रामेश्वरम के लिए दूसरी तीर्थ यात्रा ट्रेन रवाना

वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना 2026: जयपुर से रामेश्वरम के लिए दूसरी विशेष ट्रेन रवाना

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वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना-2026: जयपुर से रामेश्वरम के लिए दूसरी विशेष ट्रेन रवाना, 970 बुजुर्ग करेंगे पावन दर्शन

राजस्थान सरकार की वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना-2026 के तहत मंगलवार को जयपुर के ढेहर का बालाजी रेलवे स्टेशन से रामेश्वरम के लिए दूसरी विशेष ट्रेन रवाना हुई। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में संचालित इस योजना के अंतर्गत प्रदेश के वरिष्ठ नागरिकों को देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों की यात्रा कराई जा रही है। विशेष ट्रेन को उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी और देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ट्रेन के प्रस्थान के दौरान स्टेशन परिसर 'जय श्री राम' और 'हर-हर महादेव' के जयघोष से गूंज उठा।

इस विशेष ट्रेन के माध्यम से जयपुर संभाग के 970 वरिष्ठ नागरिक रामेश्वरम और मदुरई के दर्शन के लिए रवाना हुए हैं। यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं के लिए ट्रेन में प्रभारी, अनुदेशक, चिकित्सा दल और अन्य कर्मचारियों सहित 30 अधिकारियों-कर्मचारियों की टीम भी साथ भेजी गई है। इस प्रकार कुल 1,000 लोग इस विशेष यात्रा का हिस्सा बने हैं।

बुजुर्गों की आस्था को मिला सम्मान

राजस्थान सरकार का कहना है कि वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और इच्छुक बुजुर्गों को देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन का अवसर उपलब्ध कराना है। योजना के माध्यम से उन वरिष्ठ नागरिकों के वर्षों पुराने धार्मिक सपनों को साकार करने का प्रयास किया जा रहा है, जो स्वयं ऐसी यात्राएं करने में सक्षम नहीं हैं।

यात्रा के शुभारंभ के अवसर पर उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी और देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत ने यात्रियों का अभिवादन करते हुए उनकी सुखद, सुरक्षित और मंगलमय यात्रा की कामना की। स्टेशन पर मौजूद तीर्थयात्रियों और उनके परिजनों में विशेष उत्साह देखने को मिला।

सबसे अधिक यात्री दौसा जिले से

देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत ने बताया कि इस विशेष ट्रेन में सबसे अधिक 528 तीर्थयात्री दौसा जिले से शामिल हुए हैं। इसके अलावा खैरथल-तिजारा जिले से 316 तथा जयपुर जिले से 126 वरिष्ठ नागरिक इस यात्रा का लाभ उठा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान और उनकी धार्मिक आस्था के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है। सरकार का प्रयास है कि बुजुर्गों को यात्रा के दौरान किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़े। इसी उद्देश्य से भोजन, आवास, चिकित्सा, सुरक्षा और परिवहन की व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं।

यात्रा के दौरान रहेंगी विशेष सुविधाएं

यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ट्रेन में चिकित्सा दल, यात्रा प्रभारी और सहयोगी स्टाफ की नियुक्ति की गई है। यात्रा के दौरान आवश्यक दवाइयों, प्राथमिक उपचार, भोजन, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।

देवस्थान विभाग के अधिकारियों के अनुसार प्रत्येक यात्री की सुरक्षा और स्वास्थ्य की लगातार निगरानी की जाएगी ताकि यात्रा पूरी तरह सुरक्षित और आरामदायक रहे।

ऐसा रहेगा आठ दिवसीय यात्रा कार्यक्रम

यह विशेष ट्रेन दक्षिण भारत के प्रमुख धार्मिक स्थलों की यात्रा कराएगी। यात्रा कार्यक्रम के अनुसार ट्रेन 6 अगस्त को रामेश्वरम पहुंचेगी, जहां श्रद्धालु भगवान रामनाथस्वामी मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना करेंगे। रामेश्वरम में यात्रियों के लिए एक दिन का ठहराव निर्धारित किया गया है।

इसके बाद सभी यात्रियों को मदुरई ले जाया जाएगा, जहां वे विश्व प्रसिद्ध मीनाक्षी अम्मन मंदिर के दर्शन करेंगे। धार्मिक अनुष्ठानों के बाद विशेष ट्रेन निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार वापस जयपुर लौटेगी।

स्टेशन पर भावुक हुआ माहौल

विशेष ट्रेन के रवाना होने से पहले ढेहर का बालाजी रेलवे स्टेशन पर भावनात्मक माहौल देखने को मिला। कई बुजुर्ग पहली बार इतने लंबे धार्मिक सफर पर निकले। उनके परिजनों ने उन्हें शुभकामनाओं के साथ विदा किया।

देवस्थान विभाग की ओर से सभी यात्रियों का तिलक लगाकर और माल्यार्पण कर स्वागत किया गया। स्टेशन पर मौजूद लोगों ने यात्रियों का उत्साहवर्धन किया और धार्मिक जयघोषों के बीच ट्रेन अपने गंतव्य के लिए रवाना हुई।

सरकार की प्राथमिकता में वरिष्ठ नागरिक कल्याण

राजस्थान सरकार का कहना है कि वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना केवल धार्मिक यात्रा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बुजुर्गों के सम्मान और उनके सामाजिक कल्याण से भी जुड़ी हुई है। सरकार लगातार ऐसी योजनाओं के माध्यम से वरिष्ठ नागरिकों के जीवन को अधिक सम्मानजनक और सुविधाजनक बनाने का प्रयास कर रही है।

सरकार के अनुसार इस योजना से प्रदेश के हजारों वरिष्ठ नागरिकों को देश के प्रमुख तीर्थ स्थलों के दर्शन का अवसर मिल रहा है। सुरक्षित यात्रा, बेहतर व्यवस्थाओं और समुचित देखभाल के साथ यह योजना बुजुर्गों की आस्था और विश्वास को सम्मान देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखी जा रही है।

GOLDEN HIND DESK