सरकारी स्कूलों के निर्माण काम में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, अधिकारी खुद करें जांच: ACS
राजस्थान के सरकारी स्कूलों में चल रहे भवन निर्माण और मरम्मत के काम को लेकर शिक्षा विभाग ने सख्त निर्देश दिए हैं। स्कूली शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेश यादव ने अधिकारियों से कहा है कि स्कूलों में होने वाले काम की गुणवत्ता अच्छी होनी चाहिए। अगर काम में लापरवाही मिली तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
राजेश यादव ने सोमवार को शासन सचिवालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए स्कूलों के निर्माण कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे केवल कागजों में काम की जानकारी न लें, बल्कि खुद स्कूलों में जाकर काम की जांच करें।
16 हजार से ज्यादा काम चल रहे
राजस्थान के सरकारी स्कूलों में इस समय बड़ी संख्या में निर्माण और मरम्मत के काम चल रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2026-27 में अलग-अलग योजनाओं के तहत करीब 3,037 करोड़ रुपए के काम मंजूर किए गए हैं।
इनमें:
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1,293 नए स्कूल भवन
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5,348 बड़े मरम्मत के काम
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9,334 नए या अतिरिक्त कक्षा-कक्ष
शामिल हैं।
फिलहाल करीब 290 नए स्कूल भवन, 599 मरम्मत के काम और 2,099 कक्षा-कक्षों का निर्माण चल रहा है।
अधिकारियों को इन सभी कामों को तय समय में पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
काम की गुणवत्ता पर खास ध्यान
ACS राजेश यादव ने कहा कि स्कूलों में निर्माण का काम तय तकनीकी नियमों के अनुसार ही होना चाहिए। भवन बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री और काम की गुणवत्ता की लगातार जांच होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा मामला होने के कारण स्कूल भवनों के निर्माण में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
नागौर में लापरवाही पर इंजीनियर के खिलाफ कार्रवाई
बैठक में नागौर जिले के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, कोनी में चल रहे निर्माण कार्य की भी चर्चा हुई। यहां काम की तकनीकी निगरानी में पहली नजर में गंभीर लापरवाही मिलने पर संबंधित कनिष्ठ अभियंता को निलंबित करने के निर्देश दिए गए।
ACS ने कहा कि निर्माण कार्य में नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।
अधिकारी खुद स्कूलों में जाकर देखें काम
राजेश यादव ने जिला और ब्लॉक स्तर के अधिकारियों को ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों का दौरा करने के निर्देश दिए। अधिकारियों को स्कूलों में चल रहे नए भवन और मरम्मत के काम को मौके पर जाकर देखने को कहा गया है।
उन्होंने कहा कि सिर्फ पत्र लिखने या रिपोर्ट भेजने से काम पूरा नहीं होगा। अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि स्कूलों में जरूरी काम समय पर पूरा हो।
अगर किसी काम में परेशानी आ रही है तो उसकी जानकारी तुरंत राज्य स्तर के अधिकारियों को दी जाए, ताकि समस्या का समाधान किया जा सके।
स्कूलों में शौचालय भी जरूरी
बैठक में स्कूलों में शौचालयों की सुविधा पर भी जोर दिया गया। ACS ने कहा कि सभी सरकारी स्कूलों में बच्चों के लिए पर्याप्त और आसानी से इस्तेमाल किए जा सकने वाले शौचालय होने चाहिए।
जहां शौचालय की जरूरत है, वहां काम को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
बारिश में बच्चों की सुरक्षा का रखें ध्यान
राजस्थान के कई जिलों में भारी बारिश को देखते हुए स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया है।
अधिकारियों को पुराने और कमजोर भवनों की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। अगर किसी स्कूल भवन में खतरा नजर आता है तो तुरंत जरूरी कदम उठाने को कहा गया है।
कई योजनाओं की भी हुई समीक्षा
बैठक में शिक्षा विभाग की कई योजनाओं के काम की भी जानकारी ली गई। इनमें PM-JANMAN, PM श्री योजना, समग्र शिक्षा अभियान, STARS प्रोजेक्ट और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान शामिल हैं।
इसके अलावा DIET को बेहतर बनाकर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने के काम की भी समीक्षा की गई।
अधिकारियों की समस्याओं पर भी हुई चर्चा
जिला स्तर के अधिकारियों ने निर्माण कार्यों में आ रही कई समस्याओं की जानकारी दी। इनमें जमीन से जुड़े विवाद, जमीन का नामांतरण, टेंडर में देरी, साइट की जांच और ठेकेदारों के बिल का भुगतान जैसी समस्याएं शामिल हैं।
काम को तेजी से पूरा करने के लिए टेंडर प्रक्रिया को आसान बनाने और निर्माण की गुणवत्ता जांचने के लिए लैब बनाने जैसे सुझावों पर भी चर्चा हुई।
समय पर पूरा हो काम
ACS राजेश यादव ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि सरकारी स्कूलों में चल रहे सभी निर्माण और मरम्मत के काम समय पर पूरे किए जाएं।
उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से स्कूलों के विकास के लिए पैसा मंजूर किया जा रहा है, इसलिए उसका सही इस्तेमाल होना चाहिए और इसका फायदा सीधे बच्चों को मिलना चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि स्कूलों में अच्छे भवन, पर्याप्त कक्षाएं, शौचालय और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है। काम में किसी भी तरह की लापरवाही मिलने पर जिम्मेदारी तय की जाएगी।
GOLDEN HIND DESK