धारित मानकों का पालन किया जाएगा। आयोग का उद्देश्य योग्य और पात्र अभ्यर्थियों का निष्पक्ष चयन सुनिश्चित करना है।
आयोग ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक सूचना पर भरोसा करें, समय-सीमा का पालन करें तथा सभी आवश्यक दस्तावेज निर्धारित तिथि तक आयोग कार्यालय में जमा कराएं। दस्तावेज सत्यापन के बाद पात्र पाए जाने वाले अभ्यर्थियों को ही साक्षात्कार के लिए बुलाया जाएगा, जिसके पश्चात अंतिम चयन प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
अजमेर में 4.10 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण, विकास की यात्रा निरंतर जारी रहेगी: सुरेश सिंह रावत
अजमेर में 4.10 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विकास कार्यों का लोकार्पण, विकास की यात्रा निरंतर जारी रहेगी: सुरेश सिंह रावत
जल संसाधन मंत्री एवं पुष्कर विधायक सुरेश सिंह रावत ने सोमवार को अजमेर शहर के वार्ड संख्या 61 एवं आसपास के क्षेत्रों में लगभग 410.08 लाख रुपये (4.10 करोड़ रुपये) की लागत से पूर्ण हुए विभिन्न जनहितकारी विकास कार्यों का लोकार्पण कर उन्हें क्षेत्रवासियों को समर्पित किया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, जनप्रतिनिधि और पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान क्षेत्रवासियों ने मंत्री रावत का 51 किलो की विशाल माला पहनाकर तथा गदा भेंट कर भव्य स्वागत किया। नागरिकों ने क्षेत्र में कराए गए विकास कार्यों के लिए उनका आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी इसी तरह विकास कार्यों की गति बनाए रखने की अपेक्षा जताई।
लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री सुरेश सिंह रावत ने कहा कि किसी भी क्षेत्र का वास्तविक विकास केवल भवनों, सड़कों और अन्य निर्माण कार्यों तक सीमित नहीं होता, बल्कि उसका उद्देश्य आमजन के जीवन को अधिक सुविधाजनक, सुरक्षित और बेहतर बनाना होता है। उन्होंने कहा कि जब किसी क्षेत्र में सड़क, पेयजल, नाली, प्रकाश व्यवस्था, सामुदायिक सुविधाएं और अन्य आधारभूत ढांचे मजबूत होते हैं, तभी वहां के लोगों के जीवन स्तर में वास्तविक सुधार दिखाई देता है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का स्पष्ट उद्देश्य प्रदेश के प्रत्येक शहर, कस्बे, गांव और वार्ड तक गुणवत्तापूर्ण आधारभूत सुविधाएं पहुंचाना है। सरकार इस दिशा में योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रही है ताकि विकास का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक समान रूप से पहुंचे। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों की प्राथमिकता तय करते समय स्थानीय जनता की आवश्यकताओं और सुझावों को विशेष महत्व दिया जा रहा है, जिससे वास्तविक जरूरतों के अनुरूप योजनाओं का क्रियान्वयन हो सके।
मंत्री रावत ने कहा कि अजमेर शहर और आसपास के क्षेत्रों में पिछले कुछ समय से लगातार विकास कार्यों को गति दी गई है। सड़क निर्माण, जल निकासी व्यवस्था, सार्वजनिक सुविधाओं के विस्तार तथा अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विकास का उद्देश्य केवल वर्तमान आवश्यकताओं की पूर्ति करना नहीं है, बल्कि भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए मजबूत आधारभूत ढांचा तैयार करना भी है।
कार्यक्रम के दौरान क्षेत्रवासियों ने मंत्री का 51 किलो की विशाल माला पहनाकर और गदा भेंट कर सम्मान किया। इस अवसर पर मंत्री रावत ने कहा कि यह सम्मान उनके व्यक्तिगत जीवन का नहीं, बल्कि जनता और जनप्रतिनिधि के बीच मजबूत विश्वास और आत्मीय संबंध का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि जनता का यह स्नेह और विश्वास उन्हें और अधिक जिम्मेदारी के साथ कार्य करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने सभी नागरिकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विकास कार्यों में जनता का सहयोग और सुझाव हमेशा महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने कहा कि जनता द्वारा दिया गया विश्वास उनके लिए सबसे बड़ी पूंजी है और वे इस विश्वास पर हमेशा खरा उतरने का प्रयास करेंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य जारी रहेंगे तथा किसी भी क्षेत्र को विकास से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि का दायित्व केवल योजनाओं की घोषणा करना नहीं, बल्कि उन्हें समय पर धरातल पर उतारना और उनकी गुणवत्ता सुनिश्चित करना भी है।
मंत्री रावत ने कहा कि प्रदेश सरकार विकास कार्यों को पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप पूरे किए जाएं ताकि आमजन को लंबे समय तक उनका लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल बड़े शहरों तक विकास सीमित रखना नहीं है, बल्कि प्रत्येक वार्ड और प्रत्येक बस्ती तक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इसके लिए विभिन्न विभागों के माध्यम से लगातार योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में अजमेर क्षेत्र में और भी अनेक विकास परियोजनाएं पूरी होंगी, जिससे नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और क्षेत्र का समग्र विकास सुनिश्चित होगा।
कार्यक्रम में उपस्थित स्थानीय नागरिकों ने विकास कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि आधारभूत सुविधाओं के विस्तार से आम लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी सड़क, जल निकासी, पेयजल, स्वच्छता तथा अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़े कार्यों को इसी प्रकार प्राथमिकता मिलती रहेगी।
लोकार्पण समारोह के दौरान जनप्रतिनिधियों एवं स्थानीय लोगों ने सरकार द्वारा कराए जा रहे विकास कार्यों को जनहित में महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि ऐसे कार्यों से क्षेत्र की आधारभूत संरचना मजबूत होगी और नागरिकों के दैनिक जीवन में सकारात्मक बदलाव आएगा। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने विभिन्न विकास योजनाओं के लिए राज्य सरकार और जनप्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया।
समारोह में विभिन्न जनप्रतिनिधि, स्थानीय पार्षद, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता तथा बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में मंत्री सुरेश सिंह रावत ने सभी नागरिकों का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि विकास की यह यात्रा आगे भी इसी गति से जारी रहेगी और जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का संकल्प है कि प्रत्येक नागरिक तक विकास का लाभ पहुंचे और राजस्थान प्रगति के नए आयाम स्थापित करे।