टीबी मुक्त भारत अभियान को बढ़ावा

जयपुर से राज्यपाल हरिभाऊ बागडे जुड़े, टीबी मुक्त भारत अभियान के राष्ट्रीय कार्यक्रम में शहरी वार्ड पहल लॉन्च

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टीबी मुक्त भारत अभियान को नई गति, राज्यपाल हरिभाऊ बागडे राष्ट्रीय कार्यक्रम में ऑनलाइन जुड़े

जयपुर : विश्व टीबी दिवस के अवसर पर देशभर में टीबी उन्मूलन को लेकर जागरूकता और प्रयासों को नई दिशा दी जा रही है। इसी क्रम में राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे मंगलवार को लोक भवन, जयपुर से ‘टीबी मुक्त भारत अभियान’ के राष्ट्रीय कार्यक्रम में ऑनलाइन शामिल हुए। यह कार्यक्रम नोएडा में आयोजित किया गया, जिसमें देशभर के स्वास्थ्य अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया।

इस राष्ट्रीय कार्यक्रम का आयोजन स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा किया गया था। कार्यक्रम की अध्यक्षता केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने की। इस दौरान टीबी उन्मूलन को गति देने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण पहल शुरू की गईं।

कार्यक्रम में ‘टीबी मुक्त भारत अभियान’ के तहत 100 दिनों के सघन टीबी उन्मूलन अभियान को हरी झंडी दिखाई गई। इसके साथ ही ‘टीबी मुक्त भारत ऐप’ और ‘टीबी मुक्त शहरी वार्ड पहल’ का भी औपचारिक शुभारंभ किया गया। इन पहलों का उद्देश्य टीबी रोग की समय पर पहचान, उपचार और निगरानी को मजबूत बनाना है, ताकि देश को टीबी मुक्त बनाने के लक्ष्य को जल्द हासिल किया जा सके।

राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने इस अवसर पर कहा कि टीबी उन्मूलन केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए समाज के हर वर्ग की भागीदारी जरूरी है। उन्होंने विशेष रूप से ‘टीबी मुक्त शहरी वार्ड पहल’ की सराहना करते हुए कहा कि इससे शहरी क्षेत्रों में सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर बीमारी की रोकथाम में मदद मिलेगी।

उन्होंने यह भी कहा कि टीबी जैसी संक्रामक बीमारी के खिलाफ लड़ाई में जागरूकता, समय पर जांच और नियमित उपचार बेहद जरूरी हैं। सरकार द्वारा शुरू की गई नई डिजिटल और सामुदायिक पहलें इस दिशा में अहम भूमिका निभाएंगी।

कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने बताया कि भारत सरकार टीबी उन्मूलन के लिए लगातार नई रणनीतियों और तकनीकों को अपनाने पर जोर दे रही है। ‘टीबी मुक्त भारत ऐप’ के जरिए मरीजों की ट्रैकिंग, दवा वितरण और उपचार की निगरानी को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।

गौरतलब है कि भारत सरकार ने वर्ष 2025 तक देश को टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक अभियान चलाए जा रहे हैं, जिनमें जनभागीदारी को विशेष महत्व दिया जा रहा है।

इस पहल के माध्यम से सरकार का उद्देश्य न केवल टीबी के मामलों को कम करना है, बल्कि लोगों में इस बीमारी के प्रति जागरूकता बढ़ाना और समय पर इलाज सुनिश्चित करना भी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सामुदायिक सहयोग और सरकारी प्रयास इसी तरह जारी रहे, तो आने वाले वर्षों में भारत टीबी मुक्त राष्ट्र बनने की दिशा में बड़ी सफलता हासिल कर सकता है।

Golden Hind Desk