राजस्थान विधानसभा का गौरवशाली इतिहास, नई दैनंदिनी में दिखे लोकतंत्र के ऐतिहासिक पल
जयपुर : राजस्थान विधानसभा का गौरवशाली इतिहास अब नई विधानसभा दैनंदिनी (डायरी) में देखने को मिलेगा। विधानसभा अध्यक्ष Vasudev Devnani के नवाचारों के तहत तैयार की गई इस विशेष दैनंदिनी में वर्ष 1952 से लेकर वर्तमान तक के ऐतिहासिक चित्र, राजनीतिक घटनाएं और लोकतांत्रिक विरासत को संजोया गया है। खास बात यह है कि यह डायरी अंग्रेजी नववर्ष की बजाय भारतीय नव संवत्सर के अनुसार शुरू की गई है। इसी कारण इसका पहला पृष्ठ 1 जनवरी नहीं बल्कि चैत्र शुक्ल एकम यानी 19 मार्च से आरंभ किया गया है।
राजस्थान विधानसभा का नया LOGO भी जल्द सामने आने वाला है। इसके साथ ही विधानसभा के इतिहास को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से यह विशेष दैनंदिनी तैयार की गई है। इसमें कई दुर्लभ और कम चर्चित ऐतिहासिक घटनाओं को शामिल किया गया है।
दैनंदिनी में वर्ष 1961 की उस अनोखी घटना का उल्लेख भी किया गया है, जब तत्कालीन राज्यपाल सरदार गुरुमुख निहाल सिंह स्वास्थ्य कारणों से विधानसभा में अभिभाषण नहीं पढ़ पाए थे। उन्होंने अपना संबोधन विधानसभा की बजाय राजभवन में दिया था। वहीं वर्ष 1956 में विधानसभा में उनके अभिभाषण का दुर्लभ चित्र भी प्रकाशित किया गया है।
डायरी का पहला ऐतिहासिक चित्र वर्ष 1952 से जुड़ा है, जब सरदार वल्लभभाई पटेल ने जयपुर नरेश सवाई मानसिंह द्वितीय को राजप्रमुख की शपथ दिलाई थी। यह तस्वीर राजस्थान के एकीकरण और लोकतांत्रिक व्यवस्था की स्थापना का प्रतीक मानी जाती है।
इसके अलावा पूर्व प्रधानमंत्री Jawaharlal Nehru द्वारा वर्ष 1952 में पुरानी विधानसभा में विधायकों को संबोधित करने की तस्वीर को भी शामिल किया गया है। वहीं वर्ष 2023 में राष्ट्रपति Droupadi Murmu के राजस्थान विधानसभा संबोधन की तस्वीर भी दैनंदिनी में प्रमुखता से प्रकाशित की गई है।
राजस्थान विधानसभा की कार्यवाही वर्ष 1952 से 2000 तक जयपुर के टाउन हॉल में संचालित होती रही। नई दैनंदिनी में पुरानी विधानसभा भवन की तस्वीरों को भी स्थान दिया गया है। यह भवन राजस्थान की राजनीति के कई महत्वपूर्ण दौरों का साक्षी रहा है।
वर्तमान विधानसभा भवन के निर्माण से जुड़े ऐतिहासिक पलों को भी दैनंदिनी में शामिल किया गया है। वर्ष 1994 में तत्कालीन मुख्यमंत्री Bhairon Singh Shekhawat और विधानसभा अध्यक्ष हरिशंकर भाभड़ा द्वारा नए भवन के शिलान्यास की तस्वीर प्रकाशित की गई है। वहीं वर्ष 2001 में तत्कालीन राष्ट्रपति के.आर. नारायणन द्वारा विधानसभा भवन के लोकार्पण की तस्वीर को भी स्थान दिया गया है। उस समय राज्य के मुख्यमंत्री Ashok Gehlot थे।
महिला सशक्तिकरण से जुड़े ऐतिहासिक क्षणों को भी दैनंदिनी में विशेष स्थान मिला है। इसमें राज्यपाल प्रतिमा पाटिल, विधानसभा अध्यक्ष सुमित्रा सिंह और पूर्व मुख्यमंत्री Vasundhara Raje की एक साथ मौजूदगी वाली तस्वीर प्रमुख आकर्षण बनी हुई है।
दैनंदिनी में पूर्व प्रधानमंत्री Atal Bihari Vajpayee से जुड़ी यादों को भी शामिल किया गया है। वर्ष 1991 में विधानसभा सदस्यों के प्रबोधन कार्यक्रम में अटल बिहारी वाजपेयी मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए थे।
इसके अलावा विधानसभा की त्रैमासिक पत्रिका “विधान बोधिनी” के विमोचन से जुड़े चित्र, विधानसभा के कारपेट का रंग ग्रीन से पिंक करने जैसे नवाचार और वर्तमान मुख्यमंत्री Bhajan Lal Sharma के शपथ ग्रहण समारोह की तस्वीरों को भी दैनंदिनी में जगह दी गई है।
नई दैनंदिनी में राजस्थान के राज्यपालों, मुख्यमंत्रियों, विधानसभा अध्यक्षों और नेता प्रतिपक्षों की ऐतिहासिक श्रृंखला भी प्रकाशित की गई है। इसमें हीरालाल शास्त्री से लेकर भजनलाल शर्मा तक, नरोत्तम लाल जोशी से लेकर वासुदेव देवनानी तक और जसवंत सिंह से लेकर टीकाराम जूली तक के राजनीतिक सफर को दर्शाया गया है।
राजस्थान विधानसभा की यह नई दैनंदिनी केवल एक दस्तावेज नहीं बल्कि लोकतंत्र, संस्कृति और राजनीतिक विरासत का जीवंत इतिहास बनकर सामने आई है।
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