राजस्थान के पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने उदयपुर प्रवास के दौरान मंगलवार को पंचायती राज विभाग की संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक लेकर अधिकारियों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सख्त निर्देश दिए।
जिला परिषद सभागार में आयोजित इस बैठक में विभाग की प्रमुख योजनाओं की प्रगति का गहन मूल्यांकन किया गया और अधिकारियों को जमीनी स्तर पर सक्रिय रहते हुए कार्य करने पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक के दौरान मंत्री ने स्पष्ट कहा कि किसी भी योजना की सफलता तभी संभव है, जब अधिकारी फील्ड में सक्रिय रहकर वास्तविक स्थिति का आकलन करें। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा के अनुरूप योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
योजनाओं की प्रगति पर गहन समीक्षा
बैठक में मंत्री ने कई महत्वपूर्ण योजनाओं की समीक्षा की, जिनमें स्वच्छ भारत अभियान (ग्रामीण), अन्नपूर्णा रसोई योजना, अटल ज्ञान केंद्र, प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वामित्व योजना और मुख्यमंत्री जन स्वावलंबन अभियान शामिल रहे। उन्होंने अधिकारियों से योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट ली और जहां-जहां कमियां पाई गईं, वहां सुधार के निर्देश दिए।
मंत्री ने कहा कि योजनाओं का वास्तविक प्रभाव तभी दिखाई देगा, जब उनका क्रियान्वयन पूरी पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि पात्र लोगों को समय पर लाभ मिले और कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति वंचित न रहे।
रात्रि विश्राम को लेकर सख्त निर्देश
बैठक का सबसे अहम बिंदु अधिकारियों के लिए रात्रि विश्राम को लेकर दिए गए निर्देश रहे। मंत्री ने कहा कि अधिकारी हर महीने कम से कम चार बार गांवों में रात्रि विश्राम करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि शाम 6 बजे से सुबह 6 बजे तक गांव में रहकर ही ग्रामीण जीवन की वास्तविक स्थिति को समझा जा सकता है।
उन्होंने कहा कि इस दौरान अधिकारियों को ग्रामीणों से संवाद करना चाहिए और उनकी समस्याओं का मौके पर ही समाधान करने का प्रयास करना चाहिए। इससे प्रशासन और आमजन के बीच विश्वास भी मजबूत होगा।
अतिक्रमण हटाने के निर्देश
मंत्री दिलावर ने गांवों में सार्वजनिक स्थलों पर हो रहे अतिक्रमण को गंभीरता से लेते हुए इसे हटाने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्मशान भूमि, खेल मैदान, तालाब और सार्वजनिक रास्तों पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने अधिकारियों को बिना किसी दबाव में आए नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए, ताकि सार्वजनिक संसाधनों का संरक्षण किया जा सके और आमजन को सुविधाएं मिल सकें।
सफाई व्यवस्था और कचरा प्रबंधन पर जोर
बैठक में गांवों की सफाई व्यवस्था और कचरा प्रबंधन को लेकर भी विशेष चर्चा की गई। मंत्री ने निर्देश दिए कि कचरा संग्रहण की व्यवस्था व्यवस्थित हो और कचरे की छंटनी (सेग्रिगेशन) पर विशेष ध्यान दिया जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि सफाई कार्य में लगे कर्मचारियों को उचित पारिश्रमिक दिया जाए, जिससे वे बेहतर तरीके से अपना कार्य कर सकें। साथ ही सभी सरकारी कार्यालयों को पॉलीथीन मुक्त बनाने पर भी जोर दिया गया।
भूमिहीन परिवारों को प्राथमिकता
मंत्री ने विमुक्त, घुमंतू और अर्ध-घुमंतू समुदायों के भूमिहीन परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर पट्टा या भू-आवंटन देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन वर्गों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए ठोस कदम उठाना बेहद जरूरी है।
जवाबदेही तय करने पर जोर
बैठक में मंत्री ने अधिकारियों की जवाबदेही तय करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक योजना की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और निर्धारित समयसीमा में लक्ष्य हासिल किया जाए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनसुनवाई में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें और आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान करें। साथ ही ग्राम पंचायत और ब्लॉक स्तर पर बैठकों का नियमित आयोजन सुनिश्चित किया जाए।
प्रवेश उत्सव पोस्टर का विमोचन
बैठक के अंत में मंत्री मदन दिलावर ने संस्कृत शिक्षा विभाग के प्रवेश उत्सव अभियान के पोस्टर का विमोचन भी किया। इस पोस्टर में विद्यालयों में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी दी गई है।
इस अवसर पर उदयपुर देहात विधायक फूलचंद मीणा, विधायक ताराचंद जैन, फूलसिंह मीणा सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।
अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी
बैठक में संभाग के सभी जिलों के जिला परिषद सीईओ, एसीईओ, बीडीओ और सहायक अभियंता सहित बड़ी संख्या में अधिकारी मौजूद रहे। सभी ने योजनाओं के क्रियान्वयन को बेहतर बनाने के लिए अपने सुझाव भी प्रस्तुत किए।
निष्कर्ष
उदयपुर में आयोजित यह समीक्षा बैठक ग्रामीण विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है। मंत्री मदन दिलावर द्वारा दिए गए निर्देशों से यह स्पष्ट है कि सरकार जमीनी स्तर पर कार्यों की निगरानी और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए गंभीर है।
यदि अधिकारी इन निर्देशों का पालन करते हैं, तो निश्चित रूप से प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की गति तेज होगी और आमजन को योजनाओं का अधिकतम लाभ मिल सकेगा।
Golden Hind Desk