जयपुर जिला प्रशासन द्वारा चलाया जा रहा ‘रास्ता खोलो अभियान’ सुशासन की नई पहचान बनता जा रहा है। मुख्यमंत्री Bhajanlal Sharma की प्रेरणा से शुरू इस पहल के तहत 17 महीनों से भी कम समय में 1800 से अधिक अवरुद्ध रास्तों को खोला जा चुका है, जिससे लाखों ग्रामीणों को सीधा लाभ मिला है।
लसाड़िया बना बदलाव का उदाहरण
जयपुर जिले की लसाड़िया पंचायत में इस अभियान का प्रभाव स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। पहले गडूड़ा से चकवाड़ा तक 17 किलोमीटर का लंबा सफर करना पड़ता था, जो अब घटकर महज 7 किलोमीटर रह गया है।
इससे ग्रामीणों का समय और खर्च दोनों बचे हैं, साथ ही किसानों, विद्यार्थियों और आमजन को बड़ी राहत मिली है।
हर सप्ताह खुल रहे रास्ते
जिला कलक्टर Jitendra Kumar Soni के निर्देशन में यह अभियान लगातार आगे बढ़ रहा है।
- अब तक 1802 रास्ते खोले गए
- हर तहसील में हर सप्ताह कम से कम 3 रास्ते खोलने का लक्ष्य
- सहमति और समझाइश के जरिए विवादों का समाधान
फागी तहसील सबसे आगे
अभियान के तहत—
- फागी: 154 रास्ते (प्रथम स्थान)
- मौजमाबाद: 135
- चौमूं: 109
- शाहपुरा: 106
- चाकसू: 100
- फुलेरा: 99
- जमवारामगढ़: 96
- आमेर: 94
- दूदू: 92
- रामपुरा डाबड़ी: 91
- माधोराजपुरा: 86
- बस्सी: 85
- जोबनेर: 84
- जालसू: 79
- कोटखावदा: 78
- किशनगढ़: 77
- तुंगा: 61
- सांगानेर: 39
- कालवाड़: 10
- जयपुर तहसील: 5
ग्रामीण जीवन में आया बड़ा बदलाव
इस अभियान से—
- किसानों को खेतों तक पहुंच आसान
- उपज बाजार तक ले जाना सुगम
- छात्रों की स्कूल दूरी कम
- आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं तेजी से उपलब्ध
सामाजिक सौहार्द भी हुआ मजबूत
यह अभियान केवल रास्ते खोलने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि वर्षों पुराने विवादों को खत्म कर सामाजिक सौहार्द और आपसी विश्वास को भी मजबूत किया है।
सुशासन की नई मिसाल
जयपुर का ‘रास्ता खोलो अभियान’ आज ग्रामीण क्षेत्रों में राहत, विश्वास और विकास का प्रतीक बन चुका है। यह पहल दिखाती है कि सही नीयत और निरंतर प्रयास से प्रशासन आमजन के जीवन में वास्तविक बदलाव ला सकता है।
Golden Hind Desk