United States और Iran के बीच बढ़ते तनाव के बीच जंग की आशंकाएं तेज हो गई हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका ने ‘डुअल ट्रैक स्ट्रैटजी’ अपनाई है—एक तरफ कूटनीतिक बातचीत और दूसरी ओर संभावित सैन्य कार्रवाई की तैयारी।
डुअल ट्रैक स्ट्रैटजी क्या है?
अमेरिका एक साथ दो मोर्चों पर काम कर रहा है—
- बातचीत के जरिए तनाव कम करने की कोशिश
- ‘फाइनल ब्लो’ के लिए सैन्य तैयारी
हालांकि Donald Trump ने अभी तक जमीनी हमले को मंजूरी नहीं दी है।
मिडिल ईस्ट में बढ़ी सैन्य तैनाती
अमेरिका की 31वीं मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट के करीब 3500 सैनिक मिडिल ईस्ट में तैनात किए गए हैं। इसके अलावा—
- फाइटर जेट्स
- ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट
- नौसैनिक बेड़े
- टैंक और अतिरिक्त सैनिक
भी भेजने की तैयारी है।
3 संभावित ग्राउंड टारगेट
विश्लेषकों के अनुसार, United States फुल स्केल वॉर के बजाय सीमित जमीनी हमले कर सकता है। इसके लिए 3 प्रमुख टारगेट चुने जा सकते हैं—
- सामरिक सैन्य ठिकाने
- परमाणु और मिसाइल इंफ्रास्ट्रक्चर
- संवेदनशील कमांड सेंटर
ईरान की किलेबंदी और चेतावनी
Iran ने भी अपनी रक्षा तैयारियां तेज कर दी हैं। ईरानी मीडिया ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिकी सैनिक जमीन पर उतरे, तो उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।
ईरान अपने—
- मिसाइल सिस्टम
- अंडरग्राउंड बेस
- डिफेंस नेटवर्क
को मजबूत कर रहा है।
मिडिल ईस्ट पर संभावित असर
इस संभावित संघर्ष का असर पूरे मिडिल ईस्ट क्षेत्र पर पड़ सकता है।
- तेल सप्लाई प्रभावित हो सकती है
- वैश्विक बाजारों में अस्थिरता बढ़ सकती है
- क्षेत्रीय संघर्ष और गहरा सकता है
अभी क्या स्थिति है?
फिलहाल अमेरिका ने अंतिम निर्णय नहीं लिया है, लेकिन सैन्य तैयारियां इस ओर इशारा करती हैं कि हालात किसी भी समय गंभीर मोड़ ले सकते हैं।
Golden Hind Desk