पदोन्नति आसान, सचिवालय में 149 नए पद

कर्मचारी हित में बड़ा फैसला: पदोन्नति आसान, सचिवालय में 149 नए पदों को मंजूरी

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 मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं को संवेदनशीलता, पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ लागू करने से ही सुशासन स्थापित होता है। इसके लिए सक्षम, प्रेरित और संतुष्ट कर्मचारी व्यवस्था सबसे महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने कर्मचारी हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पदोन्नति प्रक्रिया को सरल बनाया है और सचिवालय की प्रशासनिक क्षमता मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं।

राजस्थान सचिवालय सेवा अधिकारी एवं सचिवालय कर्मचारी संघ द्वारा आयोजित अभिनंदन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2024-25, 2025-26 और 2026-27 के लिए पदोन्नति हेतु निर्धारित अनुभव में दो वर्ष की छूट दी गई है। जिन कर्मचारियों ने पिछले तीन वर्षों में इस छूट का लाभ नहीं लिया है, उन्हें इसका फायदा मिलेगा। इस निर्णय से हजारों कर्मचारियों को समय पर पदोन्नति का अवसर मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा 20 लाख रुपये से बढ़ाकर 25 लाख रुपये कर दी है। साथ ही, 30 जून को सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को नोशनल वेतन वृद्धि के अनुरूप पेंशन, 70 वर्ष की आयु पूरी करने वाले पेंशनरों को अतिरिक्त पेंशन भत्ता तथा कर्मचारी की मृत्यु पर 10 वर्ष तक बढ़ी हुई पारिवारिक पेंशन का प्रावधान किया गया है। आरजीएचएस के तहत कर्मचारियों को माता-पिता या सास-ससुर में से किसी एक को योजना में शामिल करने का विकल्प भी दिया गया है।

उन्होंने कहा कि वेतनमान से जुड़े विषयों के अध्ययन के लिए उच्च स्तरीय समिति गठित की जाएगी, जो आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों का भी अध्ययन करेगी। महिला सशक्तीकरण के तहत अनुकंपा नियुक्ति में पुत्रवधू को शामिल करने, एकल महिला कर्मचारियों के लिए चाइल्ड केयर लीव छह चरणों में देने और 'मुख्यमंत्री शिशु-वात्सल्य सदन' स्थापित करने जैसे फैसले भी लिए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि सचिवालय की कार्यकुशलता बढ़ाने के लिए 15 सहायक शासन सचिव, 67 सहायक अनुभाग अधिकारी और 67 लिपिक ग्रेड प्रथम सहित कुल 149 नए पद सृजित किए गए हैं। इससे प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत होगी, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और विभागीय पदोन्नति का मार्ग आसान होगा।

उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से नई तकनीक, ई-गवर्नेंस और पेपरलेस व्यवस्था को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि सभी कर्मचारी अपनी कार्यकुशलता और सेवा भावना से राजस्थान को सुशासन के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने में योगदान दें।

कार्यक्रम में राजस्थान सचिवालय सेवा अधिकारी संघ के अध्यक्ष अभिमन्यु शर्मा, राजस्थान सचिवालय कर्मचारी संघ के अध्यक्ष कजोड़मल मीणा सहित बड़ी संख्या में अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।