जयपुर : राजस्थान विश्वविद्यालय के संस्कृत विभाग तथा पंचवर्षीय विधि महाविद्यालय द्वारा भारतीय ज्ञान परंपरा में विधि एवं न्याय की अवधारणा विषय पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का हुआ सफल समापन. तीसरे दिन 4 सत्रों में 100 शोध पत्रों का वाचन किया गया.
समापन समारोह के मुख्य अतिथि राजस्थान भाजपा के पूर्व अध्यक्ष तथा राजस्थान विश्वविद्यालय के छात्र रहे डॉ. सतीश पूनिया ने अपने वक्तव्य में राजस्थान विश्वविद्यालय से जुड़े अपने संस्मरण साझा करते हुए भारतीय संस्कृति तथा भारतीयता की अवधारणा में संस्कृत के स्थान पार टिप्पणी करते हुए विश्व पटल पर संस्कृत एवं भारतीय ज्ञान परम्परा को मिल रही पहचान पर प्रकाश डाला. डा. पूनिया ने भारतीय विधि तथा दंड प्रणाली की उत्कृष्टता को रेखांकित करते हुए भारतीय न्याय संहिता 2023 के महत्व को भी रेखांकित किया. समारोह में न्यू जर्सी अमेरिका के वेद विद्वान तथा चिकित्सा शास्त्री डा. रमेश गुप्ता ने वैदिक सभ्यता के इतिहास पर व्याख्यान देते हुए भारतीय सभ्यता और संस्कृत साहित्य के इतिहास पर महत्वपूर्ण प्रकाश डाला.
समारोह के विशिष्ठ अतिथि जगद्गुरु रामानंदाचार्य राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राम सेवक दुबे ने वेद को ब्रह्माण्ड भर का संविधान बताया. प्रो. दुबे ने भावी अधिवक्ताओं को शास्त्रों से उद्धरण देते हुए बताया कि किस प्रकार सत्य और शर्मा के पक्ष में तर्क तथा विधि का प्रयोग करना ही न्याय है.
समापन समारोह के सारस्वत अतिथि तथा भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय के भारतीय दार्शनिक अनुसंधान परिषद के सदस्य सचिव तथा प्रख्यात चिंतक प्रो. सच्चिदानंद मिस्र ने विशेष व्याख्यान प्रस्तुत किया. प्रो. मिस्र ने संविधान तथा दंडनीति के महत्व को रेखांकित करते हुए बताया कि विधि तथा संविधान के बिना मत्स्य न्याय तथा अराजकता की स्थिति हो जाएगी. प्रो. मिस्र ने कहा कि विद्वानों तथा नीति निर्माताओं का दायित्व है कि यह पहचान करें कि प्राचीन दंड प्रणाली के वे कौन से तत्व हैं जो वर्तमान न्याय व्यवस्था में लुप्त हो गए हैं.
भारतीय ज्ञान परंपरा एवं संस्कृति को सारे विश्व में मिल रही मान्यता : डा. सतीश पूनिया
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हिंदुस्तान स्काउट एंड गाइड ने मदन दिलावर से की भेंट, वार्षिक अधिवेशन पर चर्चा, पुस्तक विमोचन
हिंदुस्तान स्काउट एंड गाइड ने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर से की शिष्टाचार भेंट, वार्षिक अधिवेशन पर हुई चर्चा
हिंदुस्तान स्काउट एंड गाइड राजस्थान राज्य के पदाधिकारियों ने मंगलवार सुबह उदयपुर सर्किट हाउस में प्रदेश के शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर से शिष्टाचार भेंट की। इस मुलाकात के दौरान संगठन के राज्य, संभाग और जिला स्तर के अधिकारियों ने मंत्री का स्वागत-अभिनंदन किया और आगामी वार्षिक अधिवेशन को लेकर विस्तृत चर्चा की।
यह मुलाकात न केवल औपचारिक रही, बल्कि संगठनात्मक गतिविधियों और भविष्य की योजनाओं के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इस अवसर पर संगठन और शिक्षा विभाग के बीच बेहतर समन्वय को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया।
भव्य स्वागत और सम्मान समारोहउदयपुर सर्किट हाउस में आयोजित इस कार्यक्रम में संगठन के पदाधिकारियों ने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। संभाग मुख्यालय आयुक्त (जनसंपर्क) श्री गौरीकांत शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि मंत्री का मेवाड़ी परंपरा के अनुसार स्वागत किया गया।
राज्य सचिव नरेंद्र ऑदिच्य ने उन्हें मेवाड़ी पाग पहनाई, वहीं राज्य संगठन आयुक्त रिपूदमन गिल ने स्काउट स्कार्फ भेंट किया। अन्य पदाधिकारियों ने उपर्णा ओढ़ाकर एवं पुष्प गुच्छ देकर मंत्री का अभिनंदन किया। इस दौरान कार्यक्रम में मौजूद सभी सदस्यों ने गर्मजोशी के साथ मंत्री का स्वागत किया।
वार्षिक अधिवेशन को लेकर अहम चर्चाबैठक के दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने अप्रैल माह में आयोजित होने वाले वार्षिक अधिवेशन को लेकर विस्तृत चर्चा की। इस अधिवेशन में राज्यभर से स्काउट एवं गाइड सदस्य शामिल होंगे, जिसमें विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम, सांस्कृतिक गतिविधियां और संगठनात्मक बैठकों का आयोजन किया जाएगा।
मंत्री मदन दिलावर ने इस आयोजन को सफल बनाने के लिए हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन युवाओं में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करते हैं।
पुस्तक ‘अंतर्दृष्टि’ का हुआ विमोचनकार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण रहा असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. कविता सागर द्वारा लिखित पुस्तक ‘अंतर्दृष्टि: समाज और मन – समाजशास्त्र, दर्शन और मनोविज्ञान की संयुक्त यात्रा’ का विमोचन।
यह पुस्तक मानव जीवन को समझने के तीन प्रमुख आयाम—दर्शन, मनोविज्ञान और समाजशास्त्र—को एक साथ जोड़कर प्रस्तुत करती है। पुस्तक में कुल आठ अध्याय शामिल हैं, जिनमें मानव व्यवहार, सामाजिक संरचना और मानसिक प्रक्रियाओं का गहन विश्लेषण किया गया है।
मंत्री मदन दिलावर ने पुस्तक की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की रचनाएं समाज को समझने और नई पीढ़ी को सही दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने लेखिका के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए इसे शिक्षाविदों और विद्यार्थियों के लिए उपयोगी बताया।
शिक्षा और सामाजिक विकास पर जोरइस अवसर पर मंत्री ने शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक विकास पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्काउट एंड गाइड जैसे संगठन युवाओं में नेतृत्व क्षमता, अनुशासन और सेवा भावना विकसित करने में अहम भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र में सुधार और युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए लगातार प्रयासरत है। स्काउट एंड गाइड जैसे संगठनों को और अधिक सशक्त बनाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
कई अधिकारी और पदाधिकारी रहे मौजूदइस कार्यक्रम में कई प्रमुख पदाधिकारी और अधिकारी उपस्थित रहे। इनमें राज्य प्रशिक्षण आयुक्त प्रदीप मेघवाल, संभाग आयुक्त गोपाल मेहता मेनारिया, जिला सहायक राज्य संगठन आयुक्त शांता वैष्णव, जिला ट्रेनिंग कमिश्नर ईश्वरी रेगर, जिला मुख्यालय आयुक्त (रेंजर) डॉ. कविता सागर, राज्य मुख्यालय के पवन कुमार, भरतपुर के सहायक राज्य संगठन आयुक्त भरत लाल प्रजापत और जिला ऑर्गेनाइजर सुभाष सहित कई अन्य सदस्य शामिल रहे।
सभी ने मिलकर संगठन के विकास और आगामी योजनाओं पर चर्चा की और इसे और मजबूत बनाने के लिए अपने सुझाव दिए।
संगठन की भूमिका और महत्वहिंदुस्तान स्काउट एंड गाइड देश के प्रमुख युवा संगठनों में से एक है, जो बच्चों और युवाओं में अनुशासन, सेवा और नेतृत्व के गुण विकसित करता है। यह संगठन समाज सेवा, पर्यावरण संरक्षण और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में भी सक्रिय भूमिका निभाता है।
राजस्थान में भी यह संगठन तेजी से विस्तार कर रहा है और हजारों युवा इससे जुड़कर समाज सेवा में योगदान दे रहे हैं।
निष्कर्षउदयपुर में आयोजित यह शिष्टाचार भेंट कार्यक्रम संगठन और सरकार के बीच बेहतर समन्वय का प्रतीक रहा। वार्षिक अधिवेशन को लेकर हुई चर्चा और पुस्तक विमोचन जैसे कार्यक्रमों ने इसे और अधिक महत्वपूर्ण बना दिया।
मंत्री मदन दिलावर की मौजूदगी और उनके सकारात्मक दृष्टिकोण से यह स्पष्ट है कि सरकार युवाओं के विकास और शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। आने वाले समय में ऐसे आयोजन न केवल संगठन को मजबूती देंगे बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में भी सहायक साबित होंगे।
साइंस में 99.8%, आर्ट्स में 99.6% और कॉमर्स में 99.2% तक अंक, बेटियों का दबदबा कायम
राजस्थान: राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा जारी 12वीं बोर्ड परीक्षा 2026 के परिणामों के साथ ही टॉपर लिस्ट भी सामने आ गई है। इस वर्ष तीनों स्ट्रीम—साइंस, आर्ट्स और कॉमर्स—में छात्रों ने शानदार प्रदर्शन किया है। खास बात यह रही कि टॉपर्स में बड़ी संख्या में छात्राओं ने जगह बनाकर एक बार फिर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है।
साइंस स्ट्रीम टॉपर लिस्टसाइंस स्ट्रीम में इस वर्ष प्रीति ने 500 में से 499 अंक हासिल कर 99.8 प्रतिशत के साथ प्रदेश में टॉप किया। इसके अलावा कई विद्यार्थियों ने 99 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए।
प्रीति – 499 अंक – 99.8% प्राची – 498 अंक – 99.6% सुरेश कुमार – 498 अंक – 99.6% प्रियांशु बंसल – 497 अंक – 99.4% दिव्या मीणा – 497 अंक – 99.4% आर्यन यादव – 497 अंक – 99.4% कृतिका मटोलिया – 497 अंक – 99.4% रावल – 497 अंक – 99.4% शिवराज चौधरी – 496 अंक – 99.2% हिमांशु बागड़ी – 496 अंक – 99.2%साइंस स्ट्रीम में टॉपर्स के अंक यह दर्शाते हैं कि प्रतिस्पर्धा इस बार काफी कड़ी रही और छात्रों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
आर्ट्स स्ट्रीम टॉपर लिस्टआर्ट्स स्ट्रीम में भी कई विद्यार्थियों ने 99 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त कर शानदार प्रदर्शन किया।
नरपत – 498 अंक – 99.6% नव्या मीणा – 498 अंक – 99.6% नैन्सी चौधरी – 498 अंक – 99.6% रविना कुमारी – 497 अंक – 99.4% आरती मुंड – 497 अंक – 99.4% सुनीता चौधरी – 497 अंक – 99.4% तनिषा राठौड़ – 497 अंक – 99.4% आशुतोष – 497 अंक – 99.4% खुशी चौधरी – 497 अंक – 99.4% सवाई राम – 497 अंक – 99.4%आर्ट्स स्ट्रीम में टॉपर्स की संख्या अधिक रही, जिससे यह स्पष्ट होता है कि इस स्ट्रीम में छात्रों की भागीदारी और प्रदर्शन दोनों मजबूत रहे।
कॉमर्स स्ट्रीम टॉपर लिस्टकॉमर्स स्ट्रीम में भी विद्यार्थियों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया, जहां टॉप स्कोर 99.2 प्रतिशत तक रहा।
कंगना कौशलानी – 496 अंक – 99.2% काश्वी शर्मा – 495 अंक – 99% भूमिका वैष्णव – 492 अंक – 98.2% मुस्कान – 491 अंक – 98.2% ईशा जांगिड़ – 490 अंक – 98% हर्षिता – 490 अंक – 98% करीना बंसल – 490 अंक – 98% सुनील चौधरी – 490 अंक – 98% रोहित सांगार – 489 अंक – 97.8% विजय जसोटानी – 489 अंक – 97.8% बेटियों का फिर दबदबातीनों स्ट्रीम की टॉपर लिस्ट पर नजर डालें तो साफ है कि इस वर्ष भी छात्राओं का प्रदर्शन शानदार रहा। साइंस, आर्ट्स और कॉमर्स—हर स्ट्रीम में बेटियों ने टॉप रैंक हासिल कर यह साबित किया कि वे किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं।
निष्कर्षRBSE 12वीं परीक्षा 2026 की टॉपर लिस्ट इस बात का प्रमाण है कि इस वर्ष विद्यार्थियों ने कड़ी मेहनत और लगन के साथ परीक्षा दी। उच्च अंक प्राप्त करने वाले छात्रों ने न केवल अपने परिवार का बल्कि पूरे प्रदेश का नाम रोशन किया है। बेटियों का शानदार प्रदर्शन समाज के लिए प्रेरणादायक है और यह शिक्षा के क्षेत्र में बढ़ती जागरूकता को भी दर्शाता है।
जैसलमेर के 2 सरकारी स्कूलों में एक भी छात्र पास नहीं, 24 स्कूलों का रिजल्ट 50% से कम
राजस्थान के जैसलमेर जिले में 10वीं बोर्ड परीक्षा के परिणाम ने शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जिले के दो सरकारी स्कूलों में एक भी छात्र पास नहीं हुआ, जबकि 22 सरकारी और 2 निजी स्कूलों का परिणाम 50 प्रतिशत से भी कम रहा।
जानकारी के अनुसार, नाचना क्षेत्र के बाहला और पांचे का तला स्थित सरकारी स्कूलों में एक भी विद्यार्थी परीक्षा में सफल नहीं हो सका। यह स्थिति न केवल चिंताजनक है, बल्कि ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था की वास्तविक तस्वीर भी सामने लाती है।
रिजल्ट का आंकड़ाजिले में जहां एक ओर 172 सरकारी स्कूलों ने 100 प्रतिशत परिणाम हासिल किया, वहीं दूसरी ओर कई स्कूलों का प्रदर्शन बेहद कमजोर रहा। इससे शिक्षा विभाग के सामने गुणवत्ता सुधार की चुनौती खड़ी हो गई है।
शिक्षकों की कमी बनी बड़ी वजहभुर्जगढ़ के प्रधानाचार्य गणपतराम ने बताया कि गणित और विज्ञान जैसे महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षकों की कमी के कारण छात्रों को पर्याप्त मार्गदर्शन नहीं मिल पाया। उन्होंने कहा कि सप्लीमेंट्री आए छात्रों की कॉपियों की दोबारा जांच करवाई जाएगी और आगे सुधार के प्रयास किए जाएंगे।
उन्होंने जानकारी दी कि स्कूल में 19 स्वीकृत पदों में से 7 पद खाली हैं। कई विषयों जैसे गणित, विज्ञान, संस्कृत और अंग्रेजी के शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं, जिससे पढ़ाई प्रभावित हुई।
वहीं प्रभुपुरा गांव के हायर सेकेंडरी स्कूल के प्रधानाचार्य सुभाष चौधरी ने बताया कि उनके स्कूल में 21 पद स्वीकृत हैं, लेकिन केवल 7 शिक्षक ही कार्यरत हैं और 14 पद खाली हैं। वरिष्ठ शिक्षकों की कमी भी परिणाम पर असर डाल रही है।
जनप्रतिनिधियों ने उठाए सवालभुर्जगढ़ के सरपंच प्रतिनिधि जसवंतसिंह जोधा ने कहा कि सरकार विभिन्न योजनाओं पर खर्च तो कर रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर शिक्षकों की कमी के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि खराब परिणाम शिक्षा व्यवस्था की असल स्थिति को उजागर कर रहे हैं।
निष्कर्ष:जैसलमेर में सामने आए ये आंकड़े स्पष्ट करते हैं कि केवल योजनाएं बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि शिक्षकों की उपलब्धता और शिक्षा की गुणवत्ता पर भी ध्यान देना जरूरी है। यदि समय रहते सुधार नहीं किया गया, तो भविष्य में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
जयपुर में हरिदेव जोशी पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह सम्पन्न, पत्रकारिता में सत्य और मूल्यों पर जोर
दीक्षांत समारोह में पत्रकारिता मूल्यों पर जोर, विद्यार्थियों को ज्ञान परंपरा से जुड़ने का आह्वान
हरिदेव जोशी पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय का तृतीय दीक्षांत समारोह सम्पन्न
जयपुर | 25 मार्च 2026
राज्यपाल एवं कुलाधिपति हरिभाऊ बागडे ने कहा कि पत्रकारिता और जनसंचार से जुड़े विद्यार्थियों को भारतीय ज्ञान परंपरा और पत्रकारिता के गौरवशाली इतिहास से जुड़ना चाहिए। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि पत्रकारिता में केवल समाचार ही नहीं, बल्कि विचार-संस्कृति का भी विकास होना आवश्यक है।
उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में पत्रकारिता की महत्वपूर्ण भूमिका को याद करते हुए गणेश शंकर विद्यार्थी, विजय सिंह पथिक, कर्पूर चंद्र कुलिश और बिशन सिंह शेखावत का स्मरण किया।
राज्यपाल ने कहा कि प्रेस की स्वतंत्रता आवश्यक है, लेकिन स्वतंत्रता का अर्थ स्वच्छंदता नहीं होना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को सत्य, धर्म और विनम्रता के साथ समाज के कल्याण हेतु कार्य करने की प्रेरणा दी।
भारतीय संस्कृति और नैतिक मूल्यों पर जोरराज्यपाल ने रामायण और महाभारत जैसे ग्रंथों का उल्लेख करते हुए कहा कि ये आज भी हमें नैतिकता और जीवन मूल्यों की शिक्षा देते हैं।
मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथि के विचारकार्यक्रम में वासुदेव देवनानी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह केवल डिग्री प्राप्ति का अवसर नहीं, बल्कि जिम्मेदारी की नई शुरुआत है। उन्होंने 1975 का आपातकाल का उल्लेख करते हुए अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के महत्व पर प्रकाश डाला।
वहीं उपमुख्यमंत्री एवं उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि आज के डिजिटल युग में फेक न्यूज एक बड़ी चुनौती बन चुकी है। ऐसे में पत्रकारों को “सबसे पहले” नहीं बल्कि “सबसे सही” बनने का प्रयास करना चाहिए।
विद्यार्थियों को उपाधियां और सम्मानदीक्षांत समारोह में वर्ष 2024 और 2025 के कुल 271 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं।
269 स्नातक एवं स्नातकोत्तर 2 शोधार्थियों को पीएचडी 12 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक 35 विद्यार्थियों को वरीयता प्रमाण पत्र विश्वविद्यालय की उपलब्धियांकुलगुरु प्रो. नन्द किशोर पाण्डेय ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए बताया कि विश्वविद्यालय मीडिया एवं जनसंचार के क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण और व्यावहारिक शिक्षा प्रदान करने के लिए लगातार प्रयासरत है।
राजस्थान बोर्ड 10वीं रिजल्ट 2026 जारी, 94.23% छात्र पास, पहली बार 12वीं से पहले आया परिणाम
अजमेर : राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने मंगलवार को 10वीं बोर्ड का रिजल्ट जारी कर दिया।
इस बार कुल परिणाम 94.23 प्रतिशत रहा, जो पिछले साल के 93.06 प्रतिशत से 1.17 प्रतिशत अधिक है। खास बात यह रही कि पहली बार 10वीं का रिजल्ट 12वीं से पहले जारी किया गया है।
रिजल्ट की घोषणा अजमेर स्थित बोर्ड ऑफिस से शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने दोपहर करीब 1 बजे की। इस दौरान बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
इस साल भी लड़कियों ने बेहतर प्रदर्शन किया। लड़कियों का पास प्रतिशत 94.90 रहा, जबकि लड़कों का परिणाम 93.63 प्रतिशत दर्ज किया गया।
रिजल्ट जारी होते ही बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर भारी ट्रैफिक के चलते तकनीकी दिक्कतें सामने आईं। कई छात्र-छात्राएं अपना रिजल्ट नहीं देख पाए, हालांकि कुछ प्राइवेट वेबसाइट्स पर परिणाम उपलब्ध रहे।
बोर्ड इतिहास में यह पहला मौका है जब मार्च महीने में ही 10वीं का रिजल्ट घोषित किया गया है। राज्य सरकार के निर्देशानुसार 1 अप्रैल से नया शैक्षणिक सत्र शुरू होना है, इसी वजह से इस बार रिजल्ट प्रक्रिया को तेजी से पूरा किया गया।
इस साल 10वीं बोर्ड परीक्षा 12 फरवरी से शुरू हुई थी। करीब 10 लाख 68 हजार से अधिक छात्रों ने परीक्षा दी थी। इनमें बड़ी संख्या में छात्रों ने फर्स्ट डिवीजन हासिल की, जबकि सेकेंड और थर्ड डिवीजन में भी लाखों छात्र पास हुए।
टॉप प्रदर्शन की बात करें तो जयपुर के छात्र मोहित गंगवाल ने 98.17 प्रतिशत अंक हासिल किए और गणित में 100 में से 100 नंबर प्राप्त किए। वहीं झालावाड़ की कनिका शर्मा ने 99 प्रतिशत अंक हासिल कर शानदार प्रदर्शन किया। बाड़मेर की गुंजन चौधरी को भी 98.67 प्रतिशत अंक मिले, जिसमें 5 विषयों में 99-99 अंक शामिल हैं।
बोर्ड ने अगले साल से बड़ा बदलाव करने की घोषणा भी की है। 2027 से 10वीं बोर्ड परीक्षा साल में दो बार आयोजित की जाएगी। इसमें “बेस्ट ऑफ टू अटेम्प्ट” का फॉर्मूला लागू होगा, जिससे छात्र अपने बेहतर अंकों को चुन सकेंगे।
वहीं, 12वीं बोर्ड के रिजल्ट को लेकर भी अपडेट सामने आया है। शिक्षा मंत्री के अनुसार 12वीं का रिजल्ट 31 मार्च तक जारी किया जा सकता है।
निष्कर्ष: इस बार का 10वीं रिजल्ट न सिर्फ बेहतर प्रतिशत के लिए, बल्कि समय से पहले घोषित होने और नई परीक्षा प्रणाली की घोषणा के कारण भी खास माना जा रहा है।